स्तन कैंसर जागरूकता अभियान में शामिल होकर ‘पिंकटोबर’ का हिस्सा बनी हॉकी इंडिया

पिंकटोबर या विश्व स्तन कैंसर जागरूकता महीना एक वार्षिक अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान है, जिसे पूरे विश्व में अक्टूबर महीने में मनाया जाता है। 

लेखक रितेश जायसवाल ·

हॉकी इंडिया और कैंसर रिसर्च से जुड़े एक गैर-लाभकारी संस्थान ‘आरोग्य’ ने मिलकर महिलाओं के कैंसर का पता लगाने और उसकी रोकथाम के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए महिला खिलाड़ियों से बातचीत की।

यह पहल विश्व स्तन कैंसर जागरूकता महीने या पिंकटोबर का हिस्सा है, जो हर साल अक्टूबर में विश्व स्तर पर चलाया जाता है।

जागरूकता अभियान के एक हिस्से के तौर पर आरोग्य के सह-संस्थापकों डॉ. प्रियांजलि दत्ता और डॉ. ध्रुव काकर ने स्तन, ग्रीवा और मुंह के कैंसर के बारे में खिलाड़ियों को शिक्षित करने के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम के सदस्यों के साथ एक सत्र को आयोजित किया।

वहां मौजूद लोगों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे स्व-परीक्षण कैसे करें, शुरुआती लक्षणों का पता कैसे लगाएं और कैंसर के खिलाफ निवारक उपाय कैसे करें।

भारत की हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने कहा, “कैंसर के बारे में जागरूकता पर यह सत्र बहुत मददगार था। कैंसर के सामान्य लक्षणों और कारणों और इसके जल्द पता लगाने के कदमों से अवगत होना बहुत अच्छा था, जो कि काफी महत्वपूर्ण है। मुझे यकीन है कि यह सत्र हमारे लिए मददगार साबित होगा।

उन्होंने आगे कहा, “उम्मीद है कि आरोग्य कई और महिलाओं तक पहुंचेगा और साही कैंसर के शुरुआती चरणों और निवारक उपायों को समझने में उनकी मदद कर सकता है। हमने अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों के लिए आज जो ज्ञान हासिल किया है, उस पर हम भी चल सकते हैं।

भारतीय महिला हॉकी टीम के खिलाड़ियों को स्तन कैंसर जागरूकता और रोकथाम के बारे में निर्देश दिया गया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनियाभर की महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम होता है, जो सालाना 2.1 मिलियन से अधिक महिलाओं को प्रभावित करता है।

हालांकि अगर जल्दी पता चल जाए तो इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है। बीमारी के बारे में जागरूकता की कमी के कारण 2018 में 627,000 मौतें हुईं, जो हर साल बढ़ रही हैं।

यह मुद्दा विशेष तौर पर वैश्विक खेल समुदाय के दिल के काफी करीब रहा है। 2008 के बीजिंग कांस्य पदक विजेता और स्तन कैंसर से बचीं अमेरिका की हाई जम्पर चैनटन हॉवर्ड लोवे स्तन कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक वैश्विक प्रतीक के रूप में उभरी हैं।

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट पूर्व तेज़ गेंदबाज ग्लेन मैकग्राथ की पत्नी जेन की याद में 2012 से हर साल जनवरी से ऐतिहासिक सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में वार्षिक पिंक टेस्ट की मेज़बानी कर रहा है, जिनका स्तन कैंसर से चार साल तक लड़ने के बाद निधन हो गया।

हॉकी के मैच मैकग्राथ फाउंडेशन के लिए फंडराइज़र के रूप में भी काम करते हैं - एक स्तन कैंसर का समर्थन और शिक्षा दान जेन की स्मृति में बनाई गई।

इसी तरह साउथ अफ्रीका क्रिकेट वांडरर्स में पिंक वनडे की मेज़बानी करता है, ताकि ब्रेस्ट कैंसर चैरिटी के लिए जागरूकता फैलाने के साथ ही फंड जुटा सके।