साक्षी मलिक, सुशील कुमार को नए ट्रायल्स के आयोजन की उम्मीद से जगी आस

एशियाई ओलंपिक क्वालिफायर को साल 2021 तक के लिए टाले जाने की वजह से डब्ल्यूएफआई इस टूर्नामेंट से पहले नए ट्रायल्स की उम्मीद कर रहा है, जिससे भारतीय पहलवानों को राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का दोबार मौका मिलेगा।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

साक्षी मलिक (Sakshi Malik) के लिए टोक्यो ओलंपिक में जगह बनाने की संभावना पूरी तरह से समाप्त हो गई थी, लेकिन अब उन्हें अपने सपने को पूरा करने के लिए एक मौका और मिल सकता है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने घोषणा की है कि वह एशियाई ओलंपिक क्वालिफायर से पहले और भारतीय दल को निर्धारित करने से पहले नए सिरे से ट्रायल्स कराने की उम्मीद कर रहे हैं।

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने मंगलवार को ऐलान किया कि जो भी ओलंपिक क्वालिफायर होने  अभी बाकी रह गए हैं, उनका आयोजन 2021 में किया जाएगा। वह भी ठीक साल 2020 में तय तारीखों के समय आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, तारीखों में मामूली बदलाव किया जा सकता है।

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अंतरराष्ट्रीय निकाय ने यह भी कहा, “तय योजना के अनुसार मुख्य आयोजकों को ही इन क्वालिफायर की मेज़बानी दी जाएगी।” इसका मतलब यह हुआ कि चीन के ज़ियान में ही क्वालिफायर आयोजित किए जाएंगे।  इस इवेंट को 21 से 29 मार्च तक आयोजित किए जाने की उम्मीद है।

नए बदलवों से न केवल रियो 2016 में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक का फायदा होगा, बल्कि सुशील कुमार (Sushil Kumar), नरसिंह यादव (Narsingh Yadav) और पूजा ढांडा (Pooja Dhanda) भी राहत की सांस लेंगी। द हिंदू से बात करते हुए WFI के सचिव वीएन प्रसाद ने कहा, “हालांकि, ओलंपिक खेलों के स्थगन ने इस सत्र की योजना को काफी प्रभावित किया है”।

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उन्होंने कहा कि फेडरेशन इस सीजन के लिए नए रास्ते निकालने की दिशा में काम कर रहा है। जिसमें ओलंपिक क्वालिफायर के लिए भारतीय टीम का चयन करने की प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।

उन्होंने कहा, "हमारी नीति में सर्वश्रेष्ठ और योग्य पहलवानों का चयन करना है। लेकिन हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी को एक और मौका दिया जाए। हम सभी स्पर्धाओं में नए ट्रायल आयोजित कर सकते हैं और अगर सभी पहलवानों को यह फैसला स्वीकार नहीं होगा तो हम इस साल जल्द ही नेशनल चैंपियनशिप भी आयोजित की जा सकती है।"

इन पहलवानों को मिलेगा मौका

साक्षी मलिक और पूजा ढांडा इस सीज़न की शुरुआती स्पर्धाओं में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाईं और ओलंपिक क्वालिफ़ायर के लिए भारतीय कुश्ती टीम में भी जगह बनाने में असफल रहीं। वहीं, सुशील कुमार को चोट लगने के बाद नेशनल ट्रायल्स से बाहर कर दिया गया था।

नरसिंह यादव भी फ्रीस्टाइल वर्ग के 74 किलोग्राम भार वर्ग में वापसी कर सकते हैं। जबकि जितेन्द्र कुमार ने 74 किग्रा वर्ग में सुशील कुमार और नरसिंह यादव की अनुपस्थिति में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में दो बेहतरीन पहलवानों की वापसी निश्चित रूप से भारतीय कुश्ती टीम में जगह बनाने के लिए जूझती हुई नज़र आ सकती है।