रोहन बोपन्ना और डेनिस शापोवालोव ग्रैंड स्लैम जीत सकते हैं: ब्रायन बंधु

रोहन बोपन्ना और डेनिस शापोवालोव साल 2019 से जोड़ी बनाए हुए हैं। दोनों अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत यूएस ओपन और इटैलियन ओपन के क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे हैं।

लेखक रितेश जायसवाल ·

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता माइक ब्रायन (Mike Bryan) और बॉब ब्रायन (Bob Bryan) की टेनिस युगल जोड़ी का मानना है कि कनाडा के 21 वर्षीय डेनिस शापोवालोव (Denis Shapovalov) भारत के 40 वर्षीय रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) की जोड़ी का ताल-मेल काफी अच्छा है। पिछले साल से एक टीम के तौर पर बोपन्ना और शापोवालोव की इंडो-कनाडाई जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस दौरान खेले गए अपने कुल 24 युगल मैचों में उन्होंने 15 में जीत हासिल की है।

ब्रायन बंधुओं को लगता है कि खेल के प्रति इन दोनों खिलाड़ियों के अलग-अलग दृष्टिकोण के बावजूद युवा प्रतिभा और अनुभव का मिश्रण इस जोड़ी को काफी अच्छी तरह से संतुलित करता है।

माइक ब्रायन ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, “मुझे लगता है कि वे एक शानदार टीम बनाते हैं। बोपन्ना इतने लंबे समय से खेल रहे हैं, उनके पास काफी अनुभव है। वहीं शापोवालोव के पास प्रतिभा और अच्छा स्वभाव है। यह खेल शैली का एक बड़ा विपरीत उदाहरण है - एक युगल विशेषज्ञ है तो दूसरा एकल का शानदार खिलाड़ी जो सभी शॉट्स को हिट कर सकता है और वास्तव में जबरदस्त साबित हो सकता है।”

रोहन बोपन्ना और डेनिस शापोवालोव ATP मास्टर्स इवेंट के क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुंचे।

पिछले साल यूएस ओपन में राउंड ऑफ-16 तक पहुंचने के बाद रोहन बोपन्ना और डेनिस शापोवालोव की जोड़ी इस बार एक कदम आगे बढ़ी और 2020 यूएस ओपन के अपने अभियान को क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर समाप्त किया। इसके साथ ही शुक्रवार को यह जोड़ी इटैलियन ओपन से भी क्वार्टर-फाइनल में पहुंचकर बाहर हुई।

हालांकि, माइक ब्रायन का मानना है कि यह जोड़ी ग्रैंड स्लैम खिताब भी जीत सकती है।

माइक ब्रायन ने कहा, “रोहन को 40 की उम्र में पहुंचकर भी अभी तक अच्छा करते हुए देखना बहुत शानदार है। मुझे लगता है कि यदि वे थोड़ी देर के लिए एक साथ सही तालमेल बना लेते हैं, तो शायद वे ग्रैंड स्लैम खिताब भी जीत सकते हैं।”

रोहन बोपन्ना ने 2017 में फ्रेंच ओपन में मिश्रित युगल का खिताब जीता है। उन्होंने रोलैंड गैरोस में कनाडा के गैब्रिएला डाब्रोव्स्की (Gabriela Dabrowski) के साथ जोड़ी बनाकर यह खिताब जीता था।

रोहन बोपन्ना पाकिस्तान के आइसम-उल-हक कुरैशी के साथ 2010 में यूएस ओपन के पुरुष युगल के फाइनल में भी पहुंचे थे, जहां भारत-पाक एक्सप्रेस की यह जोड़ी ब्रायन बंधुओं से हार गई थी।

माइक ब्रायन ने आगे कहा, “रोहन शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। वह युगल के दिग्गजों में से एक रहे हैं और अब वह वास्तव में महेश भूपति और लिएंडर पेस के बिना भारतीय ध्वज को अच्छी तरह से आगे ले जा रहे हैं।”

रोहन बोपन्ना और डेनिस शापोवालोव की जोड़ी इस साल दो बार क्वार्टर-फाइनल और एक बार सेमीफाइनल में पहुंची है, जिससे साफतौर पर पता चलता है कि यह साझेदारी मजबूत हो रही है।

और ब्रायन बंधुओं को लगता है कि बोपन्ना का नेतृत्व प्रतिभाशाली है, लेकिन अनुभवहीन डेनिस शापोवालोव के साथ यह अच्छा तालमेल बनाता है।

16-बार ग्रैंड स्लैम विजेता जोड़ी ने कहा, "आपके पास रोहन जैसा अनुभव है जो टीम का नेतृत्व कर रहे हैं और युगल कोर्ट में शापोवालोव की प्रतिभा का मार्गदर्शन कर रहे हैं। वे बहुत खतरनाक हैं, वे किसी भी दिन किसी भी टीम को हरा सकते हैं। यह कुछ बड़े पलों में एक साथ आगे बढ़ने के बारे में है।”