हार के बाद अब दिव्या काकरण ओलंपिक क्वालिफायर्स के लिए नेशनल ट्रायल्स में करेंगी प्रतिस्पर्धा

भारतीय महिला रेसलर दिव्या काकरण को सीनियर नेशनल चैंपियनशिप के पहले ही राउंड में हार का सामना करना पड़ा था।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में युवा दिव्या काकरण (Divya Kakran) को पहले ही राउंड में शिकस्त का सामना करना पड़ा था और अब ऐसे में वह आने वाले नेशनल ट्रायल्स के लिए जोरो से तैयारी कर रही है।

68 किग्रा भारवर्ग में भाग लेने वाली दिव्या को सीनियर नेशनल में पहले राउंड में हार के बाद बड़ा झटका लगा था। कुछ महीने पहले यह 22 वर्षीय महिला पहलवान कोरोना वायरस (COVID-19) से संक्रमित भी पाई गई थी और उसके बाद उन्होंने सीधे आगरा में हुए इस नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। हालांकि उनका कमबैक उनके प्लान के मुताबिक़ नहीं रहा और उत्तर प्रदेश की रजनी (Rajani) ने उन्हें 8-6 से पस्त किया था।

2018 की ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता फिलहाल आगरा में मिली हार को भूलना चाहती हैं। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए दिव्या ने कहा “मैं नई दिल्ली के सेंटर में ट्रेनिंग कर रही हूं और इसके बाद नेशनल ट्रायल्स में भी भाग लुंगी जो कि ओलंपिक ट्रायल्स की तैयारी के रूप में भी है।”

वहीं दूसरी ओर दिव्या लखनऊ में लगे महिला पहलवान नेशनल कैंप का हिस्सा नहीं होंगी। हर भारवर्ग से केवल मेडल विजेता को ही इस कैंप में बुलाया गया है। 10 भारवर्गों में से 40 पहलवान इस नेशनल कैंप का भाग हैं।

2018 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता पूजा ढांडा (Pooja Dhanda) भी इस नेशनल कैंप में नहीं नज़र आएंगी। नेशनल ट्रायल्स की वजह से ही इस 27 वर्षीय भारतीय महिला पहलवान ने इसे छोड़ने का निर्णय लिया है।

पूजा ने बात करते हुए कहा “57 किग्रा में प्रतिस्पर्धा करने के लिए मुझे वज़न घटाना होगा। इससे मेरी ताकत और स्टेमिना में भी गिरावट देखी जाएगी। इसी वजह से मैंने नेशनल्स को छोड़ने का फैसला किया है। अब मैं क्वालिफायर्स के लिए ट्रायल्स में प्रतिस्पर्धा करूंगी।”

यह कैंप 31 मार्च को ख़त्म हो जाएगा और इसके बाद एशियन ओलंपिक क्वालिफायर्स के लिए नेशनल ट्रायल्स का आयोजन किया जाएगा जो कि 9 से 11 अप्रैल के बीच केले जाएंगे। उसके बाद एशियन रेसलिंग चैंपियन शियो का आयोजन 13 से 18 अप्रैल के बीच किया जाएगा।

दोनों ही इवेंट कज़ाखस्तान में खेले जाएंगे।