कर्णम मल्लेश्वरी बायोपिक: संघर्ष की एक कहानी, जो युवाओं को करेगी प्रेरित

ये बायोपिक साल 2000 सिडनी ओलंपिक में कांस्य जीतने वाली भारत की पहली व्यक्तिगत महिला खिलाड़ी और वेटलिफ्टर कर्णम मल्लेश्वरी की जिंदगी के उतार-चढ़ाव को प्रदर्शित करेगी।

सिडनी ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता कर्णम मल्लेश्वरी (Karnam Malleswari) की जिंदगी पर बायोपिक बनाई जा रही है और इस एथलीट को लगता है कि उनकी फिल्म भारतीय सिनेमा की किसी लव स्टोरी जैसी ना होकर उनकी मेहनत और बलिदान को दिखाते हुए युवाओं को प्रेरित करेगी। 

2000 की ओलंपिक कांस्य पदक विजेता के जीवन पर आधारित बायोपिक को जून में हरी झंडी मिल गई थी। यह फिल्म तेलुगू निर्देशक संजना रेड्डी द्वारा निर्देशित की जाएगी। इस फिल्म के माध्यम से भारत की पहली ओलंपिक महिला व्यक्तिगत पदक विजेता की जिंदगी को सभी के सामने दिखाया जाएगा कि कैसे आंध्र प्रदेश के छोटे से गांव से निकलर उन्होंने ओलंपिक पदक के सपने को पूरा किया।

ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता ने आउटलुक से बातचीत के दौरान बताया, “वेटलिफ्टिंग एक ऐसा खेल है जो जमीन से जुड़ा होता है। बायोपिक में कोई प्रेम कहानी नहीं होगी, लेकिन हां इसमें मेरी कड़ी मेहनत और वास्तविकता को अच्छे से दिखाया जाएगा। इस फिल्म में छिपाने के लिए कुछ भी नहीं होगा”।

मल्लेश्वरी ने स्वीकार किया कि निर्माता को फिल्म में जीवन की कहानी के साथ न्याय करते हुए सभी पहलू अच्छे से दिखाने होंगे। उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें पहले ही कह दिया है कि फिल्म में केवल कर्णम मल्लेश्वरी की कहानी दिखाई जाएगी”।

 सफलता और संघर्ष के बीच का फासला

ओलंपिक पदक विजेता, दो बार की वर्ल्ड चैंपियन और दो बार एशियन गेम्स की सिल्वर पदक विजेता, इस खिलाड़ी के पास जिंदगी में जश्न मनाने के कई मौके आएं।

अब 45 साल की ये एथलीट चाहती हैं कि फिल्म में उनकी सफलता के साथ ही उनके संघर्ष और मुश्किल परिस्थिति को भी अच्छे से दिखाया जाए, ताकि लोगों को पता चल सके कि ये खिलाड़ी कौन है।

कर्णम मल्लेश्वरी ने आगे बताया, “पदक जीतने के बाद सभी एथलीट की तारीफ करते हैं लेकिन हर कोई पदक के लिए की गई मेहनत को नहीं जानता कि इसके लिए कितनी मुश्किलों का सामना किया जाता है।”

इसके अलावा उन्होंने कहा, “कोई भी ऐसा खिलाड़ी नहीं है जो अपने पूरे जीवन में सब कुछ जीता हो। अक्सर व्यक्ति असफलता का सामना करता है और हार को स्वीकार करता है। मेरी बायोपिक में दिखाया जाएगा कि कैसे मैंने इन सभी नकारात्मक चीजों को संभाला।”

कर्णम मलेश्वरी ने सिडनी 2000 में इतिहास रचते हुए पोडियम तक पहुंची थी
कर्णम मलेश्वरी ने सिडनी 2000 में इतिहास रचते हुए पोडियम तक पहुंची थीकर्णम मलेश्वरी ने सिडनी 2000 में इतिहास रचते हुए पोडियम तक पहुंची थी

युवाओं को प्रेरित करेगी फिल्म

कर्णम मल्लेश्वरी को भी अपने जीवन की कहानी को करीब से देखने की उम्मीद है, जिसने गरीबी के खिलाफ लड़ाई जीतते हुए  भारतीय खेल इतिहास पर एक पक्की छाप छोड़ी, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने में मदद करेगी।

पूर्व वेटलिफ्टर ने बताया कि “मेरा यह मानना है कि अगर मुझ पर एक फिल्म बनाई जाए तो उसे भविष्य के खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरक के रूप में काम करना चाहिए। ज्यादातर गरीब पृष्ठभूमि के लोग वेटलिफ्टिंग को ही करियर के रूप में चुनते है। अमीर परिवार के बच्चे ज्यादातर महंगे खेलों को चुनते हैं लेकिन गरीब और ज़रूरतमंद परिवार वेटलिफ्टिंग को चुनते हैं।”

फिल्म के लिए कास्ट फाइनल होना बाकी है। अब तक, भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar), तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) और राकुल प्रीत सिंह (Rakul Preet Singh) को मुख्य भूमिका निभाते हुए देखा जाएगा।

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