शोर्ड मारिन भारतीय हॉकी के साथ अपना सबसे कीमती समय बिता रहे हैं

डच कोच वीडियो विश्लेषण के माध्यम से खिलाड़ियों के ट्रेनिंग और अपने विपक्षियों के बारे में जानकारी को सुधार करने पर ध्यान दे रहे हैं।

भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन (Sjoerd Marijne) लॉकडाउन के दौरान भारतीय टीम के साथ वापस रहने के अपने फैसले से खुश हैं।

हालांकि कोरोना वायरस (COVID-19) के प्रकोप के कारण अधिकांश भारतीय एथलीट अपने घरों में अपने परिवार के साथ रहने पर मजबूर हैं, भारतीय पुरुष और महिला हॉकी खिलाड़ी समय पर अपने अपने घर नहीं जा सके थे और इसलिए उन्हें बेंगलुरु के भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र में अलग-अलग रखा गया है।

ट्रेनिंग कैंप में अपने खिलाड़ियों के साथ फंसने वाले नीदरलैंड के शोर्ड मारिन ने इस अप्रत्याशित अवसर का सबसे अधिक लाभ उठाया है और उनका मानना ​​है कि उन्होंने रुकने का सही फैसला लिया है।

भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि, "हमारा फरवरी और मार्च के बीच बहुत अच्छा कैंप था और मैं चार सप्ताह के बाद अपने परिवार को देखने के लिए उत्सुक था, लेकिन मैंने नहीं जाने का फैसला किया और मुझे खुशी है कि मैंने ऐसा किया।"

उन्होंने कहा, "यात्रा प्रतिबंध के कारण मैं नीदरलैंड में इतने हफ्तों तक टीम से दूर नहीं रह सकता था," मारिन ने कहा कि वापस आने का फैसला करने से पहले हवाई अड्डे के लिए निकल चुका था"।

खिलाड़ियों को पिच या जिम का उपयोग करने की अनुमति नहीं है, 45 वर्षीय डच कोच ने प्रत्येक खिलाड़ी के लिए उनके अनुसार ट्रेनिंग की योजना बनाई है और विरोधियों के बारे में प्राप्त जानकारी में और सुधार रहे हैं।

शोर्ड मरिन आश्वस्त हैं कि वह इस टीम से ओलंपिक में क्या चाहते हैं। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया
शोर्ड मरिन आश्वस्त हैं कि वह इस टीम से ओलंपिक में क्या चाहते हैं। तस्वीर साभार: हॉकी इंडियाशोर्ड मरिन आश्वस्त हैं कि वह इस टीम से ओलंपिक में क्या चाहते हैं। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया

डचमैन ने आगे कहा कि "हम व्यक्तिगत मीटिंग कर रहे हैं, व्यक्तिगत दौड़ और शक्ति और कंडीशनिंग अभ्यास और बॉडीवेट ट्रेंनिंग करते हैं। इसके अलावा, वो बहुत विश्लेषण कर रहे हैं। वो हमारे विश्लेषण सॉफ्टवेयर के साथ अन्य देशों के वीडियो देख रहे हैं।"

खिलाड़ियों को मिला आवश्यक ब्रेक"

कोरोना वायरस महामारी की वजह से सभी खेल आयोजनों को बंद करने और अधिकांश देशों को लॉकडाउन में रखने के साथ, भारतीय खिलाड़ी और कोच 21 दिन की लॉकडाउन की समाप्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शोर्ड मारिन का मानना ​​है कि उनके खिलाड़ियों को एक बहुत जरूरी ब्रेक की आवश्यकता थी जो उन्हें मिल गई है।

"मुझे बस सभी लड़कियों की तरह इंतजार करना होगा। इस बारे में कुछ कहना बहुत ही जल्दबाजी होगी। अभी हम जो कुछ जानते हैं, वह ये है कि हमें 15 अप्रैल तक यहां रहना चाहिए।"

कोच ने कहा, "इसके बाद हर किसी को मानसिक ब्रेक की आवश्यकता होगी क्योंकि यह शिविर में लंबे समय से है, लेकिन हमें देखना होगा कि यह कब होगा।"

भारतीय महिला हॉकी टीम ने पिछले साल नवंबर में शोर्ड मारिन की कोंचिंग में टोक्यो खेलों के लिए क्वालिफाई करने के बाद अपनी ओलंपिक तैयारी शुरू कर दी थी।

भारतीय टीम ने इस साल जनवरी में न्यूजीलैंड के दौरे पर अच्छा प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने तीन मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ और एक मैच ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ खेला था।

परिस्थितियों के अनुसार इस साल के टूर्नामेंट को अब स्थगित कर दिया गया है।

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