जितना अधिक आप मुक़ाबला करेंगे, उतना ही आप बेहतर होते जाएंगे: बजरंग पुनिया 

बेलग्रेड में खराब प्रदर्शन के बावजूद, भारतीय दिग्गज पहलवान बजरंग पुनिया का मानना है कि आने वाले समय में प्रतियोगिताओं में भाग लेकर भारतीय पहलवान जल्द ही अपनी लय हासिल कर लेंगे।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

बेलग्रेड में चल रहे व्यक्तिगत विश्व कप में भारतीय पहलवानों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उससे शायद ही कोई खुश होगा। लेकिन भारतीय दिग्गज पहलवान बजरंग पुनिया (Bajrang Punia) इससे चिंतित नहीं हैं।

बेलग्रेड इवेंट के लिए घोषित की गई 24 सदस्यीय मजबूत दल वाली भारतीय टीम ने अब तक सिर्फ एक रजत पदक जीता है। 57 किलोग्राम वर्ग में अंशु मलिक (Anshu Malik) ने भारत को पहला पदक दिलाया। इसके अलावा दो और कांस्य पदक की उम्मीद की जा रही है, जहां शुक्रवार को दीपक पुनिया (Deepak Punia) और गौरव बालियान (Gourav Baliyan) को अपना-अपना मुक़ाबला जीतना होगा

लेकिन देखा जाए तो उस देश के लिए ये प्रदर्शन वाकई खराब है, जो अपने पास दुनिया के शीर्ष पहलवानों का दावा करता है। हालांकि, 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में पूर्व शीर्ष पहलवान बजरंग पुनिया का मानना ​​है कि विश्व कप प्रदर्शन भारतीय कुश्ती की गुणवत्ता को नहीं दर्शाता है।

रवि कुमार (Ravi Kumar) अच्छे पहलवान हैं। वो अपने प्रतिद्वंद्वी से बेहतर पहलवान हैं, ”बजरंग पुनिया ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, विश्व कप में ओलंपिक कोटा विजेता के प्रदर्शन से उनको नहीं आंकना चाहिए।

सर्बिया के बेलग्रेड में चल रहे व्यक्तिगत विश्व कप में रवि कुमार शुरुआती दौर में हारकर हुए बाहर। फोटो: UWW 

"यहां उनकी हार का मतलब ये नहीं है कि वो लय से भटक गए हैं या उतने अच्छे नहीं है, लेकिन ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हमने इतने लंबे समय से प्रतिस्पर्धा नहीं की है। फिर महामारी ने समय को और मुश्किल बना दिया। यही कारण है कि आपको जल्द से जल्द एक टूर्नामेंट खेलना होगा।”

बेलग्रेड में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल प्रतियोगिता के शुरूआती दौर में हंगरी के गमज़ागाद्ज़ी हलीदोव (Gamzatgadzsi Halidov) के ख़िलाफ़ रवि कुमार ने अच्छी शुरुआत की और मुकाबले को अंतिम 90 सेकेंड तक ले गए, जिसका फायदा उठाने से चुक गए और प्रतियोगिता से बाहर हो गए।

बजरंग पुनिया को भरोसा है कि आने वाले महीनों में इस तरह के मुकाबलों की वजह से उनका भरोसा और मजबूत होगा और वो खुद को बेहतर कर पाएंगे।

तीन बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता ने कहा, “जितना अधिक आप प्रतिस्पर्धा करते हैं, उतना ही आप बेहतर होते जाएंगे। कम से कम मेरे लिए तो ऐसा ही रहा है। ट्रेनिंग वर्षों से चल रही  है, लेकिन ये प्रतियोगिता के बाद ही आप अपने प्रदर्शन का आंकलन कर सकते हैं और बारीकियों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।”

बजरंग पुनिया बनाम जैन रदरफोर्ड

जबकि बजरंग पुनिया ने संयुक्त राज्य अमेरिका में अपने प्रशिक्षण कार्यकाल को जारी रखने के लिए व्यक्तिगत विश्व कप को छोड़ने का फैसला किया, लेकिन भारतीय पहलवान आने वाले समय में दो अलग-अलग इवेंट्स में भाग लेंगे।

शुक्रवार को, ओलंपिक कोटा विजेता टेक्सास के ऑस्टिन में एक आमंत्रण कार्यक्रम में प्रतिस्पर्धा करेंगे और बाद में 22 दिसंबर को संयुक्त राज्य अमेरिका के जैन रदरफोर्ड (Zain Retherford) का सामना करेंगे। 26 वर्षीय पहलवान इस मौके को सबसे बेहतर बनाने के लिए उत्सुक हैं। 

बजरंग पुनिया ने कहा, “बेलग्रेड में टूर्नामेंट अच्छा है। लेकिन अमेरिका, कजाकिस्तान, मंगोलिया, जापान, यहां तक कि जॉर्जिया और क्यूबा जैसे शीर्ष कुश्ती देश इसमें में प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं। मैं पहले से ही यहाँ एक प्रशिक्षण शिविर में हूं और अच्छी तरह से तैयार हूं। प्रशिक्षण में वैसे ही साथी हैं जैसे मुझे चाहिए थे।”