व्यक्तिगत विश्व कप में दीपक पुनिया और गौरव बलियान पदक जीतने से चूके

भारतीय पहलवानों को अपने-अपने कांस्य पदक मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप, भारत ने व्यक्तिगत विश्व कप में सिर्फ एक पदक जीता।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

भारतीय पहलवान दीपक पुनिया (Deepak Punia) और गौरव बालियान (Gourav Baliyan) शुक्रवार को अपने-अपने कांस्य पदक मुकाबले हारने के बाद व्यक्तिगत विश्व कप से बाहर हो गए।

86 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए, दीपक पुनिया को माल्डोवा के पियोत्र इयानुलोव (Piotr Ianulov) से 4-1 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि गौरव बलियान को 79 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में बेलारूस के महामेदखाबिब कडज़िमाहामेदाउ (Mahamedkhabib Kadzimahamedau) से 14-1 से हार झेलनी पड़ी।

86 किग्रा भार वर्ग में दीपक पुनिया के खिलाफ मैट पर पियोत्र इयानुलोव उतरे और उन्होंने अपने अनुभव का पूरा प्रयोग किया और मुक़ाबला अपने नाम किया।

मुक़ाबला के शुरूआत में दोनों पहलवान एक दूसरे को परखने के ईरादे से खेलने नज़र आए। जिसके चलते पैसिविटी के कॉल ने माल्डोवा के पहलवान को आक्रमण करने के लिए मजबूर किया।

घड़ी में लगाओ, 34 वर्षीय पियोत्र इयानुलोव ने भारतीय पहलवान का एक पैर पकड़ लिया, लेकिन वो एक टेकडाउन में बदलने में असफल रहे और उन्हें लाइन से बाहर धक्का देकर एक ही अंक से संतोष करना पड़ा। 

पियोत्र इयानुलोव अपनी डिफेंस को मजबूत किए खेल में बने रहे, दीपक पुनिया अपने प्रतिद्वंद्वी से काफी हद तक दूर नजर आए, जिससे किसी भी मौके को भुनाना मुश्किल हो गया।

दूसरे दौर में भारतीय पहलवान को पैसिविटी के दबाव से निपटना था। हालांकि दीपक पुनिया कुछ खास नहीं कर सके और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को एक और अंक दे दिया।

लगातार खत्म होते समय और अंक गवांने के दबाव से बचने के लिए दीपक पुनिया अंतिम सेकंड में एक और डबल-लेग अटैक के लिए गए। लेकिन 27 वर्षीय यहां भी असफल रहे क्योंकि माल्डोवा के पहलवान ने अपना कदम पलट दिया और पदक जीतने की उम्मीद को भी खत्म कर दिया।

इससे पहले, 79 किलो वर्ग में युवा गौरव बलियान को हराने के लिए महामेदखाबिब कडज़िमाहामेदाउ ने सिर्फ 25 सेकंड का समय लिया था। 

अपने दूसरे सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच में प्रतिस्पर्धा करते हुए, 20 वर्षीय भारतीय पहलवान ने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार झेली। 

कडज़िमाहामेदाउ ने एक आसान टेकडाउन के साथ मुक़ाबला शुरू किया और कुछ रोलओवर के चलते स्कोरबोर्ड पर 6-0 की बढ़त हासिल कर ली। 

बाद में, गौरव बलियान ने मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन बेलारूसी ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। 

उनके हार का मतलब था कि भारत व्यक्तिगत विश्व कप से सिर्फ एक पदक के साथ वापस जाएगा। आपको बता दें कि 57 किलोग्राम महिलाओं की कुश्ती में अंशु मलिक (Anshu Malik) का प्रदर्शन की सराहनीय रहा है।