कर्णम मलेश्वरी अपनी अकादमी में ऐसे एथलीट तैयार करना चाहती हैं जो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतें

भारत की इस पूर्व वेटलिफ़्टर की एक अकादमी हरियाणा में चल रही है और अब वह इसका विस्तार आंध्र प्रदेश में भी करने को तैयार हैं

सिडनी ओलंपिक 2000 में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाली कर्णम मलेश्वरी (Karnam Malleswari) ने अभी भी भारत को और पदक जिताने का ख़्वाब नहीं छोड़ा है।

कर्णम मलेश्वरी को भारत के लिए ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली महिला का सौभाग्य हासिल है और वह करोड़ों देशवासियों के लिए एक मिसाल हैं। मलेश्वरी अब अकादमी चलाती हैं जहां वह भारत के भविष्य को संवारने और तराशने का काम कर रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनकी अकादमी से आने वाले दिनों में ओलंपिक चैंपियन भी निकलेंगे।

द हिन्दु के साथ हाल ही में बातचीत के दौरान मलेश्वरी ने कहा, ‘’मैं चाहती हूं कि मेरे कुछ छात्र ओलंपिक पदक हासिल करें, ख़ासतौर से स्वर्ण पदक क्योंकि मैं नहीं जीत पाई थी।‘’

45 वर्षीय कर्णम ने 2004 में वेटलिफ़्टिंग से संन्यास ले लिया था, और फिर अपने वेटलिफ़्टर पति राजेश त्यागी (Rajesh Tyagi) के साथ तीन साल पहले हरियाणा के यमुनानगर में अपनी पहली वेटलिफ़्टिंग अकादमी खोली थी। मलेश्वरी अब इसी तरह और भी कई अकादमी खोलना चाहती हैं।

उन्होंने एक और इंटरव्यू में कहा था, ‘’मैं अभी एक अकादमी चला रही हूं, और अब एक और अकादमी खोलना चाह रही हूं जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर की होगी जहां क़रीब 300 बच्चे सीख सकेंगे।‘’

नई प्रतिभाओं को खोजना और तराशना

कर्णम मलेश्वरी ने अपने घरेलू राज्य आंध्र प्रदेश में एक जगह भी देख रखी है जहां वह अपनी दूसरी अकादमी खोलने जा रही हैं।

‘’कुछ दिनों पहले मैंने आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटों (विशाखापट्टनम, विज़ियानगरम और श्रीकाकुलम) का दौरा किया था जहां वेटलिफ़्टिंग में कई प्रतिभाएं मौजूद हैं। मैंने कईयों को देखा और परखा जो आगे चलकर देश का नाम रोशन कर सकते हैं। युवाओं को समर्थन की दरकार होती है और यही वजह है कि मैं उन प्रतिभाओं के लिए आंध्र प्रदेश में एक अकादमी खोलना चाहती हूं जहां से ओलंपिक चैंपियन बना सकूं।‘’

अकादमी के लिए क़ागज़ पर तो सारी तैयारी पूरी कर ली गई है, बस उसे ज़मीन पर लाने भर की देरी है।

इस महीने की शुरुआत में ही कर्णम मलेश्वरी की ज़िंदगी पर आधारित एक बायोपिक बनने की घोषणा हुई है। जिसे जानी मानी निर्देशक संजना रेड्डी निर्देशित करेंगी और फ़िल्म के निर्माता कोना वेंकट और एमवीवी सत्यनारायण होंगे। ये बायोपिक पहले तेलुगू भाषा में बनेगी जिसके बाद इसे हिन्दी और तमिल में डब किया जाएगा।

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