भारतीय पहलवान विनेश फ़ोगाट की नज़र है टोक्यो 2020 पर

एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2020 में भारत की महिला पहलवान विनेश फ़ोगाट ने कांस्य पदक जीतते हुए अपने फ़ॉर्म का संकेत दे दिया है।

भारत में आज कुश्ती ने एक बड़ा नाम कमा लिया है, यहां तक कि इस खेल को और इसके खिलाड़ियों को पूरे देश में काफी ज़्यादा पसंद किया जाता है। वहीं, कुश्ती की एक पहलवान जिनका नाम विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) है, उन्होंने अलग-अलग मौकों पर अपना कौशल दिखाया है, जो भारतीय प्रशंसकों के लिए खुशी की बात है। विनेश कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली महिला बॉक्सर हैं और इस आकंडे से उनकी प्रतिभा का अंदाज़ा भी लगाया जा सकता है।

पिछले हफ्ते नई दिल्ली में हुई एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप (Asian Wrestling Championships) के 53 किग्रा भार वर्ग में भाग ले चुकी फोगाट को जापानी रेसलर मायू मुकेदा (Mayu Mukaida) से 2-6 से हार का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि फोगाट की मुकेदा के हाथों यह तीसरी हार है, लेकिन हर बार भारतीय रेसलर हार के अंतर को कम करने में सफल हुई हैं। पहली हार भारतीय पहलवान फोगाट के सामने 0-10 से तो दूसरी बार 0-7 से हार का सामना करना पड़ा था।

विनेश फ़ोगाट ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था और टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफ़ाई करने वाली पहली भारतीय पहलवान बन गईं थीं।
विनेश फ़ोगाट ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था और टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफ़ाई करने वाली पहली भारतीय पहलवान बन गईं थीं।विनेश फ़ोगाट ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था और टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफ़ाई करने वाली पहली भारतीय पहलवान बन गईं थीं।

मुकेदा के मुद्दे पर बोलीं फोगाट

शुक्रवार को हुए मुकाबले के इस अंतर को देख फोगाट ने इसे सुधार का संकेत बताया है। हालांकि इस खिलाड़ी ने एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर एक बार फिर अपने कौशल का प्रमाण दिया। यह जीवियतनाम की थी ली किउ (Thi Ly Kieu) के सामने 10-0 के बड़े अंतर से आई।

मीडिया से बात करते हुए विनेश फोगाट ने कहा, “इस वर्गभार में मुकेदा को ज़्यादा अनुभव है। मेरे लिए यह सब सीखने की प्रक्रिया का पहलू है। जापान सर्वश्रेष्ठ है और उनके पहलवानों को हराना कभी भी आसान नहीं होता। मैं जो ट्रेनिंग कर रहीं हूं और जिस प्रक्रिया को फॉलो कर रही हूं वे खेल के दौरान दिखाई भी देती है।” 

उन्होंने आगे कहा, “मैंने वैसा ही प्रदर्शन किया जैसा मैंने सोचा था। अभी भी मेरे पास खुद को बेहतर करने का समय है और मेहनत कर बढ़ना ही मेरे हाथ में है, बाकी सब उस दिन की चुनौती पर निर्भर करता है। अगर आपका प्रतिद्वंदी बाकी खिलाड़ियों के मुताबिक कमज़ोर है तब भी छोटी-छोटी त्रुटियां आपको बड़ा खामियाज़ा भुगतने पर मजबूर करतीं हैं। यही चीज़ आपके प्रतिद्वंदी के लिए भी की जाती है।” 

मुकेदा से हारने के बाद भी विनेश फोगाट खुश दिखीं क्योंकि उन्हें विश्वास है कि आने वाले समय में वे और बेहतर प्रदर्शन कर अपनी इस चुनौती को भी पार कर लेंगी। पहलवान ने आगे कहा “हम एक दूसरे के सामने तीन बार आ चुके हैं और इस वजह से दोनों ही एक दूसरे के खेल को पहले से बेहतर समझते हैं। इस मुकाबले के लिए उनकी तैयारी मेरी तैयारियों से ज़्यादा सफल रहीं।” 

