रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने अलग होने के कारण का किया ख़ुलासा

पिछले एक साल में रोहन बोपन्ना ने 14 साथियों और दिविज शरण ने 10 साथियों के साथ शिरकत की है। 

भारतीय टेनिस के दो उज्जवल नाम, जिनसे देश को उम्मीदें हैं और वह हैं रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) और दिविज शरण (Divij Sharan)। एटीपी रैंकिंग में 37वीं और 56वीं रैंक पर काबिज़ दोनों ही खिलाड़ियों में 2020 ओलंपिक गेम्स (2020 Olympic Games) में क्वालिफाई करना का माद्दा है।इतिहास गवाह है जब भी यह दोनों खिलाड़ी जोड़ी में खेले हैं तब-तब देश भर में खुशियों की लहर दौड़ी है। वह चाहे 2019 टाटा ओपन महाराष्ट्र (2019TATA Open Maharshtra) हो या फिर 2018 के एशियन गेम्स (2018 Asian Games) हों, इन्होंने दोनों बार कोर्ट पर कौशल दिखाते हुए खिताब अपने नाम किए हैं।

पुणे में जीत के बाद इन दोनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलने का फैसला किया और अपने अपने कारवां को आगे बढ़ाया। साल 2019 दुबई टेनिस चैंपियनशिप (2019 Dubai Tennis Championship) की बात करें तो यह जोड़ी राउंड ऑफ़ 16 में ही बाहर हो गई थी। दोनों ही खिलाड़ियों ने आपसी सहमति से अलग-अलग खेलने का निर्णय लिया, जिस कारण वे पिछले साल बहुत कम बार एक साथ कोर्ट पर दिखे।

जोड़ियों के बदलने का महत्व – बोपन्ना की ज़ुबानी

पिछले एक साल की बात की जाए तो बोपन्ना ने 14 अलग-अलग खिलाड़ियों के साथ जोड़ी बनाई है, वहीं शरण ने 10 खिलाड़ियों के साथ। ओलंपिक चैनल से व्यक्तिगत तौर पर बात करते हुए इन खिलाड़ियों ने अपने साथी को चुनने पर बयान दिए।

इस जोड़ी के अलग होने का मकसद बड़े टूर्नामेंट में रैंकिंग को बढ़ावा देकर भाग लेना था। बोपन्ना ने कहा, ‘’हमारी रैंकिंग बहुत अच्छी नहीं थी कि हम लगभग हर बड़े टूर्नामेंट में भाग ले सकें। फ्रेंच ओपन (French Open) टोक्यो 2020 (Tokyo 2020) की कट ऑफ़ डेट के लिए मददगार साबित हो सकती है। कई बड़े रैंक के खिलाड़ी छोटी रैंक के खिलाड़ी के साथ जोड़ी नहीं बनाना चाहते, जिस वजह से हर खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन पाते और इससे किसी को भी फायदा नहीं होता। इस कारणवश साथी बदलते रहना फायदेमंद होता है।‘’

हालांकि इस विषय पर दोनों ही खिलाड़ियों की सोच अलग है। दिविज शरण ने बात करते हुए बताया, ‘’मेरा मानना यह है कि वह खिलाड़ी आपके लिए सही हैं जो आपके खेल को समझ कर उसके अनुसार ढल सकें और खेल को अच्छे से खेल सकें। अगर दो खिलाड़ियों का तरीका अलग है तो वह ज़्यादा फायदेमंद नहीं होता। सभी खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और अलग-अलग साथियों के साथ खेलना सबसे अच्छा विकल्प तैयार करते हैं।

शरण के साथ न खलना समस्या का विषय नहीं

अलग होने के बाद यह जोड़ी बहुत कम साथ दिखी है लेकिन विंस्टन-सलेम ओप (Winston Salen Open) और स्टॉकहोम ओपन (Stockholm Open) ऐसी प्रतियोगिताएं हैं जहां इन्होंने एक साथ शिरकत की है। रोहन बोपन्ना का मानना है कि जिन दो खिलाड़ियों को जोड़ी बनानी होती है, ज़रूरी नहीं कि वे हमेशा साथ ही खेलेबोपन्ना ने आगे कहा, ‘’बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं जो ओलंपिक गेम्स से पहले साथ नहीं खेलते। यह ऐसा कारण नहीं है जो डबल्स के खिलाड़ियों को चिंता में डाले। मेरा अनुभव कहता है कि जोड़ी बनाने के लिए हमेशा साथ खेलना ज़रूरी नहीं है और प्रतियोगिता के 2-3 हफ्ते पहले साथ खेलना ही बहुत है।‘’

टोक्यो 2020 के लिए टेनिस क्वालिफिकेशन डटेनिस ओलंपिक क्वालिफिकेशन की कट ऑफ डेट 8 जून है। टोक्यो 2020 के लिए जोड़ी नेशनल फेडरेशन यानि ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) द्वारा बनाई जाएगी।

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