रैंजर्स एफ़ सी के साथ क़रार करते हुए भारतीय महिला फ़ुटबॉलर बाला देवी ने रचा इतिहास

बाला देवी किसी भी यूरोपियन क्लब के साथ क़रार करने वाली पहली भारतीय महिला फ़ुटबॉलर बनीं

लेखक सैयद हुसैन ·

भारतीय महिला फ़ुटबॉल टीम की स्टार अटैकर बाला देवी ने स्कॉटिश दिग्गज रैंजर्स फ़ुटबॉल क्लब के साथ 18 महीनों का क़रार किया है। बुधवार को मणिपुर स्पोर्ट्स क्लब की ओर से खेलने वाली बाला और रैंजर्स फ़ुटबॉल क्लब के इस क़रार पर ग्लैसगो की टीम ने पुष्टी कर दी।

29 वर्षीय ये महिला फ़ुटबॉलर किसी भी विदेशी लीग से खेलने वाली पहली भारतीय महिला बनेंगी। इस बात पर मुहर लगने के साथ ही बाला ख़ुशी से झूम उठीं, ‘’यूरोप में फ़ुटबॉल खेलना और वह भी दुनिया के सबसे बड़े क्लब में शुमार रैंजर्स फ़ुटबॉल क्लब के लिए खेलना, मैंने सपने में भी नहीं सोचा था।‘’ बाला देवी, भारतीय महिला फ़ुटबॉलर

‘’मैं पूरी कोशिश करूंगी कि दुनिया की बेहतरीन सुविधाओं और कोचिंग के साथ साथ उस स्तर की ट्रेनिंग और प्रतिस्पर्धा का फ़ायदा उठाऊं।‘’

रैंजर्स फ़ुटबॉल क्लब वूमेंस और गर्ल्स मैनेजर एमी मैकडोनैल्ड को लगता है कि किसी भी पोज़ीशन में बाला का बेहतरीन आक्रामक खेल टीम को एक नई ताक़त प्रदान करेगा। ‘’बाला एक प्लेमेकर हैं जिन्हें नंबर-10 पर खेलना पसंद है, वह हमें एक आक्रामकता प्रदान करेंगी। और उनकी मौजूदगी हमें 2020 सत्र में और भी मज़बूती प्रदान करेगी।‘’

भारतीय फ़ॉरवर्ड बाला एशिया की पहली महिला फ़ुटबॉलर हो जाएंगी जो रैंजर्स की वूमेंस या गर्ल्स टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी।

शानदार प्रदर्शन का मिला तोहफ़ा

बाला देवी भारत की सबसे सफल महिला फ़ुटबॉलर में से एक हैं, 2010 में भारतीय महिला टीम के लिए डेब्यू करने के बाद से उनके नाम 58 मैचों में 52 गोल हैं। ये ऐसे नंबर है जो ये ज़ाहिर करते हैं कि वह भारत ही नहीं साउथ एशिया की सर्वश्रेष्ठ महिला फ़ुटबॉलर हैं।

साथ ही साथ भारतीय महिला फ़ुटबॉल लीग की भी वह टॉप स्कोरर हैं, जहां उनके नाम 38 गोल हैं और लगातार दो सालों से वह इस लीग की टॉप स्कोरर रही हैं। बाला देवी को साल 2014 और 2015 में ऑल इंडिया फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन (AIFF) ने वूमेंस फ़ुटबॉलर ऑफ़ द ईयर के ख़िताब से भी नवाज़ा था।

2014 SAAF वूमेंस चैंपियनशिप में ख़िताबी जीत के दौरान भारत की इस पूर्व महिला फ़ुटबॉल टीम की कप्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में 5 गोल दागे थे, उस मैच में भारत को 11-0 से बड़ी जीत हासिल हुई थी। उस प्रतियोगिता में उन्होंने 5 मैचों में कुल 15 गोल किए थे।