व्यक्तिगत विश्व कप में भारतीय पहलवानों के हाथ रहे खाली

जनवरी में एशियाई चैंपियनशिप के बाद अपने पहले कार्यक्रम में, भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवानों के लिए व्यक्तिगत विश्व कप काफी कठिन साबित हुआ।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवानों को रविवार को सर्बिया के बेलग्रेड में चल रहे व्यक्तिगत विश्व कप (Individual World Cup) में निराशा का सामना करना पड़ा। श्रेणी के आठ पहलवानों में से पांच के प्रतियोगिता में आगे ना बढ़ने के बाद अन्य तीन ने भी बेलग्रेड में निराशाजनक प्रदर्शन किया।

रियो ओलंपियन हरदीप सिंह (Hardeep Singh) (97 किग्रा वर्ग) और नवीन (Naveen) (130 किग्रा) अपने-अपने वर्ग के शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए, जबकि ज्ञानेंद्र सिंह (Gyanendra Singh) ने क्वार्टर फाइनल में हारने से पहले भारतीय उम्मीदों को थोड़ी देर के लिए जिंदा रखा।

लेकिन 60 किग्रा वर्ग के अंतिम -8 में सर्बिया के क्रिस्टियन फ्रिस (Kristian Fris) के खिलाफ भारतीय पहलवान के पास शायद ही कोई जवाब था, फ्रिस ने तकनीकी श्रेष्ठता पर 9-0 की शानदार जीत दर्ज की।

शुरुआती दौर में क्वालिटी शो के पीछे से बाउट में आकर ज्ञानेंद्र सिंह विरोधी को चुनौती देने के लिए आश्वस्त दिखे। दो पहलवानों ने प्रारंभिक चरण में एक-दूसरे की चाल को मापा लेकिन अंत में चित कर दिया।

सर्ब खिलाड़ी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को मैदान से बाहर उठाने और दो बार चार-मूव के लिए अपने कंधों पर फ्लिप करने का सबसे अधिक फायदा उठाया। इसके बाद तो रैफरी के पास फ्रिस को विजेता घोषित करने में देर नहीं लगाई।

रियो ओलंपियन हरदीप सिंह को तकनीकी श्रेष्ठता पर पहले बाउट में हार का सामना करना पड़ा।

इससे पहले, जबकि हरदीप सिंह को ईरान के मोहम्मदहदी सारवी (Mohammadhadi Saravi) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, वहीं नवीन को जर्मनी के एडुआर्ड पोप (Eduard Popp) के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी।

 सुपर हैवीवेट बाउट में दोनों ही रेसलर जल्दबाजी में नहीं दिखे। जबकि पोप ने यह सुनिश्चित किया कि वह अपने प्रतिद्वंद्वी के करीब रहे और एक कड़ा डिफेंस बनाए रखा, नवीन को जर्मन की चाल का तोड़ने निकालने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, इसके अलावा वह जर्मन खिलाड़ी ने मैट का भी अच्छा इस्तेमाल किया।

इसके बाद भारतीय रेसलर के लिए स्थिति खराब होती रही और अंत में पोप को जीत दर्ज करने में कोई परेशानी नहीं हुई।