राष्ट्रमंडल निशानेबाज़ी चैंपियनशिप 2022 की भारत को मिल सकती है मेज़बानी

भारत को उम्मीद है कि 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले एक अलग से शूटींग इवेंट हो, जिसमें पदकों की संख्या कॉमनवेल्थ के ही बराबर हो।

लेखक सैयद हुसैन ·

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के 66 पदकों में से 16 शूटींग में आए थे, लिहाज़ा बर्मिंघम में होने वाले 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स से शूटींग को बाहर किए जाने के बाद इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) के अध्यक्ष नरेन्द्र बत्रा ने इसका बहिष्कार करने की चेतावनी दे डाली थी।

लेकिन अब कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ़), इंटरनेश्नल शूटींग स्पोर्ट फ़ेडरेशन (आईएसएसएफ़) और नेश्नल राइफ़ल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (एनआरएआई) के बीच 5 दिसंबर को हुई म्यूनीक में बैठक के बाद इस पूरे प्रकरण में कुछ सकारात्मक बातें सामने आती दिख रही हैं।

एनआरएआई ने 2022 में एक अलग राष्ट्रमंडल शूटिंग चैम्पियनशिप की मेज़बानी करने की अपनी प्रतिबद्धता की बात कही और इस इवेंट में आईओसी को जीते गए पदकों को 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स पदक तालिका में जोड़ने का सुझाव भी दिया। जिसके बाद सीजीएफ़ ने आईओए को इस इवेंट की मेज़बानी का प्रस्ताव सीजीएफ़ स्पोर्ट्स कमिटी को देने के लिए कहा है, और फिर इस प्रस्ताव को सीजीएफ़ अपनी एक्ज़ेक्यूटिव कमिटी के सामने मंज़ूरी के लिए रखेगा।

सकारात्मक बातें

एनआरएआई के अध्यक्ष रनिन्दर सिंह से बात करने के बाद सीजीएफ़ काफ़ी सकारात्मक नज़र आया और उसके बाद सीजीएफ़ ने नरेन्द्र बत्रा को भी एक चिट्ठी भेजी, जिसमें लिखा गया है कि “एनआरएआई आपके और भारत सरकार के साथ काम करेगा, ताकि एक औपचारिक प्रस्ताव सीजीएफ़ स्पोर्ट्स कमिटी और फिर सीजीएफ़ एक्ज़ेक्यूटिव बोर्ड के पास मंज़ूरी के लिए को जनवरी के शुरुआती हफ़्ते तक भेजा जाए। इस प्रस्ताव को ही सीजीएफ़ के आधिकारिक सदस्य के तौर पर ही इंडियन कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन द्वारा भेजा जाएगा।”

बत्रा को लिखे सिंह की इस चिट्ठी में एक और प्रस्ताव का ज़िक्र किया गया है जिसमें चैंपियनशिप इवेंट के लिए आईओए के अध्यक्ष को भी प्रस्ताव भेजा जाना है, इसमें ये भी लिखा गाया है कि इसके लिए आईएसएसएफ़ का भी पूर्ण समर्थन हासिल है।

महत्वपूर्ण बातें

इसमें चैंपियनशिप की एक अस्थाई तारीख़ 14 मार्च 2022 होने के अलावा, एक और सिंह के इस प्रस्ताव में जो अहम बिन्दु है वह ये है कि अलग से होने वाली चैंपियनशिप में जीते गए पदकों को कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में भी शामिल किया जाए।

इस बात का ज़िक्र बत्रा ने सीजीएफ़ चीफ़ लुईस मार्टिन और सीईओ डेविड ग्रीवमबर्ग के साथ भी किया था, जब वे नवंबर में बर्मिंघम खेलों से भारत के बहिष्कार की चेतावानी के बाद इस मसले पर बात करने भारत आए थे।

हालांकि सीजीएफ़ की बत्रा को भेजी गई चिट्ठी में इस बात का कोई अलग से ज़िक्र नहीं है, बस इतना लिखा है कि आईएसएसएफ़-एनआरएआई का ये प्रस्ताव “सभी हितधारकों की अपेक्षाओं को पूरा करता है।” बत्रा को लिखी अपनी इस चिट्ठी में सिंह ने चैंपियनशिप की मेज़बानी के लिए भारत सरकार की मंज़ूरी पर भी ज़ोर दिया है।

“मैं आपको हमारे राष्ट्रपति के रूप में NRAI की अनुमति, सहायता और समर्थन के लिए भारत सरकार से जल्द से जल्द संभव अवसर पर अनुमति देने के लिए अनुरोध कर सकता हूं, और एक बार यह स्वीकार कर लिया जाए तो फिर आईओए/सीजीआई इसे सीजीएफ़ की अनुमति के लिए सीईओ के पास भेज देगा।” : रनिन्दर सिंह, अध्यक्ष, एनआरएआई