आईएसएल में फैंस की ग़ैर-मौजूदगी से नहीं मिलेगा घरेलू मैदान का फायदा – सुनील छेत्री

भारतीय फुटबॉल कप्तान का मानना है कि बायो-बबल के सख्त नियमों का पालन करना आसान नहीं है, लेकिन बेंगलुरु एफसी गोवा में अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है।

लेखक रितेश जायसवाल ·

भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री (Sunil Chhetri) काफी लंबे समय के बाद एक बार फिर से मैदान पर उतरने की कोशिश कर रहे हैं।

स्ट्राइकर छेत्री इस वक्त 2018-19 इंडियन सुपर लीग चैंपियन बेंगलुरु एफसी के साथ बायो-बबल में प्रशिक्षण ले रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि सख्त नियमों का आदी होना काफी कठिन है।

सुनील छेत्री ने ट्विटर पर पोस्ट किए वीडियो में कहा, "आईएसएल के बायो-बबल के अंदर यह हमारा तीसरा सप्ताह है और मुझे यह मानना ही होगा कि यह काफी मुश्किल है, लेकिन हमें इसकी जरूरत है।"

"हम टूर्नामेंट शुरू होने से पहले एक टीम के रूप में पूरी तरह फिट रहने की अपनी पूरी कोशिश में डबल सेशन कर रहे हैं... और मुझे यकीन है कि हर कोई इसके शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहा है, ठीक वैसे ही जैसे कि मैं कर रहा हूं।”

COVID-19 महामारी की वजह से ISL 2020-21 सीजन की शुरुआत में देरी हुई है। अब इस लीग को गोवा में तीन स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है, ताकि टीमों और खिलाड़ियों की यात्रा के जोखिम को कम से कम किया जा सके।

सुनील छेत्री का यह भी मानना है कि प्रशंसकों की ग़ैर-मौजूदगी भी एक बड़ी चुनौती होगी।

उन्होंने आईएसएल वेबसाइट को बताया, “हम कांटेरावा (बेंगलुरु एफसी के घरेलू स्टेडियम) में नहीं खेल पाएंगे। यह बहुत बड़ी निराशा की बात है, क्योंकि हमारे प्रशंसक भी वहीं पहुंच जाते हैं जहां हम खेलते हैं। उनके नहीं होने से बहुत बड़ी कमी महसूस होगी।”

हालांकि, इस स्थिति का मतलब यह भी है कि यह सभी टीमों के लिए एक बड़ी चुनौती से भरा हुआ खेल का मैदान होगा, जिसमें कोई 'घरेलू फायदा' नहीं होगा।

छेत्री ने कहा, ''आप तर्क दे सकते हैं कि एफसी गोवा को फायदा हो सकता है, लेकिन उनके पास उनके प्रशंसक नहीं होंगे।

बेंगलुरु एफसी ने 22 नवंबर को एफसी गोवा के खिलाफ अपने आईएसएल 2020-21 अभियान की शुरुआत की और दिग्गज स्ट्राइकर ने अपनी टीम को एक साथ रहने के लिए प्रेरित किया, खासकर इस समय में।

उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा, “अभी फिलहाल फिट रहने पर ध्यान केंद्रित है ताकि कोच को चुनने के लिए पूरी टीम मिल सके। हमें उनमें से हर एक की इस साल कहीं ज्यादा जरूरत है। हमें चोटों से बचना होगा और अगर हम ऐसा करते हैं तो हमारे पास जीतने का अच्छा मौका होगा।”