आगे बात करते हुए कहा, “मैं हारी ज़रूर हूं, लेकिन साथ ही मैं खुश भी हूं। ऐसे प्रतिद्वंदी के सामने खेलना अच्छा लगता है जो मुझे पर्द्रशन करने पर मजबूर करता है। जब खेल का स्तर बढ़ जाता है तो कभी आप जीतते भी हैं तो कभी आप हारते भी हैं”।    

टोक्यो 2020 पर नज़र 

फोगाट के आलावा एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में शिरकत कर रहे और तीन ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 2020 ओलंपिक गेम्स (2020 Olympic Games) में क्वालिफाई कर लिया है। उनमें दीपक पुनिया 86 किग्रा (Deepak Punia), बजरंग पूनिया 65 किग्रा (Bajrang Punia) और रवि दहिया 57 किग्रा (Ravi Dahiya) शामिल हैं। आपको बता दें कि अगर विनेश फोगाट टोक्यो 2020 से (Tokyo 2020) पहले अपनी रैंकिंग को और ज़्यादा बढ़ातीं हैं तो गेम्स के दौरान मुख्य ड्रॉ में उनकी भिडंत कम रैंकिंग वाली पहलवान से हो सकती है, जो कि उनके लिए एक अच्छा मौका होगा। 

फोगाट ने आगे कहा “यह अच्छी बात है कि मैं 2020 ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई कर चुकीं हूं। इसका दबाव आपको प्रभावित करता है और अब जब मुझे पता है कि मैं टोक्यो 2020 का हिस्सा रहूंगी और मुझे अपने प्रतिद्वंदी का पता है तो मैं इस पर और ज़्यादा काम कर सकती हूं। इस वजह से मैं अपने खेल पर ध्यान दे सकती हूं न कि क्वालिफाई करने की प्रक्रिया पर। 

विनेश फोगाट को 2020 ओलंपिक गेम्स में भारत की ओर से पहलवानी में मेडल जीतने वाली मुख्य दावेदार के तौर पर माना जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो उन्हें इस प्रक्रिया में कई उच्च कोटि की पहलवानों से दो-दो हाथ करने पड़ सकते हैं और इसकी तैयारी उन्हें अभी से करनी होगी। 

अपनी गति और रणनीति पर बात करते हुए फोगाट ने बताया “मुझे अपने जवाबी हमलों में और ज़्यादा गति लानी होगी और हम पहले से इस पर काम कर रहे हैं। उनकी अटैक करने की गति तेज़ है और अगर खेल के दौरान मैं कहीं भी उन्हें मौका देती हूं तो वे उसे अच्छे से भुना लेती हैं। इसी तकनीक को सीखने के लिए मेरा कार्य चल रहा है।”

फोगाट ने आगे कहा, “हर पहलवान के खिलाफ रणनीति बनाना बिल्कुल आसान नहीं है। हालांकि सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रूकती और मेरा मानना है कि वह रुकनी भी नहीं चाहिए। मेरे ख्याल से कोई भी इतना बड़ा नहीं है, जिसे सब आता है और कुछ भी सीखने की ज़रूरत नही है।”

अब जब 2020 ओलंपिक गेम्स में कवल 5 महीने हैं तो हर खिलाड़ी अपनी अंतिम तैयारियों में लगा है। ऐसे में विनेश फोगाट ने हर दिन के महत्व पर बोला कि “मेरे लिए हर दिन अब महत्वपूर्ण है। हालांकि अगर मैं सिर्फ ऐसा ही सोचूंगी तो जल्दबाज़ी के चलते मैं कुछ चीज़ों से वंचित रह जाउंगी। हाँ, अब बहुत ज़्यादा समय नहीं है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि समय बहुत ही कम है।"

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