रोहन बोपन्ना COVID-19 ब्रेक के बाद अपना पहला ख़िताब जीतने से महज़ एक क़दम दूर

बोपन्ना-मिडेलकूप की जोड़ी ने यूरोपियन ओपन के फाइनल में अपनी जगह बनाने के लिए सुपर टाई-ब्रेकर में विजियन-गिले की जोड़ी को हराया।

लेखक रितेश जायसवाल ·

दिग्गज टेनिस स्टार खिलाड़ी रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) और उनके डच जोड़ीदार मातवे मिडेलकूप (Matwe Middelkoop) शनिवार देर रात एटीपी 250 यूरोपियन ओपन में सुपर टाई-ब्रेकर के ज़रिए फाइनल में जगह बनाने में कामयाब रहे।

बोपन्ना-मिडेलकूप की जोड़ी ने बेल्जियम के एंटवर्प में सेमीफाइनल में पांचवीं वरीयता प्राप्त बेल्जियम के जोरान विजियन (Joran Vligen)  और सैंडर गिले (Sander Gille) की स्थानीय पसंदीदा जोड़ी को 4-6, 6-3, 10-8 से शिकस्त दी।

दोनों जोड़ियों ने छठे गेम तक किसी को भी कोई मौक़ा न देते हुए शानदार शुरुआत की। बोपन्ना-मिडेलकूप ने अपनी सातवीं सर्विस गंवा दी और यह एकमात्र ब्रेक रहा, क्योंकि विजियन-गिले की जोड़ी ने शुरुआती सेट अपने नाम कर लिया।

इंडो-डच जोड़ी आगे भी इस फॉर्म को जारी नहीं रख सकी और जब खेल आगे बढ़ा तो नतीजा सभी के सामने था। बोपन्ना-मिडेलकूप ने लगातार अपनी सर्विस जारी रखी, उन्होंने अपने विरोधियों को सेट के दौरान केवल दो ब्रेक अंक दिए, लेकिन बाद में वे दोनों को ही बचाने में कामयाब रहे।

बोपन्ना-मिडेलकूप की जोड़ी ने आठवें गेम में 5-3 की बढ़त बनाई और दूसरा सेट जीतने के लिए अपनी सर्विस की। इसी के साथ मैच सुपर टाई-ब्रेकर में पहुंच गया।

अगला सेट भी काफी रोमांचक रहा और सबसे पहले 10 हासिल करने की होड़ में यह मुक़ाबला दिलचस्प होता चला गया।

कोई भी जोड़ी हार मानने को तैयार नहीं थी, सर्विस के ज़रिए अंक हासिल करने पर दूसरी जोड़ी भी ठीक उसी सुर और ताल में अपना जवाब दे रही थी।

हालांकि, स्कोर 8-8 से बराबरी पर होने के बाद बोपन्ना-मिडेलकूप की जोड़ी ने एक महत्वपूर्ण अंक हासिल करते हुए 9-8 से बढ़त बना ली। इसके बाद शानदार खेल प्रदर्शन करते हुए इस जोड़ी ने 10 वां अंक जीता और फाइनल में जगह बना ली।

एक और कड़ी चुनौती रविवार शाम को समिट क्लैश में इंडो-डच जोड़ी का इंतजार कर रही है, जहां उनका सामना दूसरी वरीयता प्राप्त आस्ट्रेलियाई जॉन पीयर्स और माइकल वीनस से होगा।

जर्मनी में हारे गुणेश्वरन

इस बीच बोपन्ना के हमवतन साथी प्रजनेश गुणेश्वरन (Prajnesh Gunneswaran) जर्मनी के इस्मानिंग में एटीपी चैलेंजर वोल्फक्रैन ओपन में अपनी चुनौती नहीं पेश कर पाए।

लगातार तीन-तीन जीत हासिल करने के बाद गुणेश्वरन थोड़े थके हुए नज़र आए और सेमीफाइनल में डचमैन बोटिक वैन डी ज़ांडशल्प (Botic van de Zandschulp) से 7-6, 6-1 से हार गए।