रोमाचंक तरीके से हुआ खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का समापन

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में इस बार विविधता, उत्साह और खुशी देखने को मिली और इसी वजह से उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में ऐसे इवेंट ज्यादा होंगे।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (KIUG) का समापन रविवार को हो गया है। अंतिम दिन भी पंजाब यूनिवर्सिटी (Panjab University) और सावित्रिबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (Savitribai Phule Pune University) के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला।

अंतिम दिन पंजाब यूनिवर्सिटी पुणे से केवल एक गोल्ड पीछे थी लेकिन उन्होंने बॉक्सिंग में 2 गोल्ड जीतते हुए स्थिति पूरी तरह से पलट दी। पुणे यूनिवर्सिटी आखिरी दिन केवल एक मेडल जीत पायी।

दोनों ही यूनिवर्सिटी ने 17 गोल्ड मेडल जीते लेकिन पंजाब कुल 46 मेडल के साथ शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रहा। वहीं पुणे यूनिवर्सिटी ने कुल 37 मेडल अपने नाम किए। इसके बाद तीसरा स्थान पंजाब यूनिवर्सिटी पटियाला का आता है, जिसने 33 मेडल जीते।

दुती चंद की स्वर्णिम दौड़

पंजाब यूनिवर्सिटी की रोमांचक जीत के साथ दिन की सुर्खियां भारतीय स्टार धावक दुती चंद (Dutee Chand) ने बटोरी। शनिवार को 100 मीटर की दौड़ में प्रथम स्थान पर पहुंचने और नया राष्ट्रीय विश्वविद्यालय रिकॉर्ड स्थापित करने के बाद दुती चंद ने 200 मीटर में भी अपना जलवा दिखाया। कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) (Kalinga Institute of Industrial Technology’s (KIIT) का प्रतिनिधित्व कर रही दुती ने 200 मीटर में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

सावित्रिबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी को मात देते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का पहला संस्करण अपने नाम किया।  

दुती चंद ने कहा कि "मुझे लगता है कि भारत में हर महीनें दो प्रतियोगिताएं होनी चाहिए। जितनी अधिक प्रतिस्पर्धा होगी, हम उतना ही बेहतर करेंगे। केवल प्रशिक्षण से मदद नहीं मिलेगी बल्कि टू्र्नामेंट में हिस्सा लेना बेहतर होगा”

इसके अलावा दुती ने कहा कि “ उड़ीसा सरकार ने इस टूर्नामेंट का आयोजन शानदार तरीके से किया है। ये वैसा बिल्कुल वैसा ही था जैसा एशियन गेम्स होता है। खाना, रहना और ट्रेनिंग बिल्कुल वैसी ही थी”

भारत के खेलमंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि यूथ गेम्स के साथ खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन लगातार होता रहे। यह वह रास्ता है, जिससे होकर खिलाड़ी ओलंपिक में मेडल जीत सकता है।”

कई बड़े रिकॉर्ड बनें

इसके पहले कोमल जगड़े (Komal Jagade) ने स्टीपलचेज़ (बाधा दौड़) में एक नया यूनिवर्सिटी रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस खिलाड़ी ने 10 मिनट 26.63 सेकेंड में रेस पूरी की और सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी को एक गोल्ड मेडल जिताने में अहम भूमिका निभाई।

वहीं कर्नाटक की लॉ यूनिवर्सिटी के अक्षत (Akshatha) ने भी हेप्टाथलान में कांस्य पदक जीतकर मेडल लिस्ट में अपना नाम शामिल कराया। वहीं मेडिकल की छात्रा दामिनी गौड़ा (Damini Gowda) ने तैराकी में तीन स्वर्ण पदक जीते।

प्रतिभागियों का प्रदर्शन

उद्घाटन खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में 64 विश्वविद्यालयों ने स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया जबकि 113 मेडल जीतने में सफल रहे।

 तैराकों  ने लगाई नैया पार

इस प्रतियोगिता में तैराकों का जलवा देखने को मिला। सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की साध्वी धूरी (Sadhvi Dhuri) और पंजाब विश्वविद्यालय के सिद्धांत सेजवाल ( Siddhant Sejwal ) ने प्रत्येक में पांच स्वर्ण पदक जीते।