टोक्यो ओलंपिक के लिए होने वाले क्वालिफाइंग मुकाबलों के लिए IOA आश्वस्त

कोरोना वायरस महामारी ने भले ही अभी प्रतिस्पर्धाओं पर विराम लगा दिया है लेकिन IOA चाहता है कि सभी एथलीट ओलंपिक खेलों को अगले साल तक टालने के फैसले को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी जारी रखें।

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने टोक्यो ओलंपिक को अगले साल तक टाले जाने के चलते अपने सभी खेल संघों को नए दिशा-निर्देश दिए हैं। आईओए चाहता है कि अब एथलीट ओलंपिक खेलों के लिए होने वाले क्वालिफाइंग इवेंट्स की नई तारीखों को ध्यान में अपनी तैयारियां जारी रखें।

आईओए के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने शनिवार को राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF) को एक पत्र लिखा, जिसमें वह टोक्यो ओलंपिक के लिए होने वाले क्वालिफाइंग टूर्नामेंट बाद की तारीखों में आयोजित किए जाने को लेकर आश्वस्त दिखे। उन्होंने यह पत्र अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के अध्यक्ष थॉमस बाक से कॉन्फ्रेंस कॉल पर बात करने के बाद लिखा।

उन्होंने लिखा, “वायरस की समस्या खत्म होने बाद टाले गए क्वालिफिकेशन इवेंट्स को नई तारीखों में आयोजित किया जाएगा। उसी के अनुसार नया ड्राफ्ट तैयार किया जाए। कृपया अपने खेल में होने वाले सभी क्वालिफिकेशन इवेंट्स की जानकारी साझा करें।”

आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा कि 2026 यूथ ओलंपिक गेम्स नेशनल फेडरेशन के लिए महत्वपूर्ण है।
आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा कि 2026 यूथ ओलंपिक गेम्स नेशनल फेडरेशन के लिए महत्वपूर्ण है।आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा कि 2026 यूथ ओलंपिक गेम्स नेशनल फेडरेशन के लिए महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा IOA अध्यक्ष ने सभी एथलीटों से अपनी वर्तमान स्थिति और टोक्यो ओलंपिक से पहले उनके प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में बताने को कहा, जिन्हें हालिया परिस्थितियों के कारण टाल दिया गया है।

अनुबंध को बढ़ाया जाना जरूरी

एक बड़ा और जरूरी मुद्दा विभिन्न खेलों में विदेशी कोचों के अनुबंध का है, जो इस साल अगस्त में समाप्त हो जाएंगे। अगर खेल अपने तय समय पर होते तो सभी कोचों का अनुबंध योजना के अनुसार ठीक समय पर ही समाप्त होता। हालांकि, खेलों के स्थगित होने के साथ अब कोचों के अनुबंध का भी विस्तार करना होगा। नरिंदर बत्रा ने अपने पत्र में इस मुद्दे पर भी लिखा।

उन्होंने कहा, “जैसा कि आप पहले से ही जानते हैं कि साल 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक को साल 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। हमें अब इसके लिए नए सिरे से योजना बनाने की आवश्यकता है। साल 2021 के अंत तक एचपीडी (उच्च प्रदर्शन निदेशक), कोच, सहायक कर्मचारियों आदि के अनुबंधों का विस्तार करना होगा, क्योंकि 2020 में ऐसे कई अनुबंध समाप्त हो रहे हैं। ऐसे में इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने की आवश्यकता है।”

आईओसी ने कहा कि भारत ने रियो 2016 में 117 एथलीटों का दल भेजा था। टोक्यो 2020 के लिए जो एथलीट पहले ही क्वालिफाई कर चुके हैं, वे अगले साल होने वाले ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेंगे। हालांकि अभी भी रियो 2016 में भेजे गए दल की बराबरी करने के लिए लगभग 40 अन्य एथलीटों के क्वालिफाई करने की आवश्यकता है।

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