एशियन कप की मेज़बानी भारत को दिए जाने से हमें और अधिक प्रेरणा मिलेगी: बाला देवी

भारत इससे पहले 2016 AFC अंडर-16 चैंपियनशिप और 2017 फीफा अंडर-17 विश्व कप की मेज़बानी भी कर चुका है।

भारतीय महिला फुटबॉल स्टार स्ट्राइकर नगंगोम बाला देवी (Ngangom Bala Devi) ने कहा कि एएफसी महिला एशियन कप 2022 की मेज़बानी भारत को दिए जाने से उन्हें और नेशनल टीम को और अधिक प्रेरणा मिली है।

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) की वेबसाइट पर बाला देवी ने कहा, "जब मैंने देखा कि भारत को मेज़बान घोषित किया गया तो मैं सच में बहुत उत्साहित हो गई। वास्तव में इस तरह किसी प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेज़बानी करना सम्मान की बात है। यह भारत में महिला फुटबॉल के लिए बहुत मायने रखता है। इस घोषणा ने हमें और अधिक प्रेरणा दी है।

2016 एएफसी अंडर-16 चैंपियनशिप और 2017 फीफा अंडर-17 विश्व कप की मेजबानी करने के बाद अब भारत तेज़ी से बड़े अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल इवेंट्स के लिए एक बेहतर स्थान बनता जा रहा है।

2021 में फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप और 2022 एएफसी महिला एशियन कप भी अब भारत में ही होने वाले हैं। ऐसे में बाला देवी का मानना है कि भारत में महिला फुटबॉल को अपना एक लक्ष्य बनाते हुए कुछ कर दिखाना होगा।

बाला देवी ने कहा, “एक फुटबॉलर के तौर पर आप वास्तव में अपनी ही धरती पर एक वर्ल्ड कप और एक एशियन कप से भी बड़े मंच पर खेलने की बात नहीं कर सकती हैं। अंडर-17 विश्व कप युवा लड़कियों के लिए एक शानदार मंच है, और मुझे आशा है कि वे इससे ज्यादा से ज्यादा अनुभव हासिल कर सकेंगी।”

58 मैचों में भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुकी फुटबॉलर ने आगे कहा, "मुझे उम्मीद है कि ये दो टूर्नामेंट वूमेंस फुटबॉल को बहुत अधिक बढ़ावा देंगे। सभी की नज़र लड़कियों पर होगी, और ऐसे में हमें खुद को बेहतर दिखाने की जरूरत है।”

आइसोलेशन में खुद को रखा फिट

मणिपुर की इस 30 वर्षीय स्ट्राइकर ने स्कॉटिश दिग्गज रेंजर्स एफसी के लिए इस साल की शुरुआत में 18 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन COVID-19 महामारी के बढ़ते प्रकोप ने उनकी योजनाओं को समाप्त कर दिया और अब बाला देवी इस लीग के फिर से शुरू होने का इंतजार कर रही है।

फिलहाल स्कॉटलैंड के ग्लासगो में रह रहीं बाला देवी का पहला उद्देश्य इंडिविज़ुअल ट्रेनिंग जैसे कि इनडोर एक्सरसाइज और पास के पार्कों में जाकर लाइट कार्डियो के ज़रिए खुद को फिट रखना है।

यूरोपीय क्लब के लिए खेलने वाली पहली भारतीय प्रोफेशनल महिला फुटबॉलर ने कहा, "वास्तव में इस समय ट्रेनिंग और खुद को फिटनेस के सबसे अच्छे स्तर पर पहुंचाने के अलावा करने को बहुत कुछ नहीं है।

"वर्तमान स्थिति के कारण, हम सभी अपनी इंडिविज़ुअल ट्रेनिंग और फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं। जब पूरी टीम एक साथ रिपोर्ट करेगी तो हम देखेंगे कि आगे के लिए क्या योजनाएं हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "जब लॉकडाउन के बाद सबकुछ खुलेता तो मैं अपने क्लब रेंजर्स एफसी के लिए ट्रेनिंग करूंगी और खेलूंगी। उस समय तक फिटनेस के सबसे बेहतर स्तर पर पहुंचने की उम्मीद होगी।”

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