सिंगल्स मुक़ाबले जीतने से ही भारत डेविस कप के एलिट ग्रुप में पहुंच सकता है: रोहन बोपन्ना

बोपन्ना ने कहा कि ग्रैंड स्लैम जीतने के अलावा, प्रत्येक खिलाड़ी के लिए एक देश का प्रतिनिधित्व करना सबसे बड़ी बात होती है।

अनुभवी भारतीय डबल्स टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) का मानना ​​है कि डेविस कप जीतने के लिए भारत को डबल्स के अलावा सिंग्लस खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

तीन बार का उपविजेता देश भारत कभी विश्व ग्रुप में नियमित रुप से खेलता था, लेकिन डेविस कप के फॉर्म में कुछ समय से लगातार गिरावट देखने को मिली है।

रोहन बोपन्ना का मानना ​​है कि सिंगल्स में भारत के प्रदर्शन से इसपर सबसे ज्यादा असर होता है। 

डेक्कन हेराल्ड के साथ एक पॉडकास्ट में रोहन बोपन्ना ने कहा, "जब आप डेविस कप खेलते हैं तो यहां सिर्फ मैच (डबल्स) जीतना महत्वपूर्ण नहीं होता है, आपको एक टीम के रूप में जीतने की जरूरत होती है।"

"अगर आप डबल्स की तरह सिंगल्स भी खेलते हैं, तो मुझे लगता है कि हम डेविस कप चैंपियन बन सकते हैं।

बोपन्ना ने कहा, "सिंग्लस मुक़ाबला जीतने से हमें पांच में से चार अंक मिलते हैं। इसलिए, जिस दिन हम ऐसा करना शुरू करेंगे, इससे बहुत फर्क पड़ेगा।”

बेंगलुरु के टेनिस खिलाड़ी ने भारत के 2010 डेविस कप अभियान का उदाहरण दिया, जब देश ने प्ले-ऑफ में ब्राज़ील से बेहतर स्थान हासिल कर विश्व ग्रुप बर्थ को बरकरार रखा था।

रोहन बोपन्ना का मानना है कि डेविस कप में सफलता हासिल करने के लिए डबल्स के साथ सिंगल्स खिलाड़ियों को भी अच्छा करना होगा
रोहन बोपन्ना का मानना है कि डेविस कप में सफलता हासिल करने के लिए डबल्स के साथ सिंगल्स खिलाड़ियों को भी अच्छा करना होगारोहन बोपन्ना का मानना है कि डेविस कप में सफलता हासिल करने के लिए डबल्स के साथ सिंगल्स खिलाड़ियों को भी अच्छा करना होगा

“यदि आप 2010 में पीछे मुड़कर देखें, तो सोमदेव देववर्मन (Somdev Devvarman) और मैंने टीम को विश्व ग्रुप में लाने के लिए सिंगल्स मैच जीते थे।

उन्होंने कहा, “आज हम जिस भी जगह हैं, अगर हम सिंगल्स मैच नहीं जीतते हैं तो हम विश्व ग्रुप स्टेज पर नहीं खेल सकेंगे।”

ग्रैंड स्लैम के बाद डेविस कप सबसे बड़ा स्टेज

2002 से डेविस कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद, रोहन बोपन्ना ने एक लंबा सफर तय किया है।

हालांकि भारत ने नियमित रूप से विश्व ग्रुप में आगे बढ़ने के लिए संघर्ष किया है। रोहन बोपन्ना का कहना है कि डेविस कप में भाग लेने का मतलब है, ग्रैंड स्लैम खिताब के बाद दूसरे सबसे बड़ी प्रतियोगिता में भाग लेना।

उन्होंने कहा, “मैंने लिएंडर पेस (Leander Paes) और महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) से बहुत कुछ सीखा। आज, मैं उन युवाओं की मदद कर सकता हूं जो अब टीम में आ रहे हैं।

उन्होंने कहा, “डेविस कप में खेलने का दबाव महसूस करना मेरे लिए सबसे बड़ी बात है। ग्रैंड स्लैम जीतने के अलावा, प्रत्येक खिलाड़ी के लिए एक देश का प्रतिनिधित्व करना सबसे बड़ी बात होती है।”

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