संन्यास लूं या ना लूं, टेनिस के प्रति कभी कम नहीं होगा जुनून: लिएंडर पेस

कोविड-19 महामारी के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है और भारतीय टेनिस खिलाड़ी इस समय का आनंद अपने परिवार के साथ उठा रहे हैं।

भारत के दिग्गज टेनिस स्टार लिएंडर पेस ( Leander Paes) का टेनिस के साथ प्यार उनके संन्यास के बाद भी जारी रहेगा सात बार के ओलंपियन ने अपने पेशेवर करियर में हर एक दिन दिखाया कि वह इस खेल से कितना प्यार करते हैं, इस खेल को खेलते हुए अब उन्हें 3 दशक हो गए हैं।

पेस ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि “मैं हमेशा टेनिस खेलते रहना चाहता हूं। मैं यह किसी भी प्रकार से कर सकता हूं।” 46 साल के इस खिलाड़ी ने कहा कि “चाहे वह सीनियर्स हो या प्रदर्शनी, वह विश्व टीम टेनिस हो या लीग या वह मैं परिवार के साथ मौज-मस्ती के लिए खेल रहा हूं, टेनिस को अपनी जिंदगी में हमेशा रखूंगा।”

पेस ने बताया कि “अगर प्रोफेशनल टेनिस के बारे में बात करें तो हमें इस साल के अंत में मूल्यांकन करना होगा।"

1996 के अटलांटा खेलों के कांस्य पदक विजेता लिएंडर पेस ने घोषणा की थी कि यह पेशेवर टेनिस सर्किट में उनका आखिरी सत्र होगा। इस खिलाड़ी ने टोक्यो ओलंपिक में आखिरी बार उतरने का फैसला किया था।

हालांकि, टोक्यो गेम्स को अब कोविड-19 महामारी के कारण साल 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है इसलिए लिएंडर पेस की योजनाएं अनसुलझी रह गईं।

भारतीय स्टार ने कहा कि “अब ओलंपिक 2021 में होगा इसलिए लॉकडाउन के बाद या साल के अंत में जब चीजें टेनिस में शुरू होंगी तो मैं और पूरी टीम मूल्यांकन करेंगे कि क्या मुझे अगले साल जारी रखना चाहिए या नहीं।"

लिएंडर के पिता वेस पेस (Vece Paes), जिन्होंने 1972 ओलंपिक खेलों में हॉकी में कांस्य जीता था और उनके पूर्व युगल साथी महेश भूपति (Mahesh Bhupati) ने पहले इस बात को जाहिर किया था कि सात बार के ओलंपियन कैसे 2020 ओलंपिक तक खेलना जारी रख सकते हैं।”

अगले जुलाई में होने वाले टोक्यो खेलों के लिए कई अन्य लोग उम्मीद कर रहे हैं कि लिएंडर पेस अपने पिता और पूर्व युगल साथी की सलाह पर ध्यान देंगे।

लॉकडाउन के दौरान अपने परिवार के साथ समय

मौजूदा समय में कोरोना वायरस के कारण चल रहे लॉकडाउन ने लोगों को पहली बार इतने लंबे समय तक घर में रहने को मजबूर कर दिया है और लिएंडर पेस भी इस समय अपने परिवार के साथ समय गुज़ार रहे हैं।

पेस ने कहा कि “यह बहुत अच्छा है कि मैं अपने परिवार के साथ इस समय को बिता रहा हूं। मैंने कभी भी इतना वक़्त अपने परिवार के साथ नहीं बिताया है क्योंकि मैं पिछले 20 साल से खेल रहा हूं।”

उन्होंने कहा कि “मैं साल में चालीस हफ्ते खेल और ट्रैवल में व्यस्त रहता हूं इसलिए मैं इस समय का अच्छी तरह से फायदा उठाते हुए अपने परिवार के साथ समय बिता रहा हूं।”

18 बार के ग्रैंडस्लेम चैंपियन और भारतीय इतिहास के सबसे सफल टेनिस खिलाड़ी में शुमार लिएंडर पेस ने साल 1996 अटलांटा ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए 44 साल के व्यक्तिगत मेडल के सूखे को खत्म किया था।

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