ओलंपिक ऐसा अवसर नहीं है जहां आपको हमेशा खेलने का मौका मिले: बजरंग पूनिया 

विनेश फोगाट एशियाई ओलंपिक क्वालिफायर के लिए अलग से नॉर्वे में ट्रेनिंग करेंगी।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

65 किलोग्राम भारवर्ग में दुनिया के नंबर 2 भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) 2020 ओलंपिक से पहले आगामी टूर्नामेंट्स में अपने कुश्ती के हर पहलू को बेहतर करने की तैयारी में हैं।

ओलंपिक खेलों में सीडिंग में सुधार की संभावनाओं पर नज़र रखते हुए बजरंग पुनिया के जॉर्जियाई कोच शाको बेंटिनिडिस (Shako Bentinidis) ने भारतीय पहलवान के लिए मुख्य रूप से डैन कोलोव-निकोला पेट्रोव टूर्नामेंट, कनाडा कप और पोलैंड में होने वाली रैंकिंग सीरीज़ को चिन्हित किया है।

बजरंग पूनिया ने कहा, "ओलंपिक से पहले कुछ टूर्नामेंट होने वाले हैं, इसलिए मैं अपनी उन कमजोरियों पर काम करूंगा और सुनिश्चित करुंगा कि मैं अपनी गलतियों को न दोहराऊं, साथ ही अपने हमले और बचाव दोनों को बेहतर बनाने की कोशिश करूंगा।"

उन्होंने ये भी कहा कि "ओलंपिक ऐसा अवसर नहीं है जहां आपको हमेशा खेलने का मौका मिले।”

लेग डिफेंस को बेहतर करने पर है फोकस

अधिकांश भारतीय पहलवानों की तरह अपने शुरुआती दिनों में मिट्टी में कुश्ती के दौरान बजरंग पूनिया को अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बेहतर पकड़ बनाने के लिए आगे झुकना पड़ता था। ये आदत उनके लिए नुकसानदायक साबित हुई और उनके पैर पूरी तरह से उजागर हो जाते थे।

नई दिल्ली में खेले गए एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक के मुक़ाबले में बजरंग पूनिया को हराने वाले जापान के ताकुतो ओटोगुरो (Takuto Otoguro) को इस कमजोरी के बारे में पता चला है। जापानी पहलवान ने अपने फायदे के लिए इसका इस्तेमाल पहले भी किया था, जब उन्होंने 2018 चैंपियनशिप में 26 वर्षीय भारतीय पहलवान को हराया था।

हालांकि, बजरंग पूनिया का कहना है कि वो अपनी इस कमजोरी की वजह से कम अंक ही गवां रहे हैं और इस साल जुलाई में होने वाले टोक्यो ओलंपिक के मैट पर कदम रखने से पहले इसे सुधारने में लगे हुए हैं।

भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया टोक्यो 2020 में मेडल हासिल करने के प्रबल दावेदारों में से एक हैं। तस्वीर साभार: JSW स्पोर्ट्स

"मैं (खराब) लेग डिफेंस के कारण अंक दे देता था। मैं ओलंपिक की तैयारी के लिए दो से तीन टूर्नामेंट खेलूंगा। मैं आक्रमण और डिफेंस, दोनों को बेहतर करने की कोशिश में जुटा हूं।

बजरंग पुनिया ने कहा, "हमारा फोकस है 2020 ओलंपिक, इसलिए मैं सभी पहलुओं पर काम कर रहा हूं।"

विदेशी प्रशिक्षण शिविर हो रहे हैं प्रभावित

इस बीच दुनिया भर में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के कारण रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने भारतीय महिला पहलवानों के प्रशिक्षण शिविर को रद्द कर दिया है, जो यूक्रेन में कीव में आयोजित होने वाला था।

विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) की अगुवाई में ओलंपिक भार श्रेणियों में भारत की शीर्ष महिला खिलाड़ी एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर से दो सप्ताह पहले यूक्रेन में ट्रेलिंग लेने वाली थीं। हालांकि, पहलवानों के परिवार के सदस्यों के चिंता जताने के बाद राष्ट्रीय महासंघ ने दूसरा विकल्प ढूंढा है।

WFI के सहायक सचिव विनोद तोमर ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि, "महिला पहलवान अब लखनऊ में ट्रेनिंग करेंगी। विनेश फोगाट ने अपने विदेशी कोच के साथ नॉर्वे में ट्रेनिंग करने का फैसला किया है।"

विनेश फोगाट के अलावा ओलंपिक क्वालिफिकेशन स्पर्धा की तैयारियों में जुटी अन्य महिला पहलवान निर्मला (Nirmala) (50 किग्रा.), अंशु मलिक (Anshu Malik) (57 किग्रा.), सोनम मलिक (Sonam Malik) (62 किग्रा.), दिव्या काकरान (Divya Kakran) (68 किग्रा.) और किरण (Kiran) (76 किग्रा.) हैं।

हाल के दिनों में एक नई तस्वीर सामने आई है और वह ये कि भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India) पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती के प्रशिक्षण शिविर पर सवाल उठा रहा है, जो कि रूस के मखाच्काला में आयोजित होने ही उम्मीद है।