अब खेलो इंडिया से भारत के चैंपियंस को बनाने की प्रक्रिया होगी शुरू

1,000 खेलो इंडिया सेंटर को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। जहां 14 खेलों के अलावा ओलंपिक में खेले जाने वाले खेलों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

भारत में खेल करियर को अधिक आकर्षक बनाने के लिए, खेल मंत्रालय ने देश भर में जिला स्तर पर 1,000 खेलो इंडिया सेंटर (KIC) स्थापित करने का निर्णय लिया है।

विभिन्न श्रेणियों में पूर्व चैंपियंस या तो इन केंद्रों को चलाएँगे या कोच के रूप में अपने संबंधित क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने के उद्देश्य से योगदान देंगे।

इन केंद्रों पर 14 खेलों के साथ-साथ उन खेलों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिन खेलों को ओलंपिक में ज्यादा पहचान मिली है। जिन्हें आइडेंटिफाइड स्पोर्ट्स फॉर एक्सीलेंस इन ओलंपिक (Identified Sports for Excellence in Olympics) कहा जाता है। जिसमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाज़ी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, शूटिंग, टेबल टेनिस, भारोत्तोलन और कुश्ती शामिल हैं।

ज़मीनी स्तर के खेल को मजबूत करने के अलावा, खेल मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) का यह निर्णय राष्ट्रीय स्तर के एथलीटों की गरिमा और वित्तीय सहायता में मदद करेगा।

उन्होंने कहा, "जैसा कि हम भारत को एक खेल महाशक्ति बनाने का प्रयास कर रहे हैं, उनमें से एक चीज जो हमें सुनिश्चित करनी है, वो है युवाओं के लिए एक खेल को कैरियर के विकल्प के रूप में बनाना।"

उन्होंने कहा, “जब खेल एथलीट के जीवन को चलाने का साधन बन जाएगा, तभी खेल को खेलने के लिए उनके माता-पिता अपने बच्चों को इसे कैरियर विकल्प के रूप में चुनने की अनुमति देने के लिए प्रेरित होंगे।

उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि, "ये ही प्रतिभा को ढूंढने का एकमात्र सबसे अच्छा तरीका है, अन्यथा कोई भी करियर विकल्प के तौर पर किसी दूसरी चीज को अपना सकता है।"

किरेन रिजिजू ने कहा कि विदेशी कोचों का क़रार इसके बाद NSF के रिव्यू पर निर्भर करेगा।
किरेन रिजिजू ने कहा कि विदेशी कोचों का क़रार इसके बाद NSF के रिव्यू पर निर्भर करेगा।किरेन रिजिजू ने कहा कि विदेशी कोचों का क़रार इसके बाद NSF के रिव्यू पर निर्भर करेगा।

जैसी उपलब्धि, वैसी पहचान

मंत्रालय ने पूर्व चैंपियन की पहचान करने के लिए चयन प्रक्रिया शुरू

करके या तो ऐकेडमी शुरू करने या खेलो इंडिया सेंटर्स (Khelo Indian Centres) में कोच बनने के लिए प्रक्रिया शुरू की है।

एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य और विश्वविद्यालय स्तर पर उनकी उपलब्धियों के आधार पर चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

जहां पहली श्रेणी में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एथलीट होंगे, वहीं दूसरी श्रेणी में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप टूर्नामेंटों में या खेलो इंडिया गेम्स में पदक जीतने वाले एथलीट होंगे।

इसके बाद तीसरी श्रेणी में नेशनल ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के पदक विजेता होंगे और चौथी श्रेणी में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप या खेलो इंडिया गेम्स में प्रतिस्पर्धा करने वाले राज्य स्तरीय एथलीट शामिल होंगे।

जबकि नए खेलो इंडिया केंद्रों की पहचान करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र को KIC में भी परिवर्तित किया जा सकता है, इसे संचालित करने के लिए पूर्व चैंपियन की भर्ती की जा सकती है।

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