भारतीय कुश्ती संघ के केंद्रीय अनुबंध से साक्षी मलिक और सुशील कुमार बाहर

भारतीय कुश्ती संघ ने फ़ैसला किया है कि साक्षी मलिक और सुशील कुमार के अनुबंध को जारी नहीं रखा जाएगा। जबकि सोनम मलिक और अंशु मलिक को A कैटेगिरी में शामिल किया गया। 

लेखक सैयद हुसैन ·

पिछले कुछ समय से ख़राब फ़ॉर्म से जूझ रहे दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार (Sushil Kumar) और रियो 2016 की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक (Sakshi Malik) को भारतीय कुश्ती संघ (WFI) ने केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया है।

2018 में लागू किए केंद्रीय अनुबंध में क़रीब 150 पहलवान शामिल हैं, जिन्हें 9 अलग-अलग कैटेगिरी में बांटा गया है। इसके तहत उनके हालिया प्रदर्शन के आधार पर समय समय पर उन्हें आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई जाती है।

इसमें A कैटेगिरी में शामिल पहलवानों को 30 लाख रुपये सालाना मिलते हैं, जबकि B कैटेगिरी के पहलवानों को 20 लाख और C कैटेगिरी के पहलवानों को 10 लाख रुपये सालाना राशि दी जाती है। जबकि इस कैटेगिरी में सबसे निचले क्रम वाले रेसलरों को 30 हज़ार सालाना दिए जाते हैं।

2018 से ही साक्षी मलिक और सुशील कुमार A कैटेगिरी में शामिल थे, लेकिन इस सीज़न में उनके प्रदर्शनों को देखते हुए संघ ने फ़ैसला किया कि इन दोनों का कॉन्ट्रैक्ट नहीं बढ़ाया जाएगा।

2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले ही दौर में बाहर होने के बाद से 37 वर्षीय सुशील कुमार ने फिर किसी भी प्रतिस्पर्धा में शिरकत नहीं की थी। तो वहीं साक्षी मलिक के प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखी जा रही थी और जो एक ओलंपिक पदक विजेता का रुतबा होता है, वह उसके आस-पास भी नहीं थीं।

साक्षी मलिक का प्रदर्शन जहां गिरता जा रहा है तो 62 किग्रा भारवर्ग में सोनम मलिक (Sonam Malik) लगातार प्रभावित कर रहीं हैं। जिसके बाद इंडिविजुअल वर्ल्ड कप की रजत पदक विजेता सोनम और अंशु मलिक (Anshu Malik) को A कैटेगिरी में प्रमोट किया गया है।

इन फ़ैसलों पर भारतीय कुश्ती संघ के सहायक सचिव विनोद तोमर (Vinod Tomar) ने IANS को बताया, “पहलवानों को आर्थिक सहायता इसलिए की जाती है कि वह इससे अपने करियर को और निखार सकें और वैश्विक स्तर पर उनका प्रदर्शन ज़्यादा बेहतर हो। अगर कोई खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं करता है तो फिर उन्हें आर्थिक सहायता देने का कोई मतलब नहीं।“

साक्षी और सुशील के अलावा पूर्व वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक विजेता पूजा ढांढा (Pooja Dhanda) (57 और 59 किग्रा) और एशियन गेम्स की कांस्य पदक विजेता दिव्या काकरन (Divya Kakran, 68 किग्रा) को भी प्रदर्शन के आधार पर अनुबंध से बाहर कर दिया गया है।

वहीं दूसरी ओर ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके रवि कुमार (Ravi Kumar), बजरंग पुनिया (Bajrang Punia), दीपक पूनिया (Deepak Punia) और विनेश फ़ोगाट (Vinesh Phogat) अभी भी A कैटेगिरी में ही शामिल हैं।

हालांकि ये पहलवान भी पिछले एक समय से दंगल से बाहर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद फ़ेडरेशन ने इन सभी पर भरोसा जताया है।