चिली ओपन में जीत की 'शरण' में आए दिविज शरण 

टाटा महाराष्ट्र ओपन के बाद से दिविज शरण और उनके जोड़ीदार आर्टेम सिताक ने राउंड ऑफ़ 16 का कोई भी मुकाबला नहीं हारा है। 

एटीपी चिली ओपन (ATP Chile Open) के दौरान भारतीय डबल्स टेनिस स्टार दिविज शरण और उनके न्यूज़ीलैंड साथी आर्टेम सिताक (Artem Sitak) ने फर्नांडो रोम्बोली (Fernando Romboli) और थियागो मोंटिरो (Thiago Monteiro) को सीधे सेटों में मात देकर क्वार्टरफाइनल में कदम रख लिए हैं। इस मुकाबले में शरण और सिताक ने 7(7)-6(5), 7(7)-6(2) के स्कोर से जीत हासिल कर क्ले सीज़न की शुरुआत शानदार तरीके से की है।

सेंटियागो में हुए इस मुकाबले में दोनों सेटों को शरण और सिताक ने टाई ब्रेकर के ज़रिए जीत हासिल की और अपने कारवां को आगे बढ़ाया। वहीं, दूसरी तरफ एटीपी पाऊ चैलेंजर (ATP Pau Challenger) के दौरान भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाफसुमित नागल (Sumit Nagal) को जूझते हुए देखा गया। फ्रेंच खिलाड़ी ह्यूगो ग्रेनियर (Hugo Grenier) के सामने खेलते हुए नागल को 1-6, 6-2, 3-6 से हार का सामना करना पड़ा।

दिविज और आर्टेम का प्रदर्शन शानदार रहा

भारतीय टेनिस खिलाड़ी दिविज शरण और उनके जोड़ीदार आर्टेम सिताक की बात की जाए तो इन दोनों खिलाड़ियों ने टाटा ओपन महाराष्ट्र (Tata Open Maharashtra) के बाद अब तक राउंड ऑफ़ 16 तक का कोई भी मुकाबला नही हारा है। हालांकि शरण और सिताक की जोड़ी को टाटा ओपन में लिएंडर पेस (Leander Paes) और मैथ्यू एब्डेन (Matthew Ebden) की जोड़ी के सामने शिकस्त झेलनी पड़ी थी, लेकिन अब मामला कुछ और है। इन दोनों ही खिलाड़ियों ने अपनी बेहतरीन फॉर्म के जरीए अपने कौशल का प्रमाण दिया है।

भारतीय टेनिस खिलाड़ी दिविज शरण और उनके जोड़ीदार आर्टेम सिटक ने फर्नांडो रोम्बोली और थियागो मोंटिरो को सीधे सेटों में मात दी। 
भारतीय टेनिस खिलाड़ी दिविज शरण और उनके जोड़ीदार आर्टेम सिटक ने फर्नांडो रोम्बोली और थियागो मोंटिरो को सीधे सेटों में मात दी। भारतीय टेनिस खिलाड़ी दिविज शरण और उनके जोड़ीदार आर्टेम सिटक ने फर्नांडो रोम्बोली और थियागो मोंटिरो को सीधे सेटों में मात दी। 

पहले सेट में शरण और सिताक दिशाहीन दिख रहे थे, जिसकी वजह से ब्राज़ील की जोड़ी उन्हें कई मौकों पर पस्त करने में सफल भी हुई। वहीं, पहली और तीसरी गेम में शरण और सिताक की सर्व को ब्राज़ीलियन जोड़ी ने ब्रेक किया, जिसका प्रभाव खेल पर भी पड़ा। हालांकि इस इंडो-कीवी जोड़ी ने जल्द ही वापसी के संकेत दिए और अपने प्रतिद्वंदियों के खिलाफ दो-दो ब्रेक पॉइंट्स हासिल किए।

