कर्णम मल्लेश्वरी को उम्मीद है कि मीराबाई चानू ओलंपिक में जीतेंगी पदक

ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला का मानना है कि मीराबाई चानू ने रियो 2016 से बहुत कुछ सीखा है और वह टोक्यो ओलंपिक में पदक जीत सकती हैं।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक में साल 2000 में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया और वह ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उनका मानना ​​है कि मीराबाई चानू टोक्यो 2020 में पदक जीतने की क्षमता रखती हैं।

मीराबाई चानू फायरवुड उठाने से अपना सफर तय करते हुए वेटलिफ्टिंग में पहुंचीं। उन्होंने दिसंबर में छठे कतर अंतरराष्ट्रीय कप में स्वर्ण पदक हासिल करने से पहले सितंबर में 2019 वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में अपने आपको अगले स्तर में पहुंचाया। उनके हालिया प्रदर्शन काफी शानदार रहे हैं।

कर्णम मल्लेश्वरी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मैं इस साल ओलंपिक में मीराबाई चानू से बहुत अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रही हूं। उन्होंने पिछले ओलंपिक से बहुत कुछ सीखा है, और मुझे यकीन है कि वह इस साल पदक जीतेंगी।"

महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में 2016 के रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के बाद, मणिपुर की यह एथलीट क्लीन एंड जर्क वर्ग में अपने तीनों प्रयासों में असफल रही थी, लेकिन वह अनुभव उन्हें 2020 ओलंपिक खेलों में पदक जीतने में सहायता करेगा।

सिडनी में 2000 के ओलंपिक खेलों में 69 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग श्रेणी में कांस्य पदक जीतने वाली कर्णम मल्लेश्वरी ने क़तर इंटरनेशनल कप प्रदर्शन के बाद पीटीआई से बात करते हुए कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई चानू अच्छा प्रदर्शन करेंगी। वह पिछले तीन वर्षों से अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। मुझे यकीन है कि वह भारत के लिए पदक लाएंगी।”

रियो 2016 के बाद से मीराबाई चानू की प्रगति

मीराबाई चानू ने 2016 ओलंपिक खेलों में मिली असफलता के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के अनाहेम में 2017 वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के साथ अपनी शानदार वापसी की।

उन्होंने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक के साथ अपनी प्रगति का प्रमाण दिया और इन खेलों में रिकॉर्ड तोड़ने के साथ ही साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया।

वहां से वह 2019 वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में पहुंचीं, जहां उन्होंने एक व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाय और क़तर इंटरनेशनल कप में एक स्वर्ण के साथ वर्ष का समापन किया।

कर्णम मल्लेश्वरी को मिले कई अवसर

कर्णम मल्लेश्वरी को लगता है कि हाल के वर्षों में प्रदर्शन का स्तर अधिक से अधिक प्रतियोगिताओं की बदौलत भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए बहुत सकारात्मक रहा है।

मल्लेश्वरी कहती हैं, "अब युवा, जूनियर और सीनियर वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताएं हैं। जब हम जूनियर वर्ग में थे, तो हम किसी भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए नहीं गए थे। अब एथलीटों के पास युवा ओलंपिक में भी भाग लेने का मौका है।”

मीराबाई चानू 2020 नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भाग लेंगी, जो 3 फरवरी (सोमवार) को कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में होने वाली है।