ट्रेनिंग कार्यक्रम को संशोधित करते समय भारतीय एथलीटों के करियर पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखा जाएगा

एक साल तक ओलंपिक को मजबूरन स्थगित करने से कुछ एथलीटों के करियर की योजना में बाधा आ सकती है और आईओए इस पर काम कर रहा है।

2021 की गर्मियों तक टोक्यो ओलंपिक को स्थगित करने के अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के निर्णय से उन खिलाड़ियों के करियर पर प्रभाव पड़ सकता है जो अपने करियर के ढलान पर हैं।

ओलंपिक खेलों के स्थगन का स्वागत करने वाली भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने माना कि संशोधित ट्रेनिंग कार्यक्रम की योजना बनाते समय इस मुद्दे से निपटने के बारे में विचार किया जा सकता है।

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI)  के अनुसार, IOC और टोक्यो ओलंपिक के आयोजक को एक पत्र लिखकर IOA  के महासचिव राजीव मेहता ने कहा, "एक साल का स्थगन कुछ एथलीटों के करियर /क्वालिफिकेशन और योजनाओं को प्रभावित कर सकता है, जिसे आने वाले महीनों में बताया किया जाएगा और सभी आवश्यक समर्थन भी हमारे द्वारा बढ़ाए जाएंगे।" “मैं चर्चा कर रहा हूं और भारत में लॉकडाउन खत्म होने के बाद फेडरेशन्स के साथ बैठकें होंगी। एथलीटों की सुरक्षा अब हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम तैयारी की योजना को संशोधित करने में युवा मामले और खेल मंत्रालय के साथ भी परामर्श करेंगे।”

अचंता शरत कमल ने फाइनल में मार्कोस फ्रेइटास को हराकर ओमान ओपन का खिताब जीता। फोटो: ITTF
अचंता शरत कमल ने फाइनल में मार्कोस फ्रेइटास को हराकर ओमान ओपन का खिताब जीता। फोटो: ITTFअचंता शरत कमल ने फाइनल में मार्कोस फ्रेइटास को हराकर ओमान ओपन का खिताब जीता। फोटो: ITTF

कई एथलीटों के क्वालिफिकेशन प्रभावित हुए

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने COVID-19 को महामारी घोषित किया है और इसके मामलों में भारी वृद्धि देखने को मिली है, जिसके बाद ओलंपिक सहित दुनिया भर के सभी खेल आयोजनों को रोकना पड़ा, जिसमें टोक्यो ओलंपिक के लिए होने वाले कई क्वालिफिकेशन इवेंट भी शामिल थे।

बैडमिंटन, टेबल टेनिस, भारोत्तोलन, निशानेबाजी, तीरंदाजी कुछ ऐसे खेल थे जिनमें भारतीय एथलिटों ने टोक्यो ओलंपिक के लिए टिकट हासिल कर भारत को पदक दिलाने की आस बढ़ा दी थी।

हालांकि, पीवी सिंधु (PV Sindhu), बी साई प्रणीत (B Sai Praneeth), साथियान गणानाशेखरन (Sathiyan Gnanasekaran), अचंता शरत कमल (Achanta Sharath Kamal) और मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने टोक्यो ओलंपिक में स्थान हासिल करने के लिए अपने अपने संबंधित खेलों में अच्छी रेंक हासिल की थी। हालांकि उनकी अभी तक पुष्टि नहीं हुआ थी और ऐसा भी हो सकता था कि स्थिति बदल जाती।

जितने भी 70 भारतीय एथलीट टोक्यो ओलंपिक में खेलने के योग्य थे, उसमें आईओए का मुख्य उद्देश्य है कि इस संख्या को बढ़ाकर 117 को कोशिश की जाए और रियो 2016 के लिए भेजे गए दल से ज्यादा हो जाए।

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