सुशील कुमार का टोक्यो 2020 का सफ़र हुआ मुश्किल 

एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत जितेंदर कुमार ने सुशील कुमार के टोक्यो 2020 में अपनी जगह बनाने की राह को और अधिक मुश्किल कर दिया है।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारतीय रेसलर जितेंदर कुमार (JItender Singh) ने 74 किग्रा भार वर्ग में खेलते हुए एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप (Asian Wrestling Championships) में सिल्वर मेडल जीत सुशील कुमार (Sushil Kumar) की 2020 ओलंपिक खेलों में क्वालिफाई करने की उम्मीदों को एक बड़ा झटका दिया है।

नई दिल्ली में चल रही एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में उम्दा प्रदर्शन के बाद रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (Wrestling Federation of India – WFI) ने जितेंदर को 2020 ओलंपिक गेम्स (2020 Olympic Games) के एशियन रेसलिंग क्वालिफायर में प्रवेश करने के लिए हरी झंडी दे दी है। गौरतलब है कि टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफिकेशन की प्रतियोगिता मार्च में किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित की जाएगी।

WFI प्रेसिडेंट बृज भूषण शरण सिंह ने स्पोर्ट्स स्टार से बात करते हुए कहा, "74 किग्रा में खेलते हुए जितेंदर सिंह ने फाइनल तक का सफ़र तय किया है तो अब उन्हें किसी भी ट्रायल्स की ज़रूरत नहीं है और वे सीधा क्वालिफायर में जा सकते है।"

एशियन गेम्स 2018 (Asian Games 2018) के पहले राउंड में बाहर होने के बाद भारतीय पहलवान सुशील कुमार को चोट से जूझना पड़ा। इस दोहरे झटके से जूझ रहे सुशील को अभी लगभग एक महीने का इंतज़ार करना होगा और देखना होगा कि एशियन रेसलिंग क्वालिफायर में जितेंदर कुमार का प्रदर्शन कैसा होता है। अगर क्वालिफायर के दौरान यह भारतीय पहलवान फाइनल तक का सफ़र तय कर लेता हैं तो सुशील कुमार का टोक्यो 2020 में भाग लेने का सपना अधूरा रह सकता है।

2020 ओलंपिक गेम्स में क्वालिफाई करना सुशील के लिए बेहद मुश्किल 

कैसे कर सकते हैं सुशील कुमार टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई

भारतीय दिग्गज सुशील जो कि 74 किग्रा वर्गभार में खेलते हैं उन्हें यह उम्मीद लगानी होगी कि उन्ही के देश के जितेंदर कुमार क्वालिफायर के फाइनल में न पहुंचें। यदि ऐसा होता है तो डब्लूएफआई को भारतीय खिलाड़ियों के लिए ट्रायल्स का आयोजन करना होगा जिसमें उम्दा प्रदर्शन कर सुशील को अपने ओलंपिक के कारवां को आगे बढ़ाना होगा।

अगर सुशील ऐसा करने में सफल होते हैं तो उन्हें अप्रैल में सोफिया, बुल्गारिया में होने वाले वर्ल्ड रेसलिंग क्वालिफायर (World wrestling qualifiers) का हिस्सा बन टोक्यो 2020 के नज़दीक जाना होगा।

देखते ही देखते टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करना सुशील कुमार के लिए मुश्किल होता जा रहा है। आपको बता दें कि सुशील कुमार एकलौते भारतीय रेसलर हैं जिन्होंने दो अलग अलग ओलंपिक संस्करणों में मेडल जीता है। अब उम्मीद कर सकते हैं कि 2020 ओलंपिक गेम्स में यह भारतीय दिग्गज शिरकत कर अपने आखिरी ओलंपिक गेम्स में एक बार फिर अपने देश के गौरव को बढ़ा सकता हैं।