युवाओं को बेहतर बनाने में मदद कर रहा है प्रजनेश गुणेश्वरन का अनुभव

भारतीय टेनिस खिलाड़ी युवा खिलाड़ियों को मदद करते हुए कुछ नया सीखने में विश्वास रखते हैं।

30 साल के भारतीय टेनिस खिलाड़ी प्रजनेश गुणेश्वरन (Prajnesh Gunneswaran) के जीवन में सफलता ऐसे मुकाम पर मिली, जब माना जाता है कि दूसरे खिलाड़ी अपने जीवन में उस मुकाम को पहले ही हासिल कर लेते हैं।

देर से कोर्ट पर कमाल करने वाले भारतीय टेनिस स्टार को खेल की बारीकियों को सीखना पड़ा, यही कारण है कि वो हमेशा होनहार युवा खिलाड़िओं के लिए समय निकालते हैं।

ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) द्वारा आयोजित एक वेबिनार में भारतीय टेनिस खिलाड़ी ने कहा “लोग कहते हैं कि सीखने का सबसे अच्छा तरीका एक शिक्षक होना है। मैंने देखा है कि जितना अधिक मैं अपने आसपास के खिलाड़ियों की मदद करता हूं, उतना ही मैं भी सीखता हूं।”

“मुझे अच्छा लगता है कि मुझे महसूस होता है कि मैंने कुछ चीजों को कठिन तरीके से सीखा है। मेरे पास कुछ चीजों को सही करने के लिए वो लोग नहीं थे, मुझे उन चीजों को सीखने के लिए छह महीने लगे या 10 मैच गंवाने पड़े।”

एक एक्टिव खिलाड़ी होने के दौरान युवा और आने वाले युवाओं को सुझाव देने से उन्हें जल्दी से आगे बढ़ने में मदद मिलती है। उनके पास वो कौशल भी है, जो उनके मेंटोर से भी अच्छा साबित हो सकता है। हालांकि, प्रजनेश गुनेश्वरन को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता।

उन्होंने बताया कि"जब मैं अपने विरोध के खिलाफ खेलता हूं, तो उस समय  मुझे पता होता है कि मैंने अपने भीतर फाइटर ढूंढ सकता हूं और उस तरीके को ढूंढता हूं जिससे मैं उसे हरा सकूं।"

"मैं उस लोगों में से नहीं हूं जो दूसरों की मदद नहीं करते हैं या उन्हें गलत सुझाव देते हैं, मैं कड़ी प्रतिस्पर्धा में विश्वास करता हूं और अगर हम दोनों सफल होते हैं तो मुझे बहुत खुशी होगी।"

शीर्ष -50 में जगह बनाना होगा लक्ष्य

भारतीय टेनिस स्टार पिछले कुछ वर्षों से धीरे-धीरे अपने लय में आने लगे हैं, एटीपी शीर्ष -100 में जगह बनाने वाले इस खिलाड़ी ने ग्रैंड स्लैम के मुख्य दौर में प्रवेश किया और देश के शीर्ष क्रम के खिलाड़ी बन गए।

प्रजनेश गुणेश्वरन को पिछले साल के अंत में कलाई और कंधे पर चोट लगी थी और बावजूद इसके उन्होंने इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में जगह बनाई। लेकिन बाद में वो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके।

वो इस वर्ष की शुरुआत में सुमित नागल (Sumit Nagal) से पिछड़ने के बाद शीर्ष क्रम के भारतीय टेनिस खिलाड़ी नहीं रहे, लेकिन चेन्नई के मूल निवासी इस खिलाड़ी को पता है कि उन्हें वापस लय में आने के लिए क्या करना है।

“मुझे लगता है कि मुझे अपने मानसिक शक्ति में सुधार करना होगा, जो इस स्तर पर बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे उस छठे गियर को अपने भीतर ढूंढना है और राह से नहीं भटकना है।”

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