ISSF वर्ल्ड कप फाइनल: क्वालिफिकेशन राउंड से हुई बाहर भारतीय तिकड़ी

संजीव राजपूत फाइनल में एक अंक से पीछे रहते हुए हार गए, जबकि अखिल शेरोन और अंजुम मौदगिल का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा।

लेखक रितेश जायसवाल ·

चीन के पुतियान में मंगलवार से पुतियान स्पोर्ट्स ट्रेनिंग बेस में शुरू हुए आईएसएसएफ विश्व कप फाइनल (राइफल / पिस्टल) में भारत की शुरुआत काफी निराशाजनक रही। कोई भी निशानेबाज़ 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन में क्वालिफिकेशन राउंड से आगे नहीं बढ़ सका।

एक ओर जहां पुरुषों के वर्ग में संजीव राजपूत फाइनल राउंड में जगह बनाने के करीब आते हुए 9वें स्थान पर रहे तो वहीं अखिल शेरोन ने रेंज में दिन की खराब शुरुआत की। इस प्रतिस्पर्धा में वह 14 खिलाड़ियों के बीच 13वें स्थान पर रहे।

करीबी मुकाबला

राजपूत, जो कुछ महीने पहले ही अपने खेल में देश के लिए ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं, उन्होंने अपनी शुरुआत काफी धीमी की और नीलिंग पोजिशन (घुटने के बल) में कुल 384 अंक हासिल करते हुए 9वें स्थान पर रहे। यहीं से इस भारतीय के लिए आगे का सफर काफी मुश्किल होता चला गया। अब शीर्ष आठ में वापस लौटना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गई।

भारत के संजीव राजपूत 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन के क्वालिफिकेशन राउंड में 9वें स्थान पर रहे। 

हालांकि प्रोन पोजिशन (लेटकर) में कुल 388 अंक हासिल करते हुए नौसेना के इस निशानेबाज़ ने एक बार फिर उम्मीद कायम रखी। लेकिन स्टैंडिंग पोजिशन (खड़े होकर) में वह 381 अंक हासिल करते हुए कुल 1153 के स्कोर के साथ अंक तालिका में 9वें स्थान पर रहे। वह पोलैंड के टॉमास बार्टनिक से एक अंक कम हासिल करने के कारण क्वालिफिकेशन राउंड से बाहर हो गए। बार्टनिक का कुल स्कोर 1154 रहा।

शेरोन की बात करें तो उन्होंने नीलिंग और प्रोन पोजिशन में नियंत्रित शूटिंग करते हुए अच्छी शुरुआत की। लेकिन स्टैंडिंग पोजिशन में वह लगातार तीन सेट में 94 अंक हासिल करते हुए तीनों सीरीज़ में कुल 1147 स्कोर ही बना सके और 13वें स्थान के साथ अपना सफर खत्म किया।

महिलाओं का प्रदर्शन भी रहा निराशाजनक

महिलाओं की प्रतियोगिता में अंजुम मौदगिल गुणवत्ता के साथ प्रदर्शन करने के मामले में संघर्ष करती हुई नज़र आईं। मंगलवार को शुरुआत की दो सीरज़ में वह कुछ खास स्कोर नहीं बना पाईं।

भारत की अंजुम मौदगिल ने प्रोन पोजिशन में कुल 390 का स्कोर बनाया, लेकिन यह उन्हें फाइनल में पहुंचाने के लिए काफी नहीं रहा।

ओलंपिक कोटा हासिल करने वालीं पहली भारतीय निशानेबाज़ बनीं मौदगिल की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही। प्रतियोगिता की पहली सीरीज़ में वह 9एस और 8 पर निशाना लगाते हुए 92 के स्कोर तक ही पहुंच सकीं।

घुटने के बल निशाना लगाने की दूसरी सीरीज़ थोड़ी बेहतर रही। वह इस बार 377 का स्कोर हासिल करने में कामयाब रहीं। लेकिन चंडीगढ़ की इस निशानेबाज़ को पुतियान फाइनल में जगह बनाने के लिए और शक्तिशाली प्रदर्शन करने की जरूरत थी। हालांकि मौदगिल प्रोन पोजिशन में कुल 390 और स्टैंडिंग में 380 के स्कोर के साथ 13वें स्थान पर रहीं और क्वालिफिकेशन राउंड से बाहर हो गईं।

बुधवार को होने वाले मुकाबले

बुधवार को भारतीय निशानेबाज़ अनीश भानवाला (25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल), राही सरनोबत (25 मीटर पिस्टल) और मनु भाकर (25 मीटर पिस्टल) से सभी को उम्मीद रहेगी, जो अपने-अपने इवेंट में हिस्सा लेंगे।