ओलंपिक की तैयारी में जुटे रवि कुमार दहिया अपने वज़न को नियंत्रित रखने के लिए कर रहे हैं ट्रेनिंग

57 किलोग्राम भार वर्ग में अपने वज़न को नियंत्रित रखने के लिए 22 वर्षीय भारतीय पहलवान को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

भारतीय कुश्ती के नए सुपरस्टार रवि कुमार दहिया (Ravi Kumar Dahiya) ने ख़ुलासा किया कि उन्होंने घर पर वजन बढ़ने के डर से नेशनल लॉकडाउन के दौरान नई दिल्ली प्रशिक्षण केंद्र में ही रहने का फैसला किया।

रवि कुमार दहिया ने 57 किग्रा भार वर्ग में पिछले साल ओलंपिक के लिए अपना टिकट हासिल किया था। वो खुद को 61 किलोग्राम भार वर्ग के लिए अधिक अनुकूल मानते हैं, जिसमें उन्होंने इस साल की शुरुआत में रोम रैंकिंग श्रृंखला में स्वर्ण पदक जीता था।

रवि कुमार ने इस साल ओलंपिक के बाद 61 किलोग्राम भार वर्ग में कुश्ती लड़ने की योजना बनाई थी। हालांकि, टोक्यो ओलंपिक को अब एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में अब रवि कुमार को अगस्त 2021 तक 57 किलोग्राम के अपने वजन को बनाए रखना होगा।

रवि कुमार दहिया ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि "इस वजन को बनाए रखना मुश्किल काम है।"

हरियाणा के इस पहलवान ने कहा, "मैं टोक्यो 2020 के बाद अपनी वेट कैटेगरी बदलने की सोच रहा था, लेकिन अब मुझे एक साल और इसी  कैटिगरी में लड़ना होगा।"

हालांकि दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में बहुत कम एथलीट हैं और इस समय कोई कोच नहीं है, लेकिन रवि कुमार दहिया अपने वजन को बनाए रखने के लिए संतुलित भोजन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मैंने घर वापस नहीं जाने का फैसला किया ताकि मैं अपना वजन बनाए रख सकूँ। घर पर, मैं चार बार और जब भी चाहूं खा सकता हूं। यहाँ पर, सिर्फ दो बार खाना मिलता है।”

हालांकि भारतीय पहलवान अपने कोच के साथ फोन पर रोजाना बात करते हैं, जहां उन्हें वजन मेनटेन रखने, ट्रेनिंग और तकनीक पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का निर्देश मिलता है।

रवि कुमार दहिया ने अपने पहले एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में शानदार तरीके से स्वर्ण पदक जीता। फोटो: UWW
रवि कुमार दहिया ने अपने पहले एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में शानदार तरीके से स्वर्ण पदक जीता। फोटो: UWWरवि कुमार दहिया ने अपने पहले एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में शानदार तरीके से स्वर्ण पदक जीता। फोटो: UWW

संघर्ष से हासिल होगी सफलता

अपने मौजूदा 57 किलोग्राम भारवर्ग में बने रहने के लिए चुनौतियों का सामना करने के बावजूद दहिया ने पिछले साल कुछ शानदार प्रदर्शन किए हैं।

चीन में 2019 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में पांचवां स्थान हासिल करने से पहले, इस युवा पहलवान ने 2019 प्रो रेसलिंग लीग में अपने अजय अभियान के साथ सबका दिल जीता था।

हालांकि, दहिया ने 2019 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अपने कांस्य-पदक प्लेऑफ मैच में हार को पीछे छोड़ते हुए 2019 विश्व चैंपियनशिप में पदक हासिल किया था। वो यहीं नहीं रूके 2020 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर सबको अपने प्रतिभा से परिचय कराया।

विश्व कुश्ती में पदार्पण करते हुए इस पहलवान ने यूरोपीय चैंपियन आर्सेन हरुट्युटियन (Arsen Harutyunyan) और 2017 विश्व चैंपियन युकी ताकाहाशी (Yuki Takahashi) को हराकर ओलंपिक स्थान हासिल किया।

इन शानदार प्रदर्शनों को देखते हुए अनुभवी भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त (Yogeshwar Dutt) ने उनसे टोक्यो ओलंपिक में पदक की उम्मीद जताई है।

57 किलोग्राम भार वर्ग में रवि कुमार विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर हैं। विश्व में रूस के ज़ावुर यूगव (Zavur Uguev), तुर्की के सुलेमान अटली (Suleyman Atli) और सर्बिया के स्टीवन एंड्रिया माइक (Stevan Andria Micic) के बाद रवि कुमार दहिया का एकमात्र लक्ष्य अब खुद को बेहतर करना है।

“मैंने कुछ प्रतियोगिताओं में भाग लिया, मैं परिणामों से खुश था जो मुझे हासिल हुआ। आप कह सकते हैं कि मेरे खेल में कुछ हद तक आत्मविश्वास है, लेकिन मुझे लगातार सुधार करना होगा और ओलंपिक की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।"

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