भारतीय पहलवानों को टोक्यो में तीन-चार पदक जीतने चाहिए: बजरंग पूनिया

भारतीय पहलवानों ने 2019 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप से चार ओलंपिक कोटा सील कर लिया है। 

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

65 किग्रा वर्ग में शीर्ष भारतीय पहलवान और विश्व नंबर 2, बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) अगले साल टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पहलवानों से कई पदक जीतने की उम्मीद कर रहे हैं।

2019 विश्व चैंपियनशिप से कोटा जीतने वाले चार भारतीयों में से एक बजरंग पूनिया का मानना है कि नूर-सुल्तान में भारत का प्रदर्शन भारत की अपार संभावनाओं का अच्छा संकेत था।

बजरंग पूनिया ने टेबल टेनिस खिलाड़ी मुदित दानी (Mudit Dani) के इंस्टाग्राम चैट शो ‘द स्पोर्टलाइट’ में कहा, "मुझे लगता है कि हम टोक्यो ओलंपिक में कुश्ती से तीन से चार पदक जीतेंगे।"

“हमने 2019 विश्व चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन किया था, जो कि इस खेल का सबसे कठिन टूर्नामेंट है। भारत ने इसमें चार पदक जीतकर इतिहास रचा और टोक्यो ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई किया।"

बजरंग ने कहा, "इसलिए, मुझे लगता है कि भारतीय पहलवान बेहतर फॉर्म में हैं और टोक्यो में मजबूत दावेदार होंगे।"

बजरंग पूनिया टोक्यो ओलंपिक के लिए टिकट हासिल करने वाले पहलवानों में शामिल हैं

बजरंग पूनिया के अलावा, भारत से विनेश फोगाट (Vinesh Phogat), दीपक पूनिया (Deepak Punia) और रवि कुमार दहिया (Ravi Kumar Dahiya) ने भी 2019 विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतकर ओलंपिक स्पॉट बुक किया था।

दुनिया की सबसे मुश्किल श्रेणी

कई साल से बजरंग पूनिया शानदार फॉर्म में हैं और 65 किग्रा में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। हरियाणा के इस रेसलर को अपने वजन वर्ग में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

इस वर्ग को टोक्यो ओलंपिक की फ्रीस्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी श्रेणियों में से एक माना जा रहा है।

इसमें 2018 विश्व चैंपियन रूस के रशीदोव गदज़िमुराद (Rashidov Gadzhimurad), कजाकिस्तान के 2019 विश्व चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता डौलेट नियाज़बकोव (Daulet Niyazbekov), जापानी पहलवान और पुनिया के करीबी प्रतिद्वंद्वी ताकोतो ओटोगुरो (Takuto Otoguro), बहरीन के अल हाहा मोहम्मद (Al Haji Mohamad) और रूस के इलियास बेकुलबातोव (Ilias Bekbulatov) शामिल हैं

बजरंग पूनिया ने कहा, "मुझे लगता है कि 65 किग्रा दुनिया की सबसे मुश्किल श्रेणी है।"

“इस श्रेणी में कोई भी पहलवान नहीं है जिसने विश्व चैंपियनशिप खिताब या ओलंपिक स्वर्ण पदक न जीता हो।

पूनिया ने कहा, “हर संस्करण में हमेशा एक नया चैंपियन होता है। इस श्रेणी में मजबूत पहलवान हैं जो अपने दिन किसी को भी हरा सकते हैं।"