खेलो इंडिया में उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ते हुए अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा महाराष्ट्र

अंडर-21 बॉयज़ 5000 मीटर रेस का फ़ाइनल रहा बेहद रोमांचक, उपाषा तलुकदार ने असम को जिताए 3 पदक

लेखक सैयद हुसैन ·

खेलो इंडिया का दूसरा दिन बेहद रोमांचक रहा जहां एक साथ तीन एथलिटों ने चार चार स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया, और एथलीट के मैदान में कुल 7 रिकॉर्ड भी टूटते हुए नज़र आए।

अब तक महाराष्ट्र अंक तालिका में सबसे ऊपर क़ाबिज़ है, उसके नाम 27 पदक हो चुके हैं जिनमें 7 स्वर्ण, 8 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। और इसमें सबसे बड़ा योगदान रहा जिम्नास्ट असमी अंकुश बदाले का, जिन्होंने अंडर-17 गर्ल्स कैटेगिरी में कुल 4 व्यक्तिगत स्वर्ण और एक रजत पदक भी अपने नाम किया। असमी को सिर्फ़ उनकी साथी एथलीट श्रेया भंगाले से क्लब्स फ़ाइनल में हार मिली।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली को 12-12 पदक हासिल हुए, लेकिन उत्तर प्रदेश के नाम 6 जबकि दिल्ली के नाम 5 स्वर्ण पदक है, इसलिए अंक तालिका में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर आ गई है। यूपी के लिए 6 में से 4 स्वर्ण पदक जिम्नास्ट जतिन कुमार कनौजिया ने दिलाए, जिन्होंने अंडर-17 बॉयज़ में अपना दबदबा क़ायम रखा।

गुजरात के नाम अब तक चार स्वर्ण पदक हैं, और अंक तालिका में भी ये राज्य चौथे स्थान पर है। जिसमें से तीन स्वर्ण जूडो में आए, जबकि चौथा स्वर्ण पदक दिन के सबसे यादगार लम्हों में से एक रहा।

अंडर-21 बॉयज़ 5000 मीटर रेस के गत विजेता गुजरात के अजीत कुमार यादव ने फ़ाइनल में प्रतिस्पर्धा को कुछ हल्के में ले लिया था, जिसके बाद सुनील दावर ने आख़िरी पल में ज़बरदस्त दौड़ के साथ उन्हें क़रीब क़रीब दूसरे नंबर ला खड़ा किया था। ये इतना नज़दीकी मामला हो गया था कि फ़ोटो फ़िनिश कैमरे के ज़रिए विजेता का फ़ैसला हुआ और अजीत कुमार ने नए कीर्तिमान यानी 14:39.99 की टाइमिंग के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।

त्रिपुरा अंक तालिका में पांचवें पायदान पर आ गया है, उन्हें कुल 5 पदक हासिल हुए जिनमें से चार गोल्ड मेडल अकेले प्रियंका दासगुप्ता ने अंडर-17 गर्ल्स कैटेगिरी में जीता।

असम को मिले तीन पदक

मेज़बान राज्य असम को तीन पदक हासिल हो चुके हैं, और ये सभी के सभी जिम्नास्ट ऊपाषा तालुकदार ने जीते हैं। उन्होंने अंडर-17 गर्ल्स कैटेगिरी में एक रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किया, हालांकि वह ख़ुशनसीब रहीं कि रिदेमिक जिम्नास्टिक इवेंट में तीसरे स्थान पर आ गईं।

प्रतियोगिता के नियमानुसार एक राज्य से केवल दो ही एथलीट किसी एक इवेंट में पदक जीत सकते हैं। इसलिए जब इस इवेंट के स्वर्ण और रजत पदक महाराष्ट्र की मैत्रेयी सेलुकर और निशका चिंतामनी ने जीत लिया था और एक बार फिर वह तालुकदार से आगे थीं, नतीजा उसी इवेंट में तीसरा पदक उन्हें नहीं मिला और तालुकदार को एक और कांस्य पदक हासिल हुआ।

दो क्लीन स्वीप

दूसरे दिन दो दो क्वीन स्वीप भी देखने को मिले, जहां मध्य प्रदेश ने अंडर-17 बॉयज़ के जेवलिन थ्रो के तीनों पदक अपने नाम किए, और इसी चीज़ को हरियाणा ने अंडर-21 बॉयज़ 400 मीटर में दोहराया।

मध्यप्रदेश के विवेक कुमार ने अंडर-17 जेवलिन थ्रो की क्लीन स्वीप का नेतृत्व किया और उनका पोडियम पर साथ दिया रिंकू यादव और मोहम्मद आरिफ़ मंसूर ने, इसी तरह हरियाणा के लिए विक्रांत पंचाल, अमित बलियान और अयूष दाबस ने अंडर-21 बॉयज़ 400 मीटर में सभी पदकों पर कब्ज़ा किया। इस दौरान पंचाल ने 47.99 सेकंड्स के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया।

नए कीर्तिमान

अंडर-21 बॉयज़ 400 मीटर: विक्रांत पंचाल (हरियाणा) 47.99 सेकंड्स, पुराना रिकॉर्ड 48.74, अदेश गर्शा, पुणे, 2019

अंडर-21 बॉयज़ 5000 मीटर: अजीत कुमार यादव (गुजरात) 14:39.99, पुराना रिकॉर्ड 14:54.66, अजीत कुमार यादव, पुणे, 2019

अंडर-21 बॉयज़ जेवलिन थ्रो: यशवीर सिंह (हरियाणा) 75.59 मीटर, पुराना रिकॉर्ड 67.84 मीटर, पी मणु, पुणे, 2019

अंडर-21 गर्ल्स 5000 मीटर: अंकिता (उत्तराखंड) 16:38.75, पुराना रिकॉर्ड 17:51.00, पूणम सोनुने, पुणे, 2019

अंडर-17 बॉयज़ 3000 मीटर: अर्जुन वस्काले (मध्यप्रदेश) 8:31.97, पुराना रिकॉर्ड 8:48.79, विशाल मकवाना, पुणे, 2019

अंडर-17 बॉयज़ लॉन्ग जंप: सोहैल अख़्तर (मध्यप्रदेश) 7.16 मीटर, पुराना रिकॉर्ड 7.13, पी डेविड, पुणे, 2019

अंडर-17 गर्ल्स 3000 मीटर: सुप्रीति कछप (झारखंड) 10:00.02, पुराना रिकॉर्ड 10:03.25, पुणे, 2019