कर्णम मल्लेश्वरी को उम्मीद है कि उनकी यात्रा को ईमानदारी से दिखाएगी बायोपिक

साल 2000 ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता की कहानी संजना रेड्डी द्वारा निर्देशित एक बहुभाषी फिल्म द्वारा दिखाया जाएगा।

हाल ही में घोषणा की गई थी कि सिडनी ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता कर्णम मल्लेश्वरी (Karnam Malleswari) की जिंदगी पर बायोपिक बनाई जाएगी। अब इस घोषणा के बाद ओलंपिक पदक विजेता को उम्मीद है कि यह फिल्म ओलंपिक यात्रा में आई कठिनाई को अच्छे से रूप दिखाएगी।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान 45 साल की इस पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि वह अपनी यात्रा को सिल्वर स्क्रीन पर देखने के लिए उत्सुक हैं।

कर्णम मल्लेश्वरी ने कहा कि “मेरा एकमात्र अनुरोध यह था कि कर्णम मल्लेश्वरी को उसी तरह दिखाया जाए, जैसी वो हैं। मेरा संघर्ष, मेरा प्रशिक्षण, मेरे सभी कोचों को इसमें शामिल किया जाए।”

हालांकि, वेटलिफ्टिंग की महान खिलाड़ी ने फिल्म में अपनी भूमिका निभाने वाले व्यक्ति के लिए एक छोटी सी चुनौती भी दी। 

उन्होंने कहा कि "एक बॉक्सिंग फिल्म में आप एक डमी लड़ाई दिखा सकते हैं, लेकिन वेटलिफ्टिंग में आपको कम से कम 20 किलो उठाने की आवश्यकता होगी। फिल्म में एक ऐसी नायिका की तलाश की जा सकती है, जो लोगों को प्रभावित कर सके। लोग नसों, शरीर के दबाव, मांसपेशियों को देख सके।”

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ने कहा कि “जो भी अभिनेत्री इस फिल्म में एक्टिंग करेंगी उन्हें सारी तकनीक सिखाए जाने की आवश्यकता होगी। इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग भी लेनी होगी। बॉक्सिंग मूवी बनाना किसी वेटलिफ्टिंग फिल्म की तरह कठिन नहीं है।

यह फिल्म तेलुगू निर्देशक संजना रेड्डी द्वारा निर्देशित की जाएगी और 70 करोड़ रुपये के बजट के साथ कई भाषाओं में रिलीज होगी।फिल्म के लिए कास्ट फाइनल होना बाकी है। अब तक, भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar), तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) और रकुल प्रीत सिंह (Rakul Preet Singh) को मुख्य भूमिका निभाने के लिए उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है।

संजना रेड्डी को बचपन से ही कर्णम ने किया प्रेरित

संजना रेड्डी जो कर्णम मल्लेश्वरी के गृह नगर आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले से आती हैं, उन्होंने इस खिलाड़ी की कहानी को सिल्वर स्क्रीन पर दिखाने का सोचा।  संजना रेड्डी ने कहा कि “सिडनी 2000 ओलंपिक में के पदक जीतने के बाद, वह (कर्णम मल्लेश्वरी) हमारे जिले की स्टार बन गईं। मैंने उन्हें पहली बार देखा था जब मैं नौवीं कक्षा में थी। वह मेरे विद्यालय के सामने एक सरकारी महिला छात्रावास का उद्घाटन करने आईं थी।”

फिल्म की डायरेक्टर ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि “बड़े होने के दौरान कर्णम मल्लेश्वरी हम सभी के लिए एक उदाहरण थीं। भाग मिल्खा भाग जैसी फिल्म देखने के दौरान मुझे महसूस हुआ कि जिस खिलाड़ी ने मुझे स्कूल के दिनों में प्रेरित किया उस पर मुझे बायोपिक बनानी चाहिए।”

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “मुझे उनका नंबर दिसंबर 2016 में मिला, इसके बाद मैंने उन्हें कॉल किया और बताया कि मैं उसी जगह हूं, जहां वह थी। मैं अपनी पहली फिल्म पूरी करने के बाद ये प्रोजेक्ट करना चाहती हूं।”

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