वर्ल्ड नंबर-2 पहलवान बजरंग पुनिया के लिए टोक्यो ओलंपिक क्वार्टरफ़ाइनल की राह हुई आसान!

हरियाणा का यह पहलवान फिलहाल दौलेत नियाज़बकोव और इस्माइल मुस्ज़ुकाज़ेव से आगे हैं।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारतीय रेसलर बजरंग पुनिया (Bajrang Punia) का नाम अब देश में बच्चा बच्चा जानता है। 65 किग्रा भारवर्ग में बजरंग फिलहाल दूसरी रैंक पर काबिज़ हैं।उन्होंने साल 2020 की शुरुआत विश्व नंबर 3 की रैंकिंग से की थी। इस ज़बरदस्त पहलवान ने अपनी अंक तालिका में 16 अंक मैटियो पेलीकोन रैंकिंग सीरीज़ (Matteo Pellicone Ranking Series) में गोल्ड मेडल जीत कर जोड़े। वहीं दूसरी तरफ एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप तक का सफ़र भी तय किया, लेकिन अंत में जापानी ताकुतो ओटोगुरो (Takuto Otoguro) के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा।

यूनईटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) रैंकिंग के हिसाब से यह भारतीय पहलवान फ़िलहाल 59 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर काबिज़ है। गौरतलब है कि उनसे ऊपर यानि पहले स्थान पर रूसी ओलंपिक चैंपियगाज़ीमुराद रशीदोव (Gadzhimurad Rashidov) 56 अंकों के साथ क़ाबिज़ हैं। वहीं दूसरी तरफ दौलेत नियाज़बकोव (Daulet Niyazbekov) 56 अंक और इस्माइल मुस्ज़ुकाज़ेव (Iszmail Muszukajev) 41 अंकों के साथ क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर मौजूद हैं।

बजरंग पुनिया के अलावा भारतीय पहलवान रवि दहिया (Ravi Dahiya) ने भी 57 किग्रा भारवर्ग के शेष 4 में अपने नाम की मुहर लगा दी है। दहिया और शौहरत के बीच अभी भी 12 अंकों का फासला है। अगर इस खिलाड़ी को ओलंपिक गेम्स के नज़दीक जाना है और ओलंपिक गेम्स में सीड के साथ शुरुआत करनी है तो उन्हें रैंकिंग सीरीज़ में अंक हासिल करने होंगे।

57 किग्रा भारवर्ग में सर्वश्रेष्ठ स्थान पर रूस के वर्ल्ड चैंपियन ज़ौर उगौ (Zaur Uguev) 60 अंकों से पहले स्थान पर काबिज़ हैं। इनके बाद सुलेमान एटली (Suleyman Atli) (58 अंक), स्टीवन मिकिक (Stevan Micic) (48 अंक) और रवि दहिया (Ravi Dahiya) 45 अंकों के साथ फेहरिस्त में बनें हुए हैं।

वर्ल्ड रैंकिंग की बात करें तो भारत के दीपक पूनिया ने 86 किग्रा भारवर्ग में खुद को टॉप 4 में शामिल कर लिया है। इस लिस्ट को टॉप जो कर रहे हैं वह इरानी रेसलर हसन यज़दानी हसन यज़दानी (Hassan Yazdanicharati) हैं।

60 अंकों के साथ विश्व नंबर एक हसन यज़दानी अपने भारवर्ग में दूसरे नंबर के खिलाड़ी से 20 अंक ऊपर हैं और यह अंतर काफी बड़ा है। एशियन चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज़ मेडल की बदौलत दीपक पूनिया 54 अंकों की वजह से दूसरे स्थान पर हैं।

इस फेहरिस्त में पूनिया के बाद रूस आर्टर नाइफोनोव (Artur Naifonov) (47 अंक) और मायल्स अमीन (Myles Nazem Amine) 40 अंकों के साथ बड़े नाम आते हैं।

बजरंग पूनिया की राह

अपने वर्ग में टॉप-2 में अपना नाम शुमार करना बजरंग पुनिया के लिए टोक्यो गेम्स के सपने को साकार करने में मदद कर सकता है। वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के दौरान बजरंग ने ओलंपिक गेम्स का कोटा जीता था और इस वजह से वे अब टॉप 4 खिलाड़ियों के खिलाफ क्वार्टरफाइनल से पहले नहीं भिड़ेंगे जिससे उनका मेडल जीतने का रास्ता अपेक्षाकृत आसान हो जाएगा।

बजरंग पुनिया 65 किग्रा में लड़ते हैं और उनके लिए इस वर्ग में गाज़ीमुराद रशीदोव और दौलेत नियाज़बकोव.सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। आपको बता दें कि भारतीय पहलवान बजरंग पुनिया ने आज तक दौलेत को एक बार भी शिकस्त नहीं दी है।

गौरतलब है कि टोक्यो गेम्स के लिए जिन पहलवानों ने क्वालिफाई किया है वह हैं – बजरंग पूनिया, दीपक पूनिया,रवि दहिया और विनेश फोगाट (Vinesh Phogat)।