प्रजनेश गुणेश्वरन फिर से बनेंगे टेनिस में भारत के नंबर-1 खिलाड़ी 

ऑरलैंडो चैलेंजर के सेमीफाइनल में जगह बनाने के बाद भारतीय टेनिस खिलाड़ी एटीपी रैंकिंग में 133वें स्थान पर पहुंच जाएंगे।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

जब अगले सप्ताह एटीपी रैंकिंग की घोषणा की जाएगी, तो प्रजनेश गुणेश्वरन (Prajnesh Gunneswaran) शीर्ष क्रम के भारतीय टेनिस खिलाड़ी बन जाएंगे।

अमेरिका के फ्लोरिडा में एटीपी चैलेंजर इवेंट में चल रहे ऑरलैंडो ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाने के बाद चेन्नई में जन्मे इस खिलाड़ी ने ये उपलब्धि हासिल की है।

कज़ाकिस्तान के दिमित्री पोपको (Dmitry Popko) पर उनकी जीत का मतलब है कि प्रजनेश गुणेश्वरन एटीपी चार्ट पर कम से कम 133वें स्थान पर पहुंच जाएंगे, हालांकि वो इस सप्ताह चैलेंजर इवेंट के फाइनल में जगह बनाने में असफल रहे हैं।

सुमित नागल (Sumit Nagal) को 136वें स्थान पर रखा गया है। एटीपी रैंकिंग चार्ट पर नए अपडेट में प्रजनेश गुणेश्वरन सबसे अधिक रैंक वाले भारतीय खिलाड़ी बनेंगे, इस स्थान पर वो 2019 में पहुंचे थे।

2019 का सीज़न प्रजनेश गुणेश्वरन के लिए यादगार रहा था। ये वो साल था, जहां वो सभी चार ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने सफल रहे थे और एटीपी सर्किट पर कुछ शानदार जीत दर्ज की थी।

हालांकि वो चोट और अपने पिता की मृत्यु की वजह से 2019 तक एक जैसे प्रदर्शन को बरकरार नहीं रख सके। जिसके बाद प्रजनेश गुणेश्वरन 2020 का इंतज़ार कर रहे थे।

लेकिन COVID-19 महामारी और भविष्य के दौरों और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंध ने कुछ हद तक उनकी योजनाओं में बाधा डाल दी।

जबकि सुमित नागल भारत में रहने वाले खिलाड़ियों की तुलना में बहुत पहले अपना सीज़न फिर से शुरू कर सकते थे। प्रजनेश गुणेश्वरन ने एक बार दौरा शुरू करने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।

जबकि भारतीय टेनिस खिलाड़ी सितंबर में ऑस्ट्रिया के एटीपी 250 इवेंट जेनरली ओपन में कोर्ट पर लौटे थे, लेकिन एक महीने तक प्रजनेश गुणेश्वरन अपनी जीत की पटरी पर नहीं लौट सके थे।

प्रजनेश ने जर्मनी के इस्मानिंग में एक एटीपी चैलेंजर वोल्फक्रान ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई और अटलांटिक टायर चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे थे - साथ ही नॉर्थ कैरोलिना में हुए एटीपी चैलेंजर इवेंट में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था।

अगर प्रजनेश ऑरलैंडो खिताब हासिल कर लेते हैं, तो इस साल को एक अच्छे अंजाम पर खत्म करने और और 2021, ओलंपिक वर्ष को अच्छे तरीके से शुरू कर पाएंगे।