क्या साक्षी मलिक टोक्यो 2020 में जगह बना पाएंगी ? पहलवान को एक और मौक़े की तलाश है

राष्ट्रीय ट्रायल्स में सोनम मलिक के हाथों अप्रत्याशित हार झेलने के बाद साक्षी मलिक की नज़र एशियन ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में जगह बनाना है

रियो 2016 ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पहलवान साक्षी मलिक ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (डब्लू एफ़ आई) से गुज़ारिश की है कि उन्हें एक बार फिर ट्रायल्स का मौक़ा दिया जाए। ताकि वह टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफ़ायर में जा सकें।

न्यूज़ एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के हवाले साक्षी मलिक ने कहा, ‘’मुझे आशा है कि एक बार फिर ट्रायल्स का मौक़ा मिलेगा, अगर मैं उसमें क्वालिफ़ाई कर जाती हूं तो मेरे पास फिर दो मौक़े होंगे। एक एशियन ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स और दूसरा वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स। मैं उन दोनों ही महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में शिरकत करना चाहती हूं।‘’

जनवरी में हुए नेशनल ट्रायल्स के दौरान साक्षी मलिक को दो बार की कैडेट चैंपियन सोनम मलिक से हार का सामना करना पड़ा था। सोनम ने उस मुक़ाबले में पीछे होने के बावजूद अंतिम लम्हों में चार प्वाइंट्स लेते हुए एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के भारतीय दल में जगह बना ली थी।

साक्षी कर रहीं है तकनीक में बदलाव

हालांकि साक्षी को नेशनल ट्रायल्स में हार मिली थी लेकिन फिर भी वह एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के 65 किग्रा वर्ग में हिस्सा लेंगी लेकिन ये नॉन ओलंपिक कैटेगिरी है। जिसको लेकर साक्षी ने कहा, “एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए मेरी तैयारियां अच्छी चल रही हैं, मैं हर प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती हूं और पदक जीतना चाहती हूं। मैं अपनी तकनीक पर भी काम कर रही हूं, मैं कोशिश करूंगी दोबारा वह ग़लती न हो जो पहले मुझसे हुई है।‘’

साक्षी मलिक (IND) ने एसुलु ताइनीबेकोवा (KGZ) को 8-5 से हराया

साक्षी मलिक (IND) ने एसुलु ताइनीबेकोवा (KGZ) को 8-5 से हराया

साक्षी मलिक के लिए 65 किग्रा एक नई कैटेगिरी है, उन्होंने रियो 2016 में पदक 58 किग्रा कैटेगिरी में जीता था। जबकि नेशनल ट्रायल्स में वह 62 किग्रा वर्ग में खेल रहीं थीं, लेकिन 27 वर्षीय इस पहलवान की सोच कुछ अलग है।

‘’मैं उसी कैटेगिरी में अपनी विपक्षियों को देख रही हूं और उसी हिसाब से मैंने अपनी रणनीति और तकनीक को बेहतर किया है। रेसलिंग में कोई भी कमज़ोरी ख़तरनाक हो सकती है फिर चाहे वह रक्षात्मक हो या आक्रामक।‘’

एशियाई चैंपियनशिप के रास्ते टोक्यो 2020

डब्लू एफ़ आई ने ये पहले ही कह दिया है कि अगर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो फिर एक बार और सभी पहलवानों को ट्रायल्स से गुज़रना होगा, और फिर उन्हें एशियन ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में जगह मिलेगी।

एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 18 से 23 फ़रवरी के बीच नई दिल्ली में आयोजित होगी, और इसे एशियन ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स की तैयारी के लिए एक बेहतर मंच माना जा रहा है। ओलंपिक के लिए एशियन क्वालिफ़ायर्स मार्च में आयोजित होगा।

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