इंडिविजुअल वर्ल्ड कप में अंशू स्वर्ण पदक से बस एक जीत दूर

अब इस युवा भारतीय रेसलर का सामना ख़िताबी भिड़ंत में अनास्तासिया निकिता के खिलाफ 57 किग्रा भारवर्ग में बुधवार को होगा।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

बेलग्रेड में चल रहे इंडिविजुअल वर्ल्ड कप में मंगलवार को भारतीय रेसलर अंशू (Anshu) ने 57 किग्रा भारवर्ग में खेलते हुए अपने भविष्य का प्रमाण पेश किया।

रूस की वेरोनिका चुमिकोवा (Veronika Chumikova) के खिलाफ अंशू ने ज़बरदस्त प्रदर्शन कर अपने प्रतिद्वंदी को पस्त कर स्वर्ण पदक हासिल करने के दहलीज़ पर हैं।

मुकाबले की शुरुआत में रूसी पहलवान ने 4-0 से बढ़त हासिल करते हुए अपने दबदबे को बरकरार रखा लेकिन भारतीय पहलवान अंशू ने चालाकी दिखाते हुए पहले राउंड के बाद स्कोर को 3-4 कर दिया।

एड़ी/एंकल/टखने पर वार करते हुए अंशू ने टेकडाउन से पहला अंक हासिल किया। इसके बाद 19 वर्षीय इस भारतीय रेसलर ने प्रतिद्वंदी को सर्कल के बाहर धकेला और एक महत्वपूर्ण अंक चुरा लिया।

इसके बाद युवा खिलाड़ी ने वेरोनिका चुमिकोवा. को अपने डिफ़ेंस से कई बार रोका और उन्हें अंक बटोरने के अवसर नहीं दिए।

मुकाबले के दोबारा शुरू होने के बाद अंशू ने रूसी पहलवान के पैरों पर हमला किया और मौका देखते ही पिन डाउन कर जीत हासिल की।

अब भारतीय रेसलर यूरोप की चैंपियन अनास्तासिया निकिता (Anastasia Nichita) के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच में लड़ेंगी। यह मुकाबला बुधवार को खेला जाएगा।

पिंकी के हाथ से फिसला पदक

इससे पहले इंडिविजुअल वर्ल्ड कप में भारतीय पहलवान पिंकी (Pinki) के विजयरथ पर लगाम लग गई। 55 किग्रा भारवर्ग में खेलते हुए ब्रॉन्ज़ मेडल मुकाबले में पिंकी को तकनीकी श्रेष्ठता के कारण हार का सामना करना पड़ा।

यूरोप कओल्गा खरोशवत्सेवा (Olga Khoroshavtseva) के खिलाफ मैट पर उतरी पिंकी की एक न चली और उनकी प्रतिद्वंदी ने उन्हें 9-0 से पस्त कर अपनी जीत का जश्नन मनाया।

इंडिविजुअल वर्ल्ड कप में भारतीय पहलवान पिंकी की ओल्गा खरोशवत्सेवा के सामने एक न चली। तस्वीर साभार: UWW   

मुकाबले की शुरुआत में ही रूसी पहलवान ने लेग ग्लांस के ज़रिए अंक बटोरे जिस वजह से पिंकी का संतुलन बिगड़ा और उन पर टेकडाउन किया गया।

रूसी खिलाडी ने मैट का बखूबी इस्तेमाल किया और इस वजह से पिंकी को बार-बार मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

इसके बाद पिंकी ने अपनी प्रतिद्वंदी के पैर पर हमला बोला लेकिन अंक बटोरने में असफल रहीं।

26 वर्षीय ओल्गा खरोशवत्सेवा ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए आगे भी अंक बटोरे और भारतीय पहलवान को के खिलाफ जीत दर्ज की।

साक्षी मलिक की हार

सुबह के सत्र में ओलंपिक मेडल विजेता साक्षी मलिक (Sakshi Malik) 65 किग्रा भरवर्ग में अपने कौशल का प्रमाण पेश करने उतरीं।

नॉन-ओलंपिक भारवर्ग में लड़ रही साक्षी का सामना यूरोपियन चैंपियन मिमी हिस्टेरोव (Mimi Hristova) से हुआ और उन्हें इस मुकाबले में 11-0 से हार झेलनी पड़ी। यह मुकाबला 2 मिनट तक चला और मिमी हिस्टेरोवा को तकनीकी श्रेष्ठता के कारण विजयी घोषित किया गया।

59 किग्रा भारवर्ग में सरिता मोर (Sarita Mor) को भी कुछ ऐसे ही परिणाम का सामना करना पड़ा। सरिता मैट पर जर्मनी की सैंड्रा पारज़ेवस्की (Sandra Paruszewski) के खिलाफ उतरी थीं लेकिन इस मौके को भुनाने में असफल रहीं।

पहले राउंड में 25 वर्षीय भारतीय पहलवान ने अच्छा खेल दिखाया लेकिन दूसरे राउंड में सैंड्रा पारज़ेवस्की ने अलग रूप अपनाया और मुकाबले को 9-2 से ख़त्म कर अपना जलवा कायम रखा।

76 किग्रा भारवर्ग में भारतीय रेसलर किरण का सामना ओलंपिक चैंपियन एरिका वीब (Erica Wiebe) से हुआ और इस मुकाबले में वह एक भी अंक अंकित करने में नाकामयाब रहींं। यह मुकाबला किरण ने 2-0 से गंवाया।