वेटलिफ्टर मीराबाई चानू का टोक्यो 2020 में खेलना तय !

पूर्व विश्व चैंपियन मीराबाई चानू की वर्तमान रैंकिंग के आधार पर टोक्यो 2020 में खेलना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं, जेरेमी लालरिनुंगा भी भारोत्तोलकों के दल में अपनी जगह बना सकते हैं।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

भारत की दिग्गज भारोत्तोलक मीराबाई चानू ( Mirabai Chanu) का टोक्यो 2020 में खेलना लगभग तय है। वह विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज़ हैं। जिसकी वजह से टोक्यो 2020 में उनका स्थान लगभग सुनिश्चित है। 25 वर्षीय मीराबाई ने रियो 2016 के लिए भी क्वालिफाई किया था, जहां वह महिलाओं की 49 किग्रा श्रेणी में चीन की होउ झीहुई (Hou Zhihui) और उत्तर कोरिया की री सोंग गुम (Ri Song Gum) के बाद तीसरे स्थान पर रहीं।

अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (International Weightlifting Federation’s) के नियमों के अनुसार अगर क्वालिफिकेशन इवेंट नहीं होते हैं तो विश्व रैंकिंग के शीर्ष स्तर के सभी आठ एथलीट खुद ब खुद 2020 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर जाएंगे।

मीराबाई चानू एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली थीं लेकिन कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते प्रकोप के कारण इस इवेंट को रद्द कर दिया गया था। वहीं, इसी को लेकर अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग फेडरेशन (IWF) ने आईओसी (IOC) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की, जिसमें यह सिफारिश की गई कि मौजूदा विश्व रैंकिंग के आधार पर 2020 ओलंपिक की सूची तय की जाए।

मीराबाई चानू महिलाओं के 49 किलोग्राम में दुनिया में तीसरे स्थान पर काबिज़ हैं।

वहीं, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के महासचिव सहदेव यादव (Indian Weightlifting Federation Secretary General Sahdev Yadav) ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) को बताया, "मीराबाई का ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना लगभग तय है। वह वर्तमान में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं। क्वालिफिकेशन की अवधि खत्म होने के बाद विश्व रैंकिंग के शीर्ष आठ एथलीट खुद ब खुद टोक्यो ओलंपिक में प्रवेश कर जाएंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "मीराबाई चानू ने पांच क्वालिफाइंग इवेंट में हिस्सा लिया है, लेकिन ताशकंद में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप रद्द कर दी गई थी। मुझे लगता है कि आगे अब और क्वालिफाइंग इवेंट नहीं होंगे और विश्व रैंकिंग के आधार पर ही सब तय होगा।"

जेरेमी लालरिनुंगा का भी टोक्यो 2020 खेलना लगभग तय

युवा एथलीट जेरेमी लालरिनुंगा (Jeremy Lallrinunga) का टोक्यो 2020 खेलना लगभग तय है, क्योंकि वर्तमान में वह पुरुषों के 67 किग्रा कैटेगरी में एशियन रैंकिंग में सबसे ऊपर हैं। वहीं, अगर कोई क्वालिफाई इवेंट नहीं होता है पुरुषों की शीर्ष के आठ एथलीट खुद-ब-खुद क्वालिफाई कर जाएंगे। जिसकी वजह से अब इस 17 वर्षीय एथलीट का टोक्यो 2020 में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।  

जेरेमी लालरिनुंगा के पास भारतीय भारोत्तोलन में खेलने की एक अच्छी क्षमता है। उन्होंने 2018 यूथ ओलंपिक में 62 किग्रा कैटेगरी में स्वर्ण पदक हासिल किया था और एशियन रैंकिंग में वह दूसरे स्थान पर रहे। सऊदी भारोत्तोलक मोहम्मद अल्माजादी नवाफ से करीब 400 से अधिक अंकों से दूर रहे।