मैरी कॉम और मिल्खा सिंह के बाद अब ओलंपिक पदक विजेता कर्णम मल्लेश्वरी पर बनेगी बायोपिक

एक लड़की की कहानी जिसने देश को किया गौरवान्वित, कर्णम मलेश्वरी के ओलंपिक कांस्य पदक से पहले की संघर्ष भरी ज़िंदगी अब दिखेगी बड़े पर्दे पर

एमसी मैरी कॉम (Mary Kom), मिल्खा सिंह (Milkha Singh) और फ़ोगाट बहनों (गीता फ़ोगाट और बबिता फ़ोगाट) की बायोपिक तो आपने देखी होगी। अब आपको जल्द ही भारत की एक और सुपर स्पोर्ट्स वुमेन की बायोपिक देखने को मिलेगी। ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की पहली और एकमात्र महिला वेटलिफ्टर कर्णम मल्लेश्वरी (Karnam Malleswari) पर बायोपिक बनने जा रही है, जिसकी घोषणा उनके 45वें जन्मदिन पर की गई।

सोमवार को जब कर्णम मल्लेश्वरी अपने 45वें जन्मदिन के जश्न में डूबी थीं, तभी एक खुशख़बरी ने उनके और उनके फॉलोवर्स के जश्न को दोगुना कर दिया। खबर थी कि 2000 ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पर अलग अलग भाषाओं में एक बायोपिक बनाई जाएगी, जिसकी निर्देशक संजना रेड्डी होंगी और कोना वेंकट और एमवीवी सत्यनारायण इस फिल्म के निर्माता होंगे।

आंध्र प्रदेश की इस एथलीट ने स्नैच में 110 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 130 किलोग्राम वजन उठाकर सिडनी ओलंपिक गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया था। जहां उन्होंने कुल 240 किलोग्राम वजन उठाया था।

आज तक कर्णम मल्लेश्वरी ओलंपिक पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला वेटलिफ्टर हैं।

जब बायोपिक की घोषणा की गई, तब पोस्टर पर टैगलाइन थी- "एक लड़की की कहानी, जिसने देश को किया गौरवान्वित (Journey of a girl who lifted the nation)।"

नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी ये कहानी

बायोपिक के लेखक कोना वेंकट ने इस साल की शुरुआत में कहा था, "ये फिल्म वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनने जा रही है।"

“उन्होंने इस जगह तक पहुंचने के लिए कई बाधाओं और समस्याओं का सामना किया है। ये आसान नहीं था उन्होंने हमें अपनी पूरी कहानी सुनाई और हमें उनके जीवन की सभी घटनाओं को फिल्म में दिखाने की अनुमति दी।

तेलुगू में बनने वाली ये फिल्म हिंदी और तमिल भाषाओं में भी रिलीज़ की जाएगी।

हालांकि फिल्म के कलाकारों की घोषणा की जानी बाकी है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट में ये खबर आ रही है कि भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar), तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) और रकुल प्रीत सिंह (Rakul Preet Singh) को मुख्य भूमिका निभाने के लिए मना लिया गया है।

इससे पहले, बॉक्स ऑफिस पर मैरी कॉम, पान सिंह तोमर (Paan Singh Tomar), भाग मिल्खा भाग - मिल्खा सिंह और सूरमा - हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह (Sandeep Singh) पर बनी बायोपिक देखी गई है, जो संघर्ष से सफलता तक की कहानी को दर्शाती है।

कर्णम मल्लेश्वरी बायोपिक के निर्माताओं को यकीन है कि वेटलिफ्टर की कहानी भी ऐसी है जिसे लोगों को जानना चाहिए।

कोना वेंकट ने कहा कि, “श्रीकाकुलम जिले के एक दूरदराज के गांव की एक गरीब लड़की ने ओलंपिक में भारत के लिए कांस्य पदक जीता। ये निश्चित रूप से बताने लायक एक बड़ी कहानी है।”

कर्णम मल्लेश्वरी ने स्नैच में 110 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 130 किलोग्राम वजन उठाकर सिडनी ओलंपिक गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया था
कर्णम मल्लेश्वरी ने स्नैच में 110 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 130 किलोग्राम वजन उठाकर सिडनी ओलंपिक गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया थाकर्णम मल्लेश्वरी ने स्नैच में 110 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 130 किलोग्राम वजन उठाकर सिडनी ओलंपिक गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया था

कर्णम के कारनामों की कथा

आंध्र प्रदेश के एक छोटे से शहर अमदलावलासा में जन्मी कर्णम मल्लेश्वरी ने तब भारोत्तोलन शुरू किया था जब वो सिर्फ 12 साल की थीं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए उन्हे सिर्फ पांच साल लगे थे।

उन्होंने 1993 में विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला बड़ा पदक कांस्य के रुप में जीता था।

कर्णम मल्लेश्वरी ने उसी साल 1994 के एशियन गेम्स में रजत पदक और विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वर्ल्ड चैंपियनशिप उनकी पसंदीदा प्रतियोगिता बनी रही, जहां उन्होंने 1995 में एक और स्वर्ण पदक और 1996 में कांस्य पदक जीता।

उनके दमदार प्रदर्शन को भारत मंत्रालय ने भी सराहा, इस भारोत्तोलक को 1994 में अर्जुन पुरस्कार और 1995 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

कर्णम मल्लेश्वरी को 1999 में पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था, जब उन्होंने 1998 के एशियन गेम्स में रजत पदक पर कब्ज़ा किया था।

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