भारतीय दिग्गज गोल्फ़र ज्योति रंधावा के पुत्र ने जीता अपना पहला गोल्फ़ ख़िताब

ज़ोरोवर रंधावा 8 बार के एशियन टूर विजेता ज्योति रंधावा और बॉलीवुड अदाकारा चित्रांगदा सिंह के सुपुत्र हैं।

लेखक सैयद हुसैन ·

भारतीय दिग्गज गोल्फ़र ज्योति रंधावा (Jyoti Randhawa) के साहिबज़ादे ज़ोरोवर रंधावा (Zorowar Randhawa) अपने पिता के ही नक़्श-ए-क़दम पर चल रहे हैं।

13 वर्षीय ज़ोरोवर ने गुरुवार को अपना पहला गोल्फ़ ख़िताब जीता, ये जीत उन्हें गुरुग्राम स्थित गोल्डेन ग्रीन्स गोल्फ़ क्लब में आयोजित चैंपियंस लिंक्स चैलेंज गोल्फ़ के टीन बॉयज़ बी (Teen Boys B Title) में हासिल हुई।

ये एक WGAR (वर्ल्ड एम्योचोर गोल्फ़ रैंकिंग ) इवेंट था जहां JGS (जूनियर गोल्फ़ स्कोरबोर्ड) रैंकिंग टूर्नामेंट में ज़ोरोवर ने 22-ओवर 166 का स्कोर किया। उन्होंने दो राउंड वाले इस इवेंट में रणवीर धूपिया (Ranveer Dhupia) के मुक़ाबले 6 शॉट से जीत हासिल की।

इस युवा खिलाड़ी ने पहले राउंड में 9-ओवर 81 का स्कोर किया जबकि दूसरे राउंड में 13-ओवर 85 के साथ पार-72 किया।

ज़ोरोवर ज्योति रंधावा और बॉलीवुड अदाकारा चित्रांगदा सिंह (Chitrangada Singh) के भी पुत्र हैं। ज्योति और चित्रांगदा 2001 में परिणय सूत्र में बंधे थे लेकिन 2014 में दोनों अलग भी हो गए थे।

ज्योति रंधावा 1990 से 2010 के बीच भारत के शीर्ष गोल्फ़रों में शुमार थे और वह 8 बार एशियन टूर के विजेता रहे थे। इतना ही नहीं वह OWGR (ऑफ़िशियल वर्ल्ड गोल्फ़ रैंकिंग्स) में 2004 और 2009 के दौरान दुनिया के शीर्ष 100 गोल्फ़रों में भी शामिल रहे हैं।

उन्होंने कई यूरोपियन टूर में भी शिरकत की है, जिनमें 7 बार वह टॉप-3 में भी रह चुके हैं।

ज्योति ने इससे पहले भी टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके पुत्र ज़ोरोवर भी प्रोफ़ेशनल गोल्फ़र बनना चाहते हैं।

“वह (ज़ोरोवर) भी एक प्रोफ़ेशनल गोल्फ़र बनना चाहते हैं। वह पूरी तरह से इसमें करियर बनाने को उत्सुक है। मेरे साथ भी वह कई टूर्नामेंट में गया है, उसमें सच में गोल्फ़ को जज़्बा है और वह गोल्फ़ में अपनी अलग पहचान बनाना चाहता है। मैं उसे गोल्फ़ के बारे में बताता रहता हूं, लेकिन वह मेरी सुनता नहीं है।“

चैंपियन लिंक्स के अन्य नतीजे

दक्ष शौक़ीन (Daksh Shokeen) ने मेंस एम्योचोर कैटेगिरी में 10-अंडर 206 के स्कोर के साथ ख़िताब अपने नाम किया। जबकि टीन बॉयज़ ए कैटेगिरी में राघव चुघ (Raghav Chugh) विजेता रहे।