आईओए मिलेंगे 33 एनएसएफ से और टोक्यो 2020 के लिए बनाएंगे ख़ास रणनीति 

ओलंपिक गेम्स के अगले 2 संस्करणों के लिए भरतीय शासन हो रहा है तैयार। 

लेखक Olympic Channel Writer ·

इंडिया ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने अगले साल होने वाले ओलंपिक गेम्स के मद्देनज़र नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (एनएसएफ) के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग रखना चाह रहें हैं। यह मीटिंग टोक्यो 2020 के लिए भारतीय रणनीति के लिए रहेगी।

अभी तक ओलंपिक गेम्स में भारत के लिए सबसे अच्छा संस्करण 2012 लंदन गेम्स रहा है। उस संस्करण में भारत के हाथ 6 मेडल आए थे। तब से लेकर अब तक आईओए भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन और इस मेडल टैली को सुधारने में लगा हुआ है।

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार बत्रा ने कहा “साल 2020 के शुरुआत में, मैं एनएसएफ के सभी 33 महासचिवों के साथ अलग से बात करूंगा ताकि टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 के लिए हम बेहतर रणनीति बनाई जा सके।”

भविष्य की रणनीति

2020 ओलंपिक गेम्स के साथ-साथ होने वाली मीटिंग का उदेश्य 2024 पेरिस गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का बेहतर प्रदर्शन भी होगा। इतना ही नहीं, मीटिंग के दौरान 2032 गेम्स के लिए भी चर्चा की जाएगी ताकि भारत अच्छी बिड कर ओलंपिक गेम्स का खेमा भारत में ला सके। यदि ऐसा होता है तो खिलाड़ी और भारतीय जनता को ओलंपिक गेम्स के लिए ज़्यादा प्रोत्साहन मिलेगा और अच्छे परिणामों की भी उम्मीद की जा सकती है। 

नेशनल एसोसिएशन की नज़र टोक्यो 2020 में कम से कम 10 मेडल जीतने पर है। यह आंकडें केवल टोक्यो 2020 तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि भारतीय एसोसिएशन की नज़र 2024 गेम्स में 25 और 2028 गेम्स में 35-40 मेडल जीतने पर भी है।

बत्रा ने आगे कहा “ओलंपिक खेलों में 339 इवेंट्स होते हैं तो इस लिहाज़ से देखा जाए तो गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज़ कैटेगरी को मिलाकर 1017 (339x3) मेडल जीते जा सकते हैं।”

“सरकार ने खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए खुले दिल से प्रयास किए हैं ताकि वह टोक्यो 2020 में उम्दा प्रदर्शन करने में सफल हो सकें। मेरे ख्याल में अब एनएसएफ को आगे की रणनीति बनानी चाहिए ताकि टोक्यो गेम्स के साथ-साथ 2024 ओलंपिक गेम्स तक हमारा खेमा मज़बूत हो सके।”