गर्भावस्था ने मुझे एक बेहतर इंसान बनाया: सानिया मिर्ज़ा 

2018 में अपने बेटे को जन्म देने के बाद भारतीय टेनिस स्टार ने इस साल की शुरुआत में होबार्ट इंटरनेशनल में वुमेंस डबल्स का ख़िताब जीतकर टेनिस कोर्ट पर वापसी की थी।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा (Sania Mirza) के लिए ये एक शानदार साल रहा है।

कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी को छोड़ दें, तो इस सीजन में सानिया ने अपने बेटे इज़हान को जन्म देने के बाद कोर्ट में वापसी की।

सीजन-ओपनिंग होबार्ट इंटरनेशनल WTA इवेंट में वापसी करते हुए सानिया मिर्ज़ा ने यूक्रेन की जोड़ीदार नादिया किचेनोक (Nadiia Kichenok) के साथ खिताबी जीत हासिल की। उससे पहले वो चोट लगने के कारण ऑस्ट्रेलियाई ओपन से बाहर हो गई थीं।

कोर्ट से दूर बिताए अपने समय के बारे में बात करते हुए, सानिया मिर्ज़ा ने एन ओड टू ऑल मदर्स (An Ode to All Mothers) शीर्षक नाम के पत्र में लिखा, ये एक ऐसी अवधि थी जिसे वो कभी भी नहीं भूल सकतीं।

सानिया मिर्जा ने लिखा, "गर्भावस्था और एक बच्चे के जन्म ने मुझे एक बेहतर इंसान बना दिया।"

“गर्भावस्था एक ऐसी चीज़ है, जिसे मैंने अपने जीवन में पहली बार अनुभव किया था। मैंने इसके बारे में सोचा था और मुझे लगता है कि हम सभी के पास इसके बारे में एक निश्चित तस्वीर होती है।”

“लेकिन एक बार जब आप इसे अनुभव करते हैं, तो आप वास्तव में इसका मतलब समझते हैं। ये आपको एक बेहतर इंसान के रूप में बदल देता है।”

"यह एक ऐसा अनुभव है जो आपको अपने और अपने शरीर का सम्मान करना सिखाता है, और आपको निस्वार्थ प्यार भी सिखाता है जो कम से कम मुझे कभी नहीं पता था।

गर्भावस्था के दौरान कई शारीरिक बदलावों से गुजरने के साथ, सानिया मिर्जा ने स्वीकार किया कि ऐसे पल भी थे जब उन्हें संदेह था कि क्या वो कभी भी प्रतिस्पर्धी टेनिस में लौट सकती हैं। लेकिन उनके दृढ़ निश्चय ने उन्हें लक्ष्य की ओर बढ़ाया

34 वर्षीय सानिया ने कहा, “गर्भावस्था के बाद उसी रूप में वापस आना एक चुनौती हो सकती है। मैं सेरेना विलियम्स (Serena Williams) और उनकी तरह हर दूसरी महिला से खुद को जोड़ कर देख सकती हूं। मुझे लगता है कि ये सभी के लिए सामान्य है क्योंकि आप नहीं जानते कि आपका शरीर गर्भावस्था के बाद और गर्भावस्था के दौरान कैसे प्रतिक्रिया देने वाला है।”

“अपनी गर्भावस्था के दौरान लगभग 23 किलोग्राम वजन बढ़ जाने के बाद, मुझे यक़ीन नहीं था कि मैं कभी फ़िट हो सकती हूं और फिर से टेनिस खेल सकती हूं।”

"हालांकि, मैंने बहुत सारे वर्कआउट नियम और डाइट के साथ लगभग 26 किलोग्राम वज़न कम कर लिया और टेनिस कोर्ट पर वापस आ गई क्योंकि जो मैं करती हूं उससे प्यार करती हूं। जब मैंने वापस आने के बाद होबार्ट में ख़िताब जीता, तो ये बहुत अद्भुत था।”

सानिया मिर्ज़ा ने महामारी से पहले इतिहास में पहली बार फेड कप प्ले-ऑफ में भारतीय टीम की अगुवाई की, उससे पहले महामारी के कारण यात्रा प्रतिबंधों की वजह से सीजन को रोक दिया गया।