जानिए क्यों जॉर्जियाई कोच बेंटिनिडिस रेसलर बजरंग पूनिया की प्रशंसाओं के पुल बांध रहे हैं?

जॉर्जियाई कोच शाको बेंटिनिडिस ने इंडियन रेसलिंग स्टार बजरंग पूनिया के करियर को आगे बढ़ाने में एक पिता की तरह अपना योगदान दिया है।  

कोच एमज़ैरिओस शाको बेंटिनिडिस (Emzarios Shako Bentinidis) के अनुसार, न केवल भारत बल्कि आधे जॉर्जिया की सांसे बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) के हर बार रेसलिंग मैट पर उतरने के साथ ही थम सी जाती हैं।

ग़ौरतलब है कि हरियाणा के इस पहलवान को अपनी पीढ़ी के सबसे होनहार भारतीय पहलवानों में से एक माना जाता है। बजरंग पूनिया की क्षमता यह सारी कहानी खुद ही बयां करती है। उनके नाम पहले से ही एक एशियन गेम्स, एक कॉमनवेल्थ गेम्स और दो एशियन चैंपियनशिप गोल्ड मेडल दर्ज हैं।

यही नहीं, 26 वर्षीय बजरंग ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में एक रजत और दो कांस्य पदक भी जीते हैं। बजरंग पूनिया के करियर की इस सफल यात्रा में जॉर्जियाई कोच शाको बेंटिंडिस उनके साथ काफी लम्बे समय तक रहे हैं।

उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “सिर्फ भारत ही नहीं, मेरा देश जॉर्जिया भी बजरंग का समर्थन करता है। यहां उनकी अच्छी फैन फॉलोइंग है। जब भी वह पदक के लिए जाते हैं तो आधा जॉर्जिया बजरंग का समर्थन करता है।”

भारत वापसी का बेसब्री से इंतज़ार

जॉर्जिया में यात्रा प्रतिबंधों की वजह से बजरंग पुनिया के साथ शाको बेंटिंडिस का प्रशिक्षण सत्र मात्र कॉल, वीडियो चैट और ईमेल के माध्यम से ऑनलाइन दिशा-निर्देशों तक सीमित रह गया है।

लेकिन यह काफी नहीं हो सकता है और जॉर्जियाई कोच अपने छात्र को तैयार करने के लिए जल्द से जल्द भारत लौटने के लिए उत्सुक है। इसके साथ ही वह अपना सबसे अच्छा देने की कोशिश करना चाहते हैं।

भारत को अपना दूसरा घर मानने वाले शाको बेटिंडिस ने कहा, “बजरंग और मैं एक पिता और पुत्र के रिश्ते को साझा करते हैं। मैं जल्द से जल्द भारत वापस लौटना चाहता हूं और उसे ओलंपिक के लिए प्रशिक्षित करना चाहता हूं। मैं उसे बहुत याद करता हूं और फिर से अपना प्रशिक्षण शुरू करने के लिए भारत वापस आना चाहता हूं। हर दिन मैं उठता हूं और सोचता हूं कि कब मैं भारत वापस जाऊंगा और बजरंग के साथ प्रशिक्षण फिर से शुरू करूंगा।”

बजरंग पूनिया में है एक खास गुण

जॉर्जिया में जन्मे शाको बेंटिंडिस ग्रीस के लिए दो बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने 2004 के एथेंस खेलों में भाग लिया और 2008 बीजिंग खेलों में 74 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में वह क्वार्टर फाइनलिस्ट रहे थे।

बजरंग पुनिया पहले ही अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए 2019 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। शाको बेंटिंडिस इस प्रतिभावान और आक्रामक पहलवान को किसी भी स्तर पर बेहतर कर सकने में सक्षम समझते हैं।

उन्होंने कहा, “बजरंग किसी भी स्थिति में खुद को ढ़ाल सकते हैं। बजरंग सभी को हराने के लिए उतरेंगे।”

यह वही गुण है, जिसकी वजह से इस 26 वर्षीय को टोक्यो में भारत की पदकों की उम्मीदों में से एक के रूप में देखा जा रहा है।

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