रोहन बोपन्ना की तेज़ तर्रार सर्विस का राज़ है उनकी कड़ी मेहनत

टेनिस स्टार ने बताया कैसे उन्होंने लगातार ख़ुद को चुनौती देते हुए तेज़ सर्विस करने के अपने कौशल को और बेहतर किया।

किसी भी भारतीय टेनिस प्रशंसक के लिए रोहन बोपन्ना (Rohan Bpanna) को तेज़ सर्विस करते हुए देखना काफी पसंद आता होगा, जहां गेंद हवा को चीरते हुए उनके प्रतिद्वंदी के पीछे की दीवार से जाकर टकराती है।

युगल शीर्ष टेनिस खिलाड़ी अपनी तेज़ सर्विस कराने के खेल कौशल के लिए प्रसिद्ध हैं, और इसके लिए लगने वाली शक्ति एक ऐसी चीज़ है जो उनके पास अपने आप आती है। हालांकि, उन्होंने अपनी तकनीक को बेहतर करने पर बाद में काम किया।

रोहन बोपन्ना ने ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कहा, “मुझे याद है कि मैं कई साल पहले (साल 2008) मोंटे कार्लो में जापान के की निशिकोरी (Kei Nishikori) के खिलाफ डेविस कप मैच खेल रहा था। उनके कोच बॉब ब्रेट (Bob Brett) ने मुझे खेलते हुए देखा था।"

भारतीय टेनिस स्टार ने उस दिन निशिकोरी को पांच सेटों में हराया था। उनका मानना था कि वह बहुत अच्छी तरह से सर्विस कर रहे थे, लेकिन जब उन्होंने ब्रेट की अकादमी का दौरा किया तो उन्होंने मुझे कुछ अलग सुझाव दिया।

रोहन बोपन्ना ने कहा, ”उन्होंने मुझे अपने शरीर के करीब गेंद को टॉस करने के लिए कहा। इस एक छोटे से बदलाव से काफी फर्क पड़ा और आज सेकेंड सर्विस भी मेरी सबसे बड़ी ताकत है।"

सर्विस एक ऐसी चीज़ है जिसपर उन्होंने कम उम्र से ही बहुत मेहनत की है। वह एक दिन में करीब 300 गेंदों को सर्व करते थे। खुद को बेहतर करने की उनकी सोच ने उनकी सर्विस में लगातार सुधार लाने में मदद की है।

भारतीय शीर्ष टेनिस खिलाड़ी ने कहा, "मेरा मानना है कि अपनी ताकत पर काम करते रहना महत्वपूर्ण है, न कि कमजोरियों को सुधारने पर ध्यान देना। मैं युवाओं को यही बात बताता रहता हूं।"

उनके इसी विश्वास ने 40 वर्षीय इस खिलाड़ी को खूब प्रेरित किया है, जिसके परिणाम स्वरूप वह आज कोर्ट के विभिन्न हिस्सों मे अपनी अपनी सर्विस करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने कहा, "मैं अपनी सर्विस के लिए लक्ष्य रखना पसंद करता हूं और उन क्षेत्रों के करीब रखने की सोचता हूं, जहां मैं हिट करना चाहता हूं।"

उन्होंने आगे समझाते हुए कहा, "मेरे लिए यह बहुत अच्छी सर्विस या शरीर के करीब सर्विस करने के बारे में नहीं है। यह कोर्ट पर मेरे लक्ष्यों को चारों ओर रखने के बारे में है और इसीलिए मैं खुद को चुनौती देने की कोशिश करता हूं कि मैं कितनी गेंदों को एक ही लक्ष्य पर हिट कर सकता हूं।”

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