टोक्यो ओलंपिक में चार पदक जीतेंगे भारतीय पहलवान: बृजभूषण सिंह

नोएडा में प्रमुख एथलीटों के लिए एक ओलंपिक केंद्र बनाने के लिए WFI अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा भूमि आवंटन का प्रस्ताव 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

टोक्यो ओलंपिक में स्थान पक्का करने वाले चार भारतीय पहलवान- विनेश फोगाट (महिला फ्रीस्टाइल 53 किग्रा), बजरंग पूनिया (पुरुषों की फ़्रीस्टाइल 65 किग्रा), रवि कुमार दहिया (पुरुषों की फ़्रीस्टाइल 57 किग्रा) और दीपक पूनिया (पुरुषों की फ़्रीस्टाइल 86 किग्रा) से रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) को बहुत उम्मीदें हैं।

WFI अध्यक्ष का मानना है कि भारतीय कुश्ती दल में सुशील कुमार, साक्षी मलिक, सोनम मलिक और पूजा ढांडा जैसे बड़े पहलवानों के अभी तक कोटा हासिल नहीं करने बावजूद भी भारत, टोक्यो ओलंपिक में कम से कम चार पदक जीत सकता है। हालांकि इन पहलवानों के पास 29 अप्रैल से शुरू होने वाले विश्व ओलंपिक क्वालीफायर में कोटा हासिल करने का अंतिम मौका बाकी है। 

ANI से बातचीत में बृज भूषण ने कहा, "मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार ओलंपिक में हम चार पदक हासिल करेंगे। पिछले ओलंपिक में भी मैंने कुश्ती में तीन पदक जीतने की उम्मीद की थी, लेकिन डोपिंग विवाद और विनेश के चोटिल होने के कारण दुर्भाग्य से हम ऐसा नहीं कर पाये। इस वर्ष मुझे पूरी उम्मीद और विश्वास है कि हमारे एथलीट निश्चित रूप से चार पदक हासिल करेंगे।”

भारतीय पहलवान विनेश फ़ोगाट ने टोक्यो ओलंपिक के बुक किया कोटा स्थान

WFI नोएडा, उत्तर प्रदेश में अपने सभी प्रमुख एथलीटों के लिए एक ओलंपिक केंद्र बनाने की मंशा है। इसको लेकर राज्य सरकार को भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव भेजा है।

बृज भूषण ने कहा, "मैंने मुख्यमंत्री को कुश्ती के मैदान के लिए भूमि आवंटन करने का प्रस्ताव भेजा है और जल्द ही वो इस पर विचार करेंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि ओलंपिक केंद्र नोएडा में स्थापित होगा।" 

इसके अलावा, उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान 65वीं राष्ट्रीय फ्रीस्टाइल सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप के आयोजन के दौरान महासंघ के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के अभाव में भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। 

उन्होंने कहा, "इस टूर्नामेंट को आयोजित करना हमारे लिए एक बड़ी चुनौती थी। विश्व कप में हमारे पहलवानों ने भाग लिया और रजत पदक जीते। इस दौरान मैंने महसूस किया कि कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होने के कारण हमारे खिलाड़ी जीत के लिए संघर्ष कर रहे थे और उनका प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ।" 

बृज भूषण ने कहा, "हमने ग्रीको-रोमन, पुरुषों की फ़्रीस्टाइल और महिलाओं की फ़्रीस्टाइल का आयोजन एक साथ किया है, लेकिन इस बार COVID-19 के कारण और सामाजिक दूरी (प्रोटोकॉल) और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए टूर्नामेंट को तीन हिस्सों में बांट दिया है।"