वलारिवन और पंवार ने ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में जीते गोल्ड मेडल 

ISSF वर्ल्ड कप फाइनल की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भारत ने हासिल किए दो गोल्ड मेडल 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

चीन के पुतिन शहर में चल रहे आईएसएसएफ वर्ल्ड कप फाइनल का आज का दिन भारतीय इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। भारत की चहेती निशानेबाज़ मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीत कर अपने हुनर का प्रमाण दिया। इतना ही नहीं, इस प्रतियोगिता में भाकर के अलावा भारत के दो और निशानेबाज़ इलावेनिल वलारिवन और दिव्यांश सिंह पंवार ने भी 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में गोल्ड जीत कर भारतीय खेल प्रेमियों को ख़ुशी के और मौके दिए।

जहां एक तरफ पंवार और डिफेंडिंग चैंपियन इस्तवान पेनी के बीच कांटे की टक्कर हुई, वहीं दूसरी तरफ वलारिवन ने खेल को पूरे तरीके से अपने शिकंजे में रखा। दोनों ही शूटरों ने बेहद उम्दा खेल दिखाया और अपने प्रतिद्वंदियों की हार पर सटीक निशाना साधा।

आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में इलावेनिल वलारिवन ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। फोटो क्रेडिट: issf-sports.org

प्रभावशाली वलारिवन

दूसरे स्थान पर क्वालिफाई करने के बाद फाइनल राउंड में वलारिवन ने एक अलग ही खेल दिखाया और पहले राउंड में 52.5 स्कोर कर पहला स्थान प्राप्त किया। चीनी ताइपे लिन यिंग शिन और भारतीय शटलर का मुकाबले ख़ास होने वाला था और दोनों ही जीत की देहलीज़ पर कदम रखने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रहे थे। दूसरे राउंड में वलारिवन ने कोई कसर नहीं छोड़ी और अपनी बढ़त को कायम रख नंबर 1 का स्थान हासिल कर लिया। 

अब मुकाबले में वलारिवन के लिए बढ़त को बनाए रखना ज़रूरी था और उन्होंने ठीक वैसा ही किया। इनर 10 के दायरे से उनसे केवल दो शॉट चूके लेकिन इसके बाद की कहानी कुछ और ही थी। वलारिवन ने 250.8 का कुल स्कोर हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया और पूरे देश को गौरांवित किया।  

250.7 के स्कोर की बदौलत लिन ने सिल्वर मेडल जीता और रोमानिया की लौरा-जॉर्जेटा कोमन ने 229.0 स्कोर कर ब्रॉन्ज़ मेडल पर अपना कब्ज़ा जमाया। 
 

पंवार का वार

पुरुषों के मुकाबले की बात की जाए तो दिव्यांश सिंह पंवारकी कोशिश जारी थी और बेहद कम अंतर से उन्होंने गोल्ड मेडल जीत कर इन पलों को यादगार बनाया।

शुरुआत में पंवार के वार कम असरदार दिखे जिस वजह से पहले दो राउंड के बाद वह चौथे स्थान पर दिखाई दिए। कहते हैं ना कि खेल के अंत से पहले किसी भी खिलाड़ी हारा हुआ क़रार नहीं दे सकते, अगर उसका आत्मविश्वास उसके साथ है। पंवार ने भी हार नहीं मानी और तीसरे राउंड में 10.9 और 10.6 स्कोर अर्जित कर पहला स्थान प्राप्त किया। यह स्थान ज़्यादा देर तक पंवार का साथ नहीं दे पाया और पेनी ने 10.5 और 10.6 का स्कोर कर पहले स्थान पर अपनी मुहर लगा दी। 

अब बस अपनी नव्ज़ को काबू में कर चतुराई से खेल दिखाने की ज़रूरत थी। आईएसएसएफ वर्ल्ड कप फाइनल को अपने नाम करने का यह आख़िरी मौका था और भारतीय शूटर पंवार इस पर खरे उतरे। उनके 10.7 और 10.6 स्कोर के मुकाबले पेनी 10.4 और 10.6 के स्कोर से पीछे रह गए और इस तरह से भारत के नाम एक और गोल्ड मेडल आया। जापान में होने वाले 2020 ओलंपिक गेम्स का कोटा तो दिव्यांश सिंह पंवार ने पहले ही जीत लिया है । अब बस ज़रूरत इस बात की है कि आईएसएसएफ वर्ल्ड कप फाइनल से हासिल हुए आत्मविश्वास को वह भविष्य में मेडल में तब्दील करें।