टोक्यो 2020 ओलंपिक से वापसी करना चाहती हैं भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा

एक साल से ज्यादा वक्त से टेनिस से दूर रहीं सानिया मिर्जा कतर ओपन दौरे के साथ करेंगी वापसी

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

पिछले सीजन में ज्यादातर कोर्ट से दूर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा (Sania Mirza) की निगाहें ओलंपिक में वापसी पर है। कोरोना से संक्रमित हो चुकीं मिर्जा मार्च में दोहा और दुबई में होने वाले टूर्नामेंट के साथ प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों में वापसी करेंगी।

मिर्जा के हवाले से न्यू इंडियन एक्सप्रेस में कहा, "बदकिस्मती से पिछले महिने मैं कोरोना वायरस से संक्रमित हो गई। मैं कामना करती हूं किसी दूसरे को ये ना हो। यह मेरे लिए बहुत डरावना था।"

उन्होंने कहा, "ओलंपिक के लिए मैंने पिछले साल वापसी की तैयारी की थी, लेकिन दुर्भाग्य से नहीं हो पाया। निश्चित रूप से इसके पीछे मेरे दिमाग में कुछ चल रहा है।"

वर्तमान में मिर्ज़ा युगल में दुनिया में 245वें स्थान पर हैं। उन्होंने एक बच्चे को जन्म देने के बाद पिछले साल की शुरुआत में दौरे करते हुए वापसी की थी। वह ओलंपिक का कोटा हासिल करने के लिए अपनी संरक्षित रैंकिंग 9 का उपयोग कर सकती हैं।

उसके लिए 2008 में बीजिंग के ओलंपिक पदार्पण यादगार नहीं था, क्योंकि कलाई की चोट के कारण उसे पहले दौर के एकल मैच से बाहर होना पड़ा। जबकि युगल में वह सुनीता राव (Sunitha Rao) के साथ दूसरे दौर में हार गईं।

ओलंपिक पदक के लिए मिर्ज़ा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रियो 2016 में रहा, जब उन्होंने और रोहन बोपन्ना ने कांस्य पदक के लिए मुकाबले में भाग लिया। सेमीफाइनल में वीनस विलियम्स (Venus Williams) और राजीव राम (Rajeev Ram) की अमेरिकी जोड़ी से बुरी तरह हारने के बाद, तीसरे स्थान के मैच के लिए उन्हें चेक गणराज्य के लूसी हर्डेका (Lucie Hradecka) और राडेक स्टेपानेक (Radek Stepanek) के खिलाफ भी एक और दिल तोड़ने वाली हार का सामना करना पड़ा।

34 वर्षीय के नाम छह ग्रैंड स्लैम खिताब हैं और निस्संदेह वो बेहतरीन महिला टेनिस खिलाड़ी हैं

भारतीय टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा

भारतीय महिलाओं में से कोई भी टेनिस कोर्ट में उनकी सफलता के आसपास भी नहीं है। हालांकि, अंकिता रैना ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में सफलता हासिल की है। मिर्ज़ा के बाद 28 वर्षीय रैना 2021 ऑस्ट्रेलियन ओपन की महिला युगल स्पर्धा के ग्रैंड स्लैम मुख्य ड्रा में जगह बनाने वाली चौथी भारतीय महिला बनीं।

रैना और उनकी जोड़ीदारमिहैला बुजारनेस्कु (Mihaela Buzarnescu) शुरुआती दौर में ही हार गईं। मिर्ज़ा को उम्मीद है कि रैना मेजर में नियमित विशेषता बन सकती है। रैना ने फिलिप आइलैंड WTA ट्रॉफी जीतकर अपनी फॉर्म को जारी रखा है। WTA खिताब जीतने वाली वो मिर्जा के बाद दूसरी भारतीय महिला हैं।

मिर्जा ने कहा, "अंकिता बहुत प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। वास्तव में वो कड़ी मेहनत कर रही हैं और कुछ सालों से देश में नंबर एक पर बनी हुई है। मुझे लगता है कि यह गर्व की बात है कि वह ग्रैंड स्लैम खेलने वाली केवल पांचवीं (चौथी) महिला है। वह अभी युवा है ऐसे में अगले कुछ सालों में और बेहतर बनने की कोशिश कर सकती हैं। उम्मीद है कि वह नियमित रूप से ग्रैंड स्लैम खेलने लगें।”