शरण और सिताक ने खेल के दौरान अपने मनोबल को बढ़ाए रखा और टाई ब्रेकर में चतुराई भरा प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को अपने हक में किया। इस दौरान देखा गया कि भारतीय शरण और उनके कीवी साथी नेफर्नांडो रोम्बोली और थियागो मोंटिरो की दूसरी और सातवीं सर्व को ब्रेक कर 5-2 से बढ़त हासिल की। हालांकि, रोम्बोली औरमोंटिरो के हौसलों की भी तारीफ़ करनी होगी कि उन्होंने आसानी से हार नहीं मानी और 9वीं सर्व को ब्रेक कर मुकाबले में वापसी की। वहीं, दोनों ही जोड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन टाई ब्रेकर में अपने खेल को काबू में करते हुए शरण और सिताक की जोड़ी ने यह सेट 7-5 से जीत लिया।

दूसरे सेट की अंजाम भी कुछ पहले सेट जैसा ही रही। मुकाबला मानों पेंडुलम की तरह दोनों पक्षों की ओर झूल रहा था। इस बार 8वीं और 11वीं सर्व को रोम्बोली और मोंटिरो ने ब्रेक कर अपनी परीक्षा को अव्वल नंबर से पार किया। अब खेल रोमांचक बनता जा रहा था और सभी खिलाड़ियों में जोश देखते ही बन रहा था तो वहीं, शरण और सिताक अपनी निश्चित रणनीति पर ही टिके रहे और मौका मिलते ही उन्होंने चार ब्रेक पॉइंट्स अपने नाम किए और सेट को टाई ब्रेकर तक ले जाने में सफर रहे।

टाई ब्रेकर की बात करें तो शरण और सिताक ने प्रभावशाली खेल दिखाया और अपने प्रतिद्वंदियों को हमेशा बैकफुट पर ही रखा। इस बार रोम्बोली और मोंटिरो की जोड़ी डगमगाती दिखी। जिसका दिविज और शरण ने फायदा उठाया और अपने प्रतिद्वंदियों की सर्व को ब्रेक किया। इस इंडो-कीवी जोड़ी ने 4 बार सर्व ब्रेक कर सेट को 7-2 से अपने नाम किया और इसी के साथ मुकाबले पर भी अपनी मुहर लगा दी। अंतिम स्कोर दिविज शरण और आर्टेम सिताक के हक में 7(7)-6(5), 7(7)-6(2) से गया और ज़ाहिर सी बात है कि ऐसे प्रदर्शन के बाद हर खिलाड़ी का मनोबल सातवें आसमान पर होता है।

शरण और सिताक की जोड़ी अब एटीपी 250 इवेंट (ATP 250 event) क्वार्टरफाइनल में स्पेन के एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना (Alejandro Davidovich Fokina) और रॉबर्टो कार्बोले बेना (Roberto Carballés Baena) के सामने खेलती नज़र आएगी।

सुमित नागल नहीं दे पाए अपने कौशल का प्रमाण

चिली ओपन के बाद बात करते हैं भारतीय सिंगल्स टेनिस के सितारे सुमित नागल की। जहां पौऊ फ्रांस में चल रहे एटीपी चैलेंजर टूर (ATP Challenger Tour) में भारतीय नागल को फ्रांस के ही ह्यूगो ग्रेनियर (Hugo Grenier) के सामने 1-6, 6-2, 3-6 से हार का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि विश्व के 126 नंबर खिलाड़ी नागल को उनसे छोटी रैंक कग्रेनियर ने कोर्ट पर मात दी। इससे यह साबित करता है कि कोई खेल उम्र का मोहताज नहीं है और वे विजेता को उसके कौशल और सब्र की वजह से चुनता है। इस हार के बाद नागल का पौऊ चैलेंजर (Pau Challenger) जीतने का सपना अधूरा रह गया और वे राउंड ऑफ़ 16 तक का भी सफ़र तय नहीं कर पाए।

अगर सुमित नागल के फॉर्म की बात की जाए तो वे उनके पक्ष में ही थी। बेंगलुरु टेनिस ओपन (Bengaluru Tennis Open) में भी इस खिलाड़ी ने राउंड ऑफ़ 16 तक का सफ़र तय किया था, लेकिन उसके आगे नहीं बढ़ सके। इस चैंपियनशिप में उनके रास्ते में बाधा स्लोवेनिया के ब्लाज़ रोला (Blaž Rola) ने डाली थी, जिस वजह से उन्हें हार का सामना करते हुए प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा।

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