46 साल की उम्र में भी लिएंडर पेस के पास सीखने की ललक

भारत के महान टेनिस खिलाड़ी खेल से अभी दूर हैं और वह लॉकडाउन में मिले इस समय को अपने परिवार के साथ बिता रहे हैं।

भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस (Leander Paes) ने पिछले कुछ वर्षों में अपने खेल में लगातार सुधार किया है और वह खेल में नए कौशल के महत्व को अच्छी तरह समझते हैं। इसमें आश्चर्च की कोई बात नहीं है कि 46 साल की उम्र में भी ये खिलाड़ी कुछ ना कुछ सीखने की कोशिश कर रहा है। लॉकडाउन के समय में वह शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को फिट रख रहे हैं।

ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (एआईटीए) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कोचों के लिए एक वेबिनार के दौरान लिएंडर पेस ने कहा कि “लॉकडाउन के समय नए कौशल को सीखना बहुत महत्वपूर्ण है।”

ओलंपिक में सात बार भाग ले चुके पेस का करियर लंबा और शानदार रहा है। इस खिलाड़ी ने तीन दशकों के करियर में 18 युगल ग्रैंड स्लैम जीते हैं।

नई कला सीखने का जज्बा

खुद को मजबूत और ज़्यादा मजबूत करने की कला में महारथ हासिल कर चुके इस खिलाड़ी को लगता है कि लंबे समय तक खेल में टिके रहना आसान नहीं है। अगर लंबे करियर की बात करें तो पेस एक सटीक उदाहरण भी है।

सात बार के ओलंपियन लिएंडर पेस ने तीन दशक तक कोर्ट पर राज किया 
सात बार के ओलंपियन लिएंडर पेस ने तीन दशक तक कोर्ट पर राज किया सात बार के ओलंपियन लिएंडर पेस ने तीन दशक तक कोर्ट पर राज किया 

पेस ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि अगर टेनिस की बात करें तो "मार्टिना हिंगिस (Martina Hingis), मार्टिना नवरातिलोवा (Martina Navratilova), रोजर फेडरर (Roger Federer), आंद्रे अगासी (Andre Agassi) और दूसरों खेलों में देखें तो सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar), बाईचुंग भूटिया (Bhaichung Bhutia), (विशी) विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand) जैसे कुछ नाम हैं, जिनके करियर बहुत लंबा है।

भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि “मैंने हमेशा अपने साथियों और दोस्तों से सीखने की कोशिश की है कि कैसे वह फिटनेस, मानसिक खुशी, रिकवरी और अपने आप को मजबूत रखते हैं।"

अब अपने जन्मदिन से एक महीने दूर लिएंडर पेस ने कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन में सीखा है कि कैसे वह इस समय में खेल में सुधार के साथ-साथ खुद को मजबूत कर सकते हैं।

भारतीय स्टार ने आगे बताते हुए कहा कि “मैं अपने पिता, फिटनेस कोच, डाइटिशियन और मेंटल ट्रेनर की वजह से टीम में वापस आ पाया।” पेस ने कहा कि जब मैं 43 साल का था तो मैंने अपनी ट्रेनिंग को और कड़ा किया, उसके बाद फिर मैंने कड़ी ट्रेनिंग की और अब लॉकडाउन के समय भी मैं ऐसा ही कर रहा हूं।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि “मुझे लगता है कि मेरे करियर में मैंने हमेशा विधार्थी के रूप में सीखा है, जिसका मुझे फायदा हुआ। मुझे लगता है कि दुनिया के जितने भी महान खिलाड़ी हैं, वे यही करते हैं। मैंने देखा है कि वे सभी पहलूओं पर काम करते हैं।”

कौशल पर लगातार काम

चाहे वह टेनिस हो या जिंदगी, लिएंडर पेस हमेशा कुछ ना कुछ सीखने के लिए तैयार रहते हैं। इस समय वह घर पर अपनी खाना बनाने वाली स्किल्स पर काम कर रहे हैं।

भारतीय स्टार ने बताया कि “मैं पास्ता और सलाद का विशेषज्ञ हूं। नाश्ता मेरे पसंदीदा भोजन में से एक है। मैं सुबह, दोपहर या रात का नाश्ता कर सकता हूं। और मुझे विभिन्न प्रकार के नाश्ते बनाना बहुत पसंद है। हां जब बात खाने की आती है तो मैं उसे काफी गंभीर होकर करता हूं।”

इसके अलावा उन्होंने कहा कि “जब मैं टेनिस नहीं खेल रहा होता हूं तो कुकिंग सीखता हूं। इसके लिए मैं कुकिंग क्लास भी लेता हूं, मैंने मिशेलिन शेफ कुकिंग क्लास ज्वॉइन की हुई है, फ्रेंच पास्ता मुझे बहुत पसंद है।”

टोक्यो गेम्स के स्थगित होने के बाद अटलांटा 1996 के कांस्य पदक विजेता को अपने आठवें ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए खुद को एक साल तक मजबूत रखने के लिए प्रेरित करना होगा।

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