लॉकडाउन के बाद ट्रेनिंग के लिए कोर्ट पर आने से उत्साहित दिखे रोहन बोपन्ना

भारत में लॉकडाउन प्रोटोकॉल को आसान बनाने के बाद भारतीय टेनिस स्टार ने बेंगलुरु के अपनी ऐकेडमी में ट्रेनिंग फिर शुरू की

देशभर में लॉकडाउन के कारण लगभग तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद टेनिस कोर्ट पर वापसी करना 40 वर्षीय भारतीय टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) के लिए खुशी का पल था।

दो बार के ओलंपियन ने मार्च के बाद से अपने पहले आउटडोर अभ्यास सत्र के लिए मंगलवार को कोर्ट पर कदम रखा। जिसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, "मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं एक बच्चा हूं।"

"टेनिस कोर्ट पर वापस आना एक अलग ही अनुभव था," दिग्गज टेनिस स्टार ने आगे कहा कि जिस चीज से उन्हें लगाव है उसे करने में अलग ही उत्साह आता है।

महामारी के खिलाफ एहतियात के तौर पर लॉकडाउन लागू करने के बाद भारत के आउटडोर ट्रेनिंग सहित सभी खेल गतिविधियों को रोकना पड़ा था।

लेकिन सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा छूट ने एथलीटों को कड़ी सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखने के लिए ट्रेनिंग करने की अनुमति दी है क्योंकि मई के अंत में खेल जगत को सामान्य रूप से धीरे-धीरे बहाल होते देखा गया है।

अपनी लय को पाने के लिए बेक़रार

कर्नाटक के बेंगलुरु और उसके आसपास के टेनिस कोर्ट को 20 मई से फिर से खोलने की अनुमति दे दी गई थी, लेकिन खराब मौसम ने इस डबल्स खिलाड़ी के इंतजार को और लंबा कर दिया।

हालांकि, जैसे ही सब कुछ ठीक हुआ, दुनिया के नंबर 37 डबल्स खिलाड़ी बिना समय बर्बाद किए अपना ट्रेनिंग फिर से शुरू करने के लिए बेंगलुरु के येलहंका में रोहन बोपन्ना टेनिस ऐकेडमी के लिए निकल गए।

“मुझे करीब डेढ़ घंटे तक गेंद को हिट करना पड़ा। मैं इसे अभी धीरे-धीरे शुरू कर रहा हूं। मैंने सर्व भी नहीं की, बस फिर से कुछ शॉट्स मारने का मन हुआ, फोरहैंड और बैकहैंड की गति महसूस की, बहुत अधिक अभ्यास नहीं किया।

भारतीय स्टार ने कहा कि “मैं किसी जल्दी में नहीं हूं। मैं कोर्ट पर एक खिलाड़ी की तरह खेल का आनंद लेना चाहता हूं, जिसने अपना आखिरी मैच मार्च के शुरू में ज़ाग्रेब में क्रोएशिया के ख़िलाफ़ भारत के डेविस कप क्वालिफ़ायर मैच में खेला था, जिसमें उन्होंने लिएंडर पेस (Leander Paes) के साथ जोड़ी बनाई थी और मैट पाविक (Mate Pavic) और फ्रैंको सुगोर (Franko Skugor) को मात दी थी। मैच फिटनेस हासिल करने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी होगी। 2017 फ्रेंच ओपन मिक्स्ड डबल्स चैंपियन ने माना कि लंबे ब्रेक के बाद मैच फिटनेस हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा।

"मेरे शॉट्स उतने सही नहीं थे, लेकिन कोर्ट पर मेरा मूमेंट बहुत ज्यादा था। इतने दिनों तक न खेलने के बाद जब आप 10-15 बॉल की रैली करते हैं, तो आप लंबी सांस लेने लगते हैं ... ये थोड़ा अलग लगता है। टेनिस मैच के लिए फिटनेस और सामान्य फिटनेस अलग-अलग हैं।

रोहन बोपन्ना ने चुटकी लेते हुए कहा कि "जो बेहतरीन भोजन मैंने कूर्ग में खाया था, उसका धीरे-धीरे एहसास हो रहा है" जब मैंने कूर्ग की कॉफी एस्टेट में अपने परिवार के साथ लॉकडाउन में समय बिताया था।

एटीपी के अभी तक स्थगित टेनिस के सभी इवेंट को फिर से शुरू करने के लिए संशोधित कैलेंडर की घोषणा बाकी है, ऐसे में रोहन बोपन्ना अपनी वापसी को और दुरुस्त बनाना चाहते हैं।

“यह सब अमेरिका और एटीपी के निर्णय पर निर्भर करता है। तब तक मैं आराम से अभ्यास करता रहूंगा और बहुत सारी चीजें करने की कोशिश नहीं करूंगा।”

40 वर्षीय इस खिलाड़ी का मानना ​​है कि सप्ताह में तीन से चार दिन जमकर ट्रेनिंग करनी चाहिए।

ओलंपिक पदक पर बोपन्ना की नजर

लॉकडाउन के पहले रोहन बोपन्ना ने 2020 में एक अच्छी शुरुआत की था, जनवरी में डच पार्टनर वेस्ले कूलहोफ (Wesley Koolhof) के साथ कतर ओपन खिताब जीता था।

कोरोना महामारी ने हर एक चीज में खलल डाली, इसके बावजूद अनुभवी स्टार पिछले ओलंपिक में मिश्रित युगल में कांस्य पदक से चूकने के बाद अगले साल टोक्यो में ओलंपिक में पदक के लिए खुद को तैयार करने के लिए उत्सुक होंगे।

“रियो 2016 में बोपन्ना और सानिया मिर्जा (Sania Mirza) पदक के करीब पहुंच गए थे। वो वास्तव में निराशाजनक था। भारत के लिए पदक हासिल करना न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए बहुत बड़ी बात है।

रोहन बोपन्ना ने ओलंपिक चैनल से कहा कि“ये मेरा तीसरा ओलंपिक होगा। अभी मेरे पास बहुत अनुभव है। और मुझे लगता है, अगर हम अच्छी तैयारी करते हैं, तो हमारे पास एक बेहतरीन मौका होगा।”

